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आर्टिस्टिक जिम्‍नास्टिक्‍स वर्ल्ड चैंपियनशिप: अब साई के 'खेल' में फंसे भारतीय जिम्‍नास्‍ट!

इस चैंपियनशिप के लिए ट्रायल को लेकर बना संशय खत्‍म होने के बाद अब जिम्‍नास्‍ट ने सामने यह परेशानी खड़ी हो गई है

Updated On: Sep 28, 2018 10:02 PM IST

Bhasha

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आर्टिस्टिक जिम्‍नास्टिक्‍स वर्ल्ड चैंपियनशिप: अब साई के 'खेल' में फंसे भारतीय जिम्‍नास्‍ट!

दोहा के होने वाले आर्टिस्टिक जिम्‍नास्टिक्‍स वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए भारतीय जिम्‍नास्‍टों की समस्‍या थमने का नाम ही नहीं ले रही. पिछले सप्‍ताह टूर्नामेंट के हिस्‍सा लेने पर बना संशय खत्‍म होने के बाद अब खिलाडि़यों के सामने एक नई समस्‍या पैदा हो गई है. दरअसल चैंपियनशिप में हिस्‍सा लेने के लिए ट्रायल में पहुंचे जिम्‍नास्‍टों को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के उस निर्देश ने परेशानी में डाल दिया, जिसमें कहा गया कि चयन के लिए खिलाड़ियों को उनके व्यक्तिगत स्पर्धा की जगह ऑल राउंड जिम्‍नास्टिक्‍स में खुद को साबित करना होगा.

गौरतलब है कि इससे पहले भारतीय जिम्‍नास्ट ऐसी रिपोर्ट आने के बाद परेशानी में घिर गए थे कि खेल मंत्रालय ने बुल्गारिया में वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए टीम को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था क्योंकि भारतीय जिम्‍नास्टिक्‍स फेडरेशन को मान्यता प्राप्त नहीं है और राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुसार वह निलंबित है. जिसके बाद पिछले सप्ताह ही साई ने इसके लिए ट्रायल करने का फैसला करके इस पर बना संशय खत्‍म किया. ट्रायल में आए जिम्‍नास्ट उस समय हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि उनका चयन ऑल राउंड जिम्‍नास्टिक के प्रदर्शन के आधार पर होना है. पुरुषों के ऑल राउंड जिम्‍नास्टिक में छह स्पर्धाएं होती है जबकि महिलाओं के ऑल राउंड में चार स्पर्धाएं होती है.

चयन प्रक्रिया तक के बारे में भी नहीं बताया

एक खिलाड़ी ने पीटीआई से गोपनीयता की शर्त पर बताया कि हमें यहां आने के बाद पता चला कि यहां चयन ऑल राउंड आधार पर होगा. आम तौर में हमें ट्रायल के बारे में एक महीने पहले ही सूचना मिल जाती है, लेकिन इस बार हमें एक सप्ताह पहले बताया गया और उसमें हमें चयन प्रक्रिया के बारे में नहीं बताया गया था. खिलाड़ी ने कहा कि हमारे पास तैयारी करने का समय नहीं है. मैंने तीन स्पर्धाओं की तैयारी की है. टीम प्रतियोगिता के लिए तीन पुरूष और तीन महिला खिलाड़ी चाहिए, लेकिन वे सिर्फ चार खिलाड़ियों का ही चयन करेंगे. ऐसे में यह मेरे समझ से परे है कि जब सिर्फ चार खिलाड़ियों का ही चयन होगा तब वे ऑल राउंड आधार पर क्यों चयन कर रहे है.

फेडरेशन के उपाध्‍यक्ष तक को नहीं पता

भारतीय जिम्‍नास्टिक्‍स फेडरेशन (जीएफआई) के उपाध्यक्ष रियाज अहमद भाटी भी शुक्रवार को साई का ईमेल देख कर चौक गए, जिसमें कौशिक बेदीवाला के स्थान पर उन्हें चयन समिति में शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि साई ने चयन समिति में मेरा नाम भी शामिल किया है. मुझे से बिना पूछे ही इतने कम समय में चयन समिति में शामिल कर लिया गया है. इस बात पर भी संशय बना हुआ है कि एशियाई खेलों में चोटिल होने वाली दीपा करमाकर ट्रायल में भाग लेगी या नहीं. आशीष कुमार और अरुणा बुद्धा रेड्डी पहले ही विश्व चैंपियनशिप भाग नहीं लेने का फैसला कर चुके हैं. कई जिमनास्टों यहां व्यक्तिगत स्पर्धा की तैयारी कर पहुंचे है और ऑल राउंड में खुद को साबित करने को लेकर वे सहज नहीं है.

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