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Asian Games 2018: विरोधियों को 'टॉप चुनौती' देने को तैयार हैं भारतीय हॉकी टीमें!

टीमों की तैयारी को लेकर पूर्व हॉकी कप्तान सरदार सिंह औऱ महिला टीम की उपकप्तान सविता से बातचीत

Updated On: Aug 10, 2018 09:23 PM IST

Riya Kasana Riya Kasana

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Asian Games 2018: विरोधियों को 'टॉप चुनौती' देने को तैयार हैं भारतीय हॉकी टीमें!

जकार्ता में हो रहे 18वें एशियन गेम्स में देश कई खिलाड़ियों से गोल्ड की उम्मीद कर रहा है. भारत की हॉकी टीमें गोल्ड के प्रबल दावेदारों के रूप में चुनौती देने उतरेगी. जकार्ता में भारत की हॉकी टीमों से फैंस को बहुत उम्मीदें हैं. दोनों टीमों के हाल के प्रदर्शन को देखकर दिग्गज भी टीम से गोल्ड की उम्मीद कर रहे हैं.

एशियन गेम्स में दोनों ही टीमें टॉप रैंक टीम के तौर पर मैदान पर उतरेंगी. रैंकिंग में एक स्थान का सुधार करके जहां पुरुष टीम विश्व में पांचवें नंबर पर हैं. वहीं महिला टीम अपनी भी अपनी सर्वोच्च रैंकिंग हासिल करने के बाद बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ खेलगी. शुक्रवार को भारतीय दल के रवानगी समारोह में पहुंचे भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने फर्स्टपोस्ट से बातचीत की और टीम की तैयारियों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि टीम किसी भी विरोधी को हल्के में नहीं ले रही है. उनके लिए हर टीम इस वक्त बराबरी पर है.

उन्होंने कहा, ‘महिला वर्ल्ड कप में 16वीं रैंक की टीम आयरलैंड ने फाइनल खेला, यह दर्शाता है कि किसी भी टीम को कमजोर नहीं आंका जा सकता. इसलिए हमारे लिए कोई विरोधी कमजोर नहीं है.’ टीम में सबसे अनुभवी खिलाड़ी होने के नाते सरदार को अपनी जिम्मेदारी का अहसास है. हालांकि उन्हें लगता है कि युवाओं के प्रदर्शन ने उनके ऊपर से इस जिम्मेदारी को कम कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘आप भले ही टीम में सबसे अनुभवी हों, लेकिन मैदान पर अगर आपके आस-पास मनप्रीत सिंह और रोहिदास जैसे शानदार खिलाड़ी हो तो आप पर दबाव नहीं रहता. जरूरी होता है कि आप युवाओं पर भरोसा करें.’

Sardar Singh in action against Ireland

टीम की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा कि टीम के हर ट्रेनिंग सेशन के साथ पेनल्टी शूटआउट के लिए अलग से सेशन किए जा रहे हैं. इस साल के अंत में टीम को वर्ल्ड कप भी खेलना है, ऐसे में एशियन गेम्स में टीम को अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिलेगा.

वर्ल्ड कप के अनुभव के बाद बढ़ा है महिला टीम का आत्मविश्वास

वहीं वर्ल्ड कप खेलकर आई महिला हॉकी टीम अपने उस अनुभव और बढ़े हुए आत्मविशवास के साथ खेलने वाली है. रानी रामपाल की इस टीम ने पिछले एक साल के शानदार प्रदर्शन की बदौलत हाल ही में अपनी सर्वोच्च रैंकिंग हासिल की है. गोलकीपर और उपकप्तान सविता ने बताया कि टीम इस वक्त अच्छा खेल दिखा रही है और वे उसे एशियन गेम्स में भी कायम रखने की कोशिश करेंगे. सविता ने कहा, ‘हम दो साल से कड़ी ट्रेनिंग कर रहे हैं जिसका असर अब हमारे परिणाम पर दिखने लगा है. टीम एशियन गेम्स में टॉप टीम बनकर उतरेगी और इसे सही साबित करके गोल्ड लाएगी.’

women hockey

कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले हरेंद्र सिंह के साथ कोचिंग करने वाली महिला टीम श्योर्ड मरीन्ये के साथ ट्रेनिंग कर रही है. कोच के बदलाव को लेकर सविता बिलकुल सहज दिखीं, उन्होंने कहा कि मरीन्ये के साथ हम पहले भी सात महीने ट्रेनिंग कर चुके हैं इस वजह से हमें ज्यादा मुश्किल नहीं हुई. अगर उनकी जगह कोई और कोच होता तो उन्हें हमें समझने में वक्त लगता. मरीन्ये टीम को समझते हैं और हर समय आत्मविश्वास बढ़ाते रहते हैं.’

सविता ने कहा कि टीम भले ही एशिया की टॉप रैंकिंग वाली टीम हो लेकिन वह किसी को हल्के में नहीं ले रही. उन्होंने कहा कि टीम का पहला लक्ष्य अपने पूल में टॉप करने का है जहां उसे कोरिया से चुनौती मिलने वाली है. टीम के पास गोल्ड जीतकर 2020 टोक्यो ओलिंपिक के लिए सीधा प्रवेश हासिल करने का मौका है.

दोनों टीमें अपनी ट्रेनिंग को लेकर आश्वस्त हैं वहीं देश को भी उनसे उम्मीदें है.

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