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महिला हॉकी टीम ने पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीती

भारतीय महिला हॉकी टीम ने पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा.

Updated On: Nov 19, 2016 05:38 PM IST

FP Staff

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महिला हॉकी टीम ने पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीती

सिंगापुर: भारतीय महिला हॉकी टीम ने दीपिका ठाकुर के आखिरी मिनट में किए गोल की मदद से पहली बार महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीत ली. सिंगापुर में शनिवार को हुए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने कड़े मुकाबले में चीन को 2-1 से हरा दिया.

दीपिका ठाकुर ने 60 वें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर गोल दागकर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई.

खेल के 13 वें मिनट में ही दीप ग्रेस एक्का ने पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को बढ़त दिला दी, लेकिन 44 वें मिनट में चीन ने ज्योंग मेंग्लिंग के मैदानी गोल की मदद से बराबरी कर लिया.

महिला टीम की जीत से ठीक एक दिन पहले भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कुआंटान (मलेशिया) में पाकिस्तान को हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा बरकरार रखा.

2013 में दूसरे स्थान पर रहा था भारत 

2013 के महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम जापान से हारकर दूसरे नंबर पर रही थी. 2010 के पहले एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में महिला टीम तीसरे स्थान पर रही थी.

ग्रुप स्टेज में हुए मुकाबले से सबक लेते हुए भारतीय टीम ने चीन को गेंद को काबू में लेने नहीं दिया. मैदान पर भारतीय खिलाड़ी विरोधी चीनी खिलाड़ियों को छकाते रहे और गेम की रफ्तार बनाए रखी. उन्होंने लगातार हमलों से चीन पर दबाव बनाए रखा.

गेंद पर कब्जे के दौरान भारतीय टीम ने अपना धैर्य बनाए रखा और कई बार चीन के घेरे को तोड़ा.

पिछले दिन के खेल से भारतीय टीम ने थोड़ी अलग रणनीति अपनाई, जिससे उन्हें 13 वें मिनट में ही पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिल गया. दीप ने इस पेनाल्टी कॉर्नर को बड़ी सफाई के साथ गोल में तब्दील कर दिया.

दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने अनुशासित खेल से चीन पर दबाव बनाए रखा और उन्हें बराबरी करने का कोई मौका नहीं दिया.

हालांकी तीसरे क्वार्टर में चीन की ज्योंग मेंग्लिंग भारतीय सुरक्षा घेरे को भेदने में कामयाब रही और गोल दाग दिया. लेकिन भारतीय महिला खिलाड़ियों ने जबरदस्त खेल का प्रदर्शन करते हुए चीन पर दबाव बनाए रखा.

चीन को पहला पेनाल्टी कॉर्नर तीसरे क्वार्टर में मिला लेकिन वे इसे गोल में नहीं बदल पाए.

रानी ने निभाई मुख्य भूमिका 

चौथे क्वार्टर तक दोनों टीमों ने गति बनाए रखी. लेकिन तकदीर बदलने में मिनट भी नहीं लगते. भारत के लिए रानी ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई और आखिरी मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया. फाइनल हूटर से ठीक पहले उन्होंने भारत के लिए यह मौका बनाया.

ये भारत के लिए करो या मरो की स्थिति में गोल करने सुनहरा अवसर था. इस प्रतियोगिता की सर्वोच्च स्कोरर दीपिका ने यह जिम्मेदारी अपने कंधे पर ली और फाइनल हूटर के 30 सेकंड पहले सनसनीखेज गोल दागकर भारतीय समर्थकों को खुशी से सराबोर कर दिया.

टीम की इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने कोच नील हाउगुड और सभी खिलाड़ियों को 2-2 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की है. इसके अलावा फेडरेशन ने सहयोगी स्टाफ को भी 1-1 लाख रुपये देने का एलान किया. दीपिका को टूर्नामेंट में सबसे अधिक गोल करने के लिए 1 लाख रुपए का नकद इनाम भी दिया जाएगा.

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