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Croatia vs England, FIFA World Cup 2018: क्रोएशिया की ताकत मिडफील्‍ड में है तो इंग्‍लैंड की अटैक में...

इससे पहले दोनों 7 बार आमने सामने हो चुकी हैं, जिसमें इंग्‍लैंड हावी रही

Updated On: Jul 10, 2018 02:05 PM IST

Kiran Singh

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Croatia vs England, FIFA World Cup 2018: क्रोएशिया की ताकत मिडफील्‍ड में है तो इंग्‍लैंड की अटैक में...
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फीफा विश्‍व कप को चार ऐसी टीमें मिल गई है, जिनमें से एक उस ट्रॉफी की हकदार है. 32 टीमों के बीच करीब महीने भर के संघर्ष के बाद ये चार टीमें निकल कर सामने आई और अब वह पड़ाव भी आ गया है, जब इन चारों में से भी वो टीमें सामने आने वाली है, जो 15 जुलाई को ट्रॉफी के दोनों तरफ खड़ी होगी. पहला सेमीफाइनल बेल्जियम और फ्रांस के बीच होगा, तो दूसरा सेमीफाइनल 28 सालों के लंबे इंतजार के बाद यहां तक पहुंची इंग्‍लैंड और इस विश्‍व कप में सभी को चौंकाने वाली क्रोएशिया से होगा. इंग्‍लैंड और क्रोएशिया दोनों ही खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं, लेकिन बुधवार को इनमें से जो भी टीम सामने वाली टीम द्वारा की गई गलती का फायदा उठाने में सफल हो जाएगा, 15 जुलाई को वहीं टीम खिताब के काफी करीब पहुंच जाएगी.

इंग्‍लैंड और क्रोएशिया 8वीं बार आमने सामने होंगे. अभी तक के सात मुकाबलों में चार में इंग्‍लैंड ने बाजी मारी तो दो में क्रोएशिया ने जीत हासिल की, वहीं एक मुकाबला ड्रॉ रहा. पहले ही अभी तक इंग्‍लैंड हावी रहा, लेकिन इस स्‍टेज पर क्रोएशिया के भी रंग बदले-बदले से हैं और वह उलटफेर करने का दम रखती है. इस विश्‍व कप में क्रोएशिया अभी तक अजेय है. हालांकि पिछले दो मुकाबलो में उसे अच्‍छी चुनौती मिली और क्रोएशिया ने पेनल्‍टी शूट आउट में जीत हासिल की. जानिए दोनों टीमों की उस ताकत के बारे में, जिसके दम पर फाइनल में पहुंच सकती है टीमें और उस कमजोरी के बारे में भी उस तोड़ सकता है उनका सपना

क्रोएशिया

ताकत : क्रोएशिया की ताकत उसके मिडफील्‍डर्स में है. लुका मोड्रिच की टीम इस विश्‍व कप में सबसे कठिन ग्रुप में थी, लेकिन अपने मिडफील्‍डर्स के कारण क्रोएशिया ने उस कठिन ग्रुप को आसान बना दिया. क्रोएशिया के पास लुका मोड्रिच और इवान रेकिटिच जैसे वर्ल्‍ड क्‍लास मिडफील्‍डर हैं और मार्सेलो का इन्‍हें पूरा साथ मिल जाता है तो इस किसी टीम के लिए यह परेशानी बन जाते हैं. क्रोएशिया का फॉर्मेशन 4- 2-3-1 रहता है. टीम की पासिंग क्‍वालिटी इस टूर्नामेंट में प्रत्‍यक्ष रूप से दिखी. जिसमें मिडफील्‍डर्स मौका बनाते हैं. क्रोएशिया के पास लुका मोड्रिच हैं, जो कप्‍तान होने के साथ ही तकनीकी लीडर भी हैं. यहीं नहीं वह दस नंबर के रूप में, आठ नंबर के रूप में खेलने की भी योग्‍यता रखते हैं.

Croatia's goalkeeper Danijel Subasic punches the ball away during the extra time of the Russia 2018 World Cup quarter-final football match between Russia and Croatia at the Fisht Stadium in Sochi on July 7, 2018. / AFP PHOTO / Kirill KUDRYAVTSEV / RESTRICTED TO EDITORIAL USE - NO MOBILE PUSH ALERTS/DOWNLOADS

कमजोरी: क्रोएशिया का मिडफील्‍ड काफी मजबूत है और इससे डिफेंस को भी मदद मिलती है, लेकिन क्रोएशिया की जो सबसे बड़ी कमजोरी है, वो ये है कि टीम अपने मिडफील्‍डर्स की योग्‍यता पर विचार करते हुए बहुत ज्‍यादा क्रॉस देती है. आंकड़ों की माने तो सिर्फ 25 प्रतिशत क्रॉस ही उनके सही रहे है, जो किसी भी क्‍वार्टर फाइनलिस्‍ट द्वारा दूसरा सबसे खराब रिकॉर्ड है.

इंग्‍लैंड

ताकत : इंग्लिंश टीम की ताकत वैरायटी और उनके अटैक में हैं. ये टीम जीत के लिए नए और अलग रास्ते खोज लेती है. मॉर्डन सिस्‍टम और एकजुटता इसका एडवांटेज है. टीम में यहां अपना पहला पेनल्‍टी शूटआउट विश्‍व कप मुकाबला जीता. इंग्‍लैंड को सेट पीसेस का किंग भी माना जाता है. इस समय इंग्‍लैंड की सबसे बड़ी ताकत इस विश्‍व कप की सबसे बेहतरीन अटैकिंग यूनिट है. उसने शुरुआती तीन मैचों में ही आठ गोल कर दिए थे. हैरी केन पांच गोल के साथ इस विश्‍व कप में अभी तक टॉप स्‍कोरर हैं.

इंग्‍लैंड टीम जैसे ही गेंद को अपने नियंत्रण में लेती है, उसे तीन सेकंड से अधिक अपने पास रखती है और ज्‍यादातर डिफेंसिव रणनीति के रूप में इसका उपयोग करती है.

England's defender Harry Maguire (C) celebrates with England's forward Harry Kane (back) and England's defender John Stones (L) after scoring the opener during the Russia 2018 World Cup quarter-final football match between Sweden and England at the Samara Arena in Samara on July 7, 2018. / AFP PHOTO / Fabrice COFFRINI / RESTRICTED TO EDITORIAL USE - NO MOBILE PUSH ALERTS/DOWNLOADS

कमजोरी: इंग्‍लैंड ने अभी तक ज्‍यादातर गोल सेट पीसेज और पेनल्‍टी के जरिए किए हैं और उनकी सबसे बड़ी कमजोरी ओपन प्‍ले से गोल न कर पाना है. इस विश्‍व कप में इंग्‍लैंड ने सिर्फ दो ओपन प्‍ले गोल किए है, जो लिंगार्ड और हैरी केन ने किए. इसके अलावा इंग्लिश टीम की सबसे बड़ी कमजोरी टूर्नामेंट में काफी मूखर्तापूर्ण डिफेंसिव गलतियां करना है. जबकि काइल, हैरी और स्‍टोंस सभी साथ में मजबूत डिफेंसिव तिकड़ी है फिर भी वह गलतियां कर ही बैठते हैं. ट्यूनिशिया के खिलाफ पहले मुकाबले में काइल के हैंडबॉल ने विपक्षी टीम को पेनल्‍टी दिला दी थी. पनामा के खिलाफ भी इस तिकड़ी ने दूसरे हाफ में कई गलतियां की थीं. राउंड 16 में भी वॉकर की गलती ने कोलंबिया को सुनहरा मौका दे दिया था.

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