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FIFA World Cup 2018 : अफ्रीकी टीमों में ‘उम्मीद की किरण’ बना सेनेगल

सेनेगल की जीत को छोड़ दें तो रूस में महाद्वीप का प्रतिनिधित्व कर रही पांच अन्य टीमों को हार का मुंह देखना पड़ा

Updated On: Jun 20, 2018 11:01 PM IST

AFP

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FIFA World Cup 2018 : अफ्रीकी टीमों में ‘उम्मीद की किरण’ बना सेनेगल

सेनेगल मंगलवार को पोलैंड पर जीत दर्ज कर अफ्रीकी टीमों के लिए ‘उम्मीद की किरण’ साबित हुई. सेनेगल की जीत को छोड़ दें तो रूस में महाद्वीप का प्रतिनिधिवत्व कर रही पांच अन्य टीमों को हार का मुंह देखना पड़ा. चाल साल पहले नाइजीरिया और अल्जीरिया दोनों नॉकआउट चरण तक पहुंचे थे जबकि घाना ने 2010 में क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन अभी से ऐसा प्रतीत होने लगा है कि 2018 अफ्रीकी टीमों के लिए एक कदम पीछे होगा.

इजिप्ट के लिए रास्ते बंद 

वर्ष 1990 के बाद पहली बार फाइनल्स में पहुंचने का उत्साह इजिप्ट के लिए टूर्नामेंट में छह दिन के बाद ही समाप्त हो गया. हेक्टर कूपर की टीम को मोहम्मद सलाह की फिटनेस समस्या से काफी नुकसान हुआ जो शुरुआती मैच में उरूग्वे से मिली 0-1 की हार में नहीं खेल सके थे. मंगलवार को उन्होंने मैदान पर वापसी तो की लेकिन वह रूस से मिली 1-3 की शिकस्त से नहीं बचा सके. इजिप्ट ने छह प्रयासों में विश्व कप में एक भी मैच नहीं जीता है. केवल होंडुरास (09) ही ऐसी टीम है जो विश्व कप में एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है.

 मोरक्को बाहर होने वाली पहली टीम

हर्वे रेनार्ड की मोरक्को ने अंतिम क्वालीफाइंग ग्रुप में एक भी गोल नहीं गंवाया है. वहीं अजीज बुहादौज का अंत में हुआ आत्मघाती गोल शुरुआती मैच में ईरान से मिली 0-1 की हार का कारण बना. अब उसे क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल से 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और बाद में उसे स्पेन से भिड़ना है. यह अफ्रीकी टीम बुधवार की हार से वर्तमान विश्व कप से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई.

नाइजीरिया को मिला है कठिन ग्रुप

गरनोट रोहर की सुपर ईगल्स (नाइजीरिया) ने क्रोएशिया से 0-2 की हार से शुरुआत की और वह मुश्किल ग्रुप में शामिल है जिसमें अर्जेंटीना और आइसलैंड जैसी टीमें मौजूद हैं. ट्यूनीशिया के कोच नाबिल मालौल ने विश्व कप से पहले माना था कि उनकी टीम ग्रुप से क्वालीफाई करेगी जिसमें बेल्जियम और इंग्लैंड शामिल हैं. उन्होंने शुरुआती मैच में गेरेथ साउथगेट की बराबरी हासिल की लेकिन अंत में उन्हें 1-2 से पराजय मिली.

ट्यूनीशिया की आस बाकी

ट्यूनीशिया की टीम 1978 के बाद से अब 12 विश्व कप मैचों में जीत हासिल नहीं कर सकी है.। केवल बुल्गारिया (17 मैच) ऐसी टीम है जो विश्व कप में जीत के सूखे में नंबर एक है. ट्यूनीशिया को अब बेल्जियम से भिड़ना है, देखते हैं कि उसका यह खराब रिकॉर्ड बरकरार रहता है या टूट जाता है.

2002 का दोहराव चाहती है सेनेगल

वहीं सेनेगल की टीम 2002 के प्रदर्शन का दोहराव चाहती है जिसमें वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थी. टीम ने ग्रुप एच में पोलैंड पर 2-1 से जीत दर्ज की. इसके बाद कोच एलियोऊ सिसे ने कहा, ‘ निश्चित रूप से हम अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन मैं यह भी गारंटी दे सकता हूं कि पूरा अफ्रीका हमारा समर्थन कर रहा है.’

 

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