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इंडियन सुपर लीग : दिल्ली डायनामोज ने पुणे को 3-2 से हराया

एफसी पुणे सिटी के खिलाफ दिल्ली डायनामोज का वर्चस्व बरकरार

Updated On: Nov 22, 2017 10:59 PM IST

FP Staff

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इंडियन सुपर लीग : दिल्ली डायनामोज ने पुणे को 3-2 से हराया

इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) में एफसी पुणे सिटी के खिलाफ दिल्ली डायनामोज का वर्चस्व बरकरार है. बीते सीजन में सबसे अधिक 29 गोल करने वाली दिल्ली की टीम ने बुधवार को पुणे के श्री छत्रपति शिवाजी स्पोटर्स काम्पलेक्स में खेले गए लीग के चौथे सीजन के अपने पहले मैच में पुणे को 3-2 से हराकर पूरे तीन अंक हासिल किए.

आईएसएल इतिहास में दिल्ली और पुणे के बीच अब तक कुल सात मुकाबले हुए हैं. इनमें से चार बार दिल्ली की जीत हुई है, जबकि दो मैच बराबरी पर छूटे हैं. सिर्फ एक मैच में पुणे ने दिल्ली को हराया है.

उम्मीद थी कि नए कोच पोपोविक के साथ पुणे की टीम नए सीजन का कुछ अलग आगाज करेगी, लेकिन उसके प्रशंसकों को निराशा हाथ लगी. पहला हाफ खाली जाने के बाद दिल्ली ने दूसरे हाफ की शुरुआत में ही अपना दमखम दिखाया और 46वें मिनट में पाउलिन्हो डियास द्वारा किए गए गोल की मदद से बढ़त हासिल की. डियास ने यह गोल लालियानगियान चांगते द्वारा बाएं किनारे से दिए गए क्रास पर हेडर के जरिए किया.

इसके बाद लगा कि पुणे की टीम संभल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उसकी रक्षापंक्ति की सुस्ती का फायदा उठाकर चांगते ने 54वें मिनट में अकेले दम पर एक बेहतरीन गोल करते हुए अपनी टीम को 2-0 से आगे कर दिया. चांगते का यह गोल हर लिहाज से दर्शनीय था. वह लगभग मैदान के बीच से गेंद लेकर अकेले भागे और पुणे के गोलकीपर कमलजीत के खुद तक पहुंचने से पहले ही गेंद को गोलपोस्ट में डाल दिया.

डायनामोज मानो बेकाबू हो चुके थे. उनका हमला जारी था. माटियास ने 65वें मिनट में गोल करते हुए अपनी टीम को 3-0 से आगे कर दिया. यह निश्चित तौर पर इस मैच का सबसे बेहतरीन गोल था. राइट विंग से प्रीतम कोटल ने माटियास को पास दिया. माटियास असल में कोटल को एसिस्ट करने आए थे, लेकिन आत्मविश्वास से भरपूर इस खिलाड़ी ने अचानक अपना मन बदला और अकेले ही गेंद लेकर आगे बढ़े और गोलकीपर सहित तीन खिलाड़ियों को छकाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में डाल दिया.

अब पुणे के मार्सिलिनियो तथा एमिलियानो एल्फारो जैसे स्टार को अपना दमखम दिखाने की जरूरत थी. मार्सिलिनियो बीते सीजन में दिल्ली के लिए खेले थे, लेकिन अब वह पुणे के लिए खेल रहे थे. उन्हें खुद को साबित भी करना था. तमाम प्रयासों के बावजूद मार्सिलिनियो तो सफल नहीं हो सके लेकिन एल्फारो ने 67वें मिनट में गोल करते हुए अपने प्रशंसकों को खुशी प्रदान की.

एल्फारो, मार्सेलिनियो और मार्कोस तेबार ने अपनी टीम को मैच में वापस लाने का प्रयास जारी रखा. इंजुरी टाइम के अंतिम मिनट में तेबार ने मार्सेलिनियो के पास पर गोल करते हुए अपनी टीम का दूसरा गोल किया. मार्सेलिनियो बेशक खुद गोल नहीं कर सके लेकिन इस मैच में उन्होंने लगातार हमले करते हुए शानदार एसिस्ट करते हुए अपनी चमक बनाए रखी. पुणे की टीम बेशक यह मैच हार गई लेकिन दूसरे हाफ के अंतिम पलों में अपने शानदार खेल से उसने अपने कोच पोपोविक के लिए उम्मीद की किरण जगा दी.

 

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