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Asian games 2018: क्‍या है हमारे रोइंग खिलाड़ियों के जज्‍बे की कहानी, जिसे पूरी दुनिया कर रही है सलाम

रोइंग में भारत ने एशियन गेम्‍स में दूसरी बार गोल्‍ड मेडल जीता

Updated On: Aug 24, 2018 11:03 PM IST

FP Staff

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Asian games 2018: क्‍या है हमारे रोइंग खिलाड़ियों के जज्‍बे की कहानी, जिसे पूरी दुनिया कर रही है सलाम

एशियन गेम्‍स में भारत को सबसे बड़ा झटका कबड्डी टीम के बाहर होने जाने लगा. पांचवें दिन भारत की पुरुष कबड्डी टीम एशियाड के इतिहास में पहली बार गोल्‍ड जीतने से चूक गई और ब्रॉन्‍ज से ही संतोष करना पड़ा, जिसे हर भारतीय के लिए स्‍वीकार करना मुश्किल रहा. पूरे दिन फैली रही इस निराशा को छठे दिन हमारी रोइंग टीम ने जश्‍न में बदल दिया. जिस टीम से शायद ही किसी भारतीय ने मेडल की उम्‍मीद भी नहीं की थी, उसी टीम ने इतिहास रचते हुए एक गोल्‍ड और दो ब्रॉन्‍ज सहित कुल तीन मेडल भारत की झोली में डाल दिए. रोइंग के इतिहास में भारत को यह दूसरा गोल्‍ड मेडल है. भारतीय टीम ने बड़ी टीमों को मात देकर पूरे देश का ध्‍यान भी अपनी ओर खींचा, लेकिन इस समय न सिर्फ देश का, बल्कि दुनिया के खेल प्रेमी भी भारत की इस रोइंग टीम के जज्‍बे को सलाम कर रहे हैं. दरअसल भारतीय टीम के कुछ खिलाडि़यों ने बुखार में होने के बाद भी अपनी न सिर्फ पूरी की, बल्कि देश का झंडा उपर भी किया. वो बात अलग है कि रेस खत्‍म होते ही फिनिश लाइन पर हमारे इन खिलाडि़यों को ऑक्‍सीजन दिया गया और व्‍हीलचेयर से लाया गया. शायद उनके इस जज्‍बे ने उनके मेडल की कीमत को और अधिक बढ़ा दिया है.

 

rowing team 1

भारत को दत्‍तू भोकानाल, स्‍वर्ण सिंह, ओमप्रकाश और सुखमीत सिंह रोइंग मैन्‍स टीम ने गोल्‍ड दिलाया, लेकिन इस गोल्‍ड टीम के स्‍टार दत्‍तू के लिए पोडियम तक पहुंचना आसान नहीं था. वह बुखार में थे और जिस कारण पांचवें दिन वह पुरुष एकल स्‍कल्‍स में छठें स्‍थान पर भी रहे थे और उनकी खराब तबीयत को ध्‍यान में रखते हुए उन्‍हें टीम से बाहर किए जाने के लिए सोचा जा रहा था, लेकिन उन्‍हें मौका दिया और दत्‍तू ने इस फैसले को सही भी साबित किया. रोइंग टीम के इस जज्‍बे के दत्‍तू सिर्फ अकेले ही उदाहरण नहीं हैं. भारतीय टीम ने 6:17:17के वक्त के साथ यह गोल्ड अपने नाम किया.

Palembang: Bronze medal winner Indian rower Dushyant being taken for medical help after feeling uneasyness during the medal ceremony for the Lightweight Men's Single Sculls (LM1x) at the 18th Asian Games Jakarta Palembang 2018, in Indonesia on Friday, Aug 24, 2018. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI8_24_2018_000048B)

भारत को ब्रॉन्‍ज मेडल दिलाने वाले दुष्‍यंत जब पानी में उतरे थे, तो वो इतने ज्‍यादा बीमार थे कि माना जा रहा था कि उनके लिए रेस पूरा करना भी मुश्किल होगा, लेकिन उन्‍होंने न सिर्फ रेस पूरी की, बल्कि भारत को ब्रॉन्‍ज मेडल भी दिलाया. शुरुआत से लेकर फिनिश लाइन तक उन्‍होंने खुद को टूटने नहीं दिया और अपने साथ भारत की भी उम्‍मीदों को कायम रखा, लेकिन जैसे ही वह तीसरे नंबर पर फिनिश लाइन पर पहुंचे, उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई. फिनिश लाइन के बाद उन्‍हें ऑक्‍सीजन और ड्रिप्‍स चढ़ाई गई. यहीं नहीं व्‍हील चेयर से उन्‍हें लाया गया. रोइंग ने एक और ब्रॉन्‍ज मेडल भगवान सिंह और रोहित ने लाइटवेट डबल स्कल्स में दिलाया.

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