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'बाकी खेलों में भी क्यों न लागू हों लोढ़ा समिति की सिफारिशें'

जनहित याचिका की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा

IANS Updated On: Jan 23, 2017 09:25 PM IST

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'बाकी खेलों में भी क्यों न लागू हों लोढ़ा समिति की सिफारिशें'

देश की सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को केंद्र सरकार से पूछा है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में प्रशासिक सुधार के लिए लोढ़ा समिति की सिफारिशों को अन्य खेल संस्थाओं में भी क्यों नहीं लागू किया जाना चाहिए? अदालत ने इस मुद्दे पर अर्जुन पुरस्कार हासिल करने वाले खिलाड़ियों द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा है. इस याचिका में पूर्व हॉकी खिलाड़ी अशोक कुमार का नाम भी शामिल है.

न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर, न्यायमूर्ति एन.वी. रामन्ना और न्यायमूर्ति डी.वाई. चन्द्रचूड़ की खंडपीठ ने याचिक पर केन्द्र सरकार की प्रतिक्रिया मांगी है. इस याचिका पर नोटिस देते हुए खंडपीठ ने इसे बीसीसीआई का मुद्दा भी बताया है. इसके अलावा अदालत ने भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को इस मामले में नोटिस जारी किया है.

एथलेटिक्स, हॉकी, क्रिकेट और अन्य खेलों के जाने-माने खिलाड़ियों ने मांग की है कि लोढ़ा समिति की कुछ सिफारिशों के अन्य खेल संघों में भी लागू किया जाए. अशोक कुमार के अलावा हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले ध्यान चंद के बेटे के साथ-साथ एम.के. कौशिक, अश्विनी नाचप्पा, गुरबख्श सिंह ग्रेवाल, बलबीर सिंह ग्रेवाल, बिशन सिंह बेदी, कीर्ति आजाद, जोकिम कारवाल्हो, वंदना राव, एडवर्ड सिक्वेरा, एस.एस. नारायण, निशा मिलेट, प्रवीण ठिप्से, भाग्यश्री ठिप्से, रेखा भिडे शामिल हैं.

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