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69 मेडल@69 कहानियां: शरीर नहीं दे रहा था दुष्यंत का साथ पर टूटने नहीं दी हिम्मत और हासिल की जीत

कहानी 48: भारत को ब्रॉन्‍ज मेडल दिलाने वाले दुष्‍यंत जब पानी में उतरे थे, तो वो बहुत ज्‍यादा बीमार थे

Updated On: Sep 15, 2018 02:03 PM IST

FP Staff

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69 मेडल@69 कहानियां: शरीर नहीं दे रहा था दुष्यंत का साथ पर टूटने नहीं दी हिम्मत और हासिल की जीत

भारतीय रोअर दुष्यंत चौहान ने एशियन गेम्स 2018 में पुरुषों की लाइटवेट सिंगल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश के लिए ऐतिहासिक मेडल जीता. दुष्यंत चौहान का मेडल मौजूदा एशियाई खेलों में रोइंग इवेंट में पहला मेडल रहा. हालांकि इस मेडल तक की उनकी राह आसान नहीं थी.

दुष्यंत ने 1000 मीटर का सफर सिर्फ 3:36.22 के समय में पूरा किया. वहीं 1500 मीटर की दूरी उन्होंने 5:26.02 के समय में पूरी की. इस तरह उन्होंने 7:18.76 के समय में लाइटवेट सिंगल स्कल्स स्पर्धा पूरी की. कोरिया के ह्यूनसु पार्क और हांगकांग के चुन गन चियु ने इस स्पर्धा में क्रमश: गोल्ड व सिल्वर मेडल जीता.

भारत को ब्रॉन्‍ज मेडल दिलाने वाले दुष्‍यंत जब पानी में उतरे थे, तो वो इतने ज्‍यादा बीमार थे कि माना जा रहा था कि उनके लिए रेस पूरा करना भी मुश्किल होगा, लेकिन उन्‍होंने न सिर्फ रेस पूरी की, बल्कि भारत को ब्रॉन्‍ज मेडल भी दिलाया. शुरुआत से लेकर फिनिश लाइन तक उन्‍होंने खुद को टूटने नहीं दिया और अपने साथ भारत की भी उम्‍मीदों को कायम रखा, लेकिन जैसे ही वह तीसरे नंबर पर फिनिश लाइन पर पहुंचे, उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई. दुष्यंत रेस खत्म करने के बाद गिर गए. वहां मौजूद लोग दुष्यंत को देखकर घबरा गए. इसके बाद दुष्यंत को स्ट्रेचर पर ले जाया गया. फिनिश लाइन के बाद उन्‍हें ऑक्‍सीजन और ड्रिप्‍स चढ़ाई गई. यहीं नहीं व्‍हील चेयर से उन्‍हें लाया गया. रोइंग ने एक और ब्रॉन्‍ज मेडल भगवान सिंह और रोहित ने लाइटवेट डबल स्कल्स में दिलाया.

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