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FIFA World Cup 2018, France vs Belgium: मिडफील्ड में होगी पहले सेमीफाइनल की जंग, जानिए टीमों की ताकत और कमजोरी

अपने अटैकिंग खेल से विरोधियों को मात देने वाली दोनों टीमों के बीच मुकाबला रोमांचक होगा

FP Staff Updated On: Jul 09, 2018 06:59 PM IST

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FIFA World Cup 2018, France vs Belgium: मिडफील्ड में होगी पहले सेमीफाइनल की जंग, जानिए टीमों की ताकत और कमजोरी

फीफा वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में मंगलवार को बेल्जियम और फ्रांस आमने- सामने होंगे. दोनों टीमें फाइनल के टिकट के लिए भिड़ेंगी. सातवीं रैंकिंग वाली फ्रांस ने अब तक एक बार (साल 1998) में वर्ल्ड कप का खिताब जीता है, वहीं तीसरे नंबर की टीम बेल्जियम अब तक एक बार भी यह खिताब नहीं जीत पाई है. दोनों ही टीमें टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही हैं. अपने अटैकिंग खेल से विरोधियों को मात देने वाली दोनों टीमों के बीच का मुकाबला रोमांचक होगा.

बेल्जियम

ताकत

1) बेल्जियम की सबसे बड़ी ताकत है उसके मिडफील्डर. अपनी इसी ताकत को आजमाने के लिए वो 3-4-3 के फॉर्मेशन में खेलते हैं. वहीं कभी-कभी यह फॉर्मेशन 4-3-3 का भी होता है. टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी के तौर पर केविन डी ब्रुइन, मारौएन फेलेनी जैसे खिलाड़ी डिफेंडर और अटैक दोनों तरह से टीम के लिए अहम भूमिका निभाते हैं.

2) वहीं स्ट्राइकर के तौर पर बेल्जियम की सबसे बड़ी ताकत लुकाकू हैं जो ना सिर्फ खेल से, बल्कि अपने शरीर के कारण  फील्ड पर विरोधियों के लिए मुश्किल बन जाते हैं. उनका साथ देने की जिम्मेदारी इडन हजार्ड की है.

Kazan : Belgium team players celebrate after Kevin De Bruyne scored their side's second goal during the quarterfinal match between Brazil and Belgium at the 2018 soccer World Cup in the Kazan Arena, in Kazan, Russia, Friday, July 6, 2018. AP/ PTI(AP7_7_2018_000006B)

3) टीम की ताकत यही है कि वह पूरी तरह हजार्ड और लुकाकू पर निर्भर नहीं है. टीम ने टूर्नामेंट में अब तक 14 गोल किए हैं जिसमें चार गोल लुकाकू और दो गोल हेजार्ड ने किए. इन दोनों के अलावा सात अन्य खिलाड़ियों ने भी गोल किए हैं.

कमजोरी 

बेल्जियम की सबसे बड़ी कमजोरी है उसका डिफेंस. टीम के पास भले ही थिबॉ क्वरतुवा के रूप में शानदार गोलकीपर हैं, लेकिन इसके बावजूद टीम की ये कमजोरी उभर कर सामने आ जाती है. ब्राजील के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में टीम का डिफेंस कमजोर दिखा दिया था. ब्राजील के तेज अटैक के सामने टीम का डिफेंस कई बार फेल दिखाई दे रहा था. टीम ने अब तक पांच गोल खाए है, जिसमें से दो गोल ट्यूनीशिया ने किए थे. ये मैच बेल्जियम ने 5-2 से जीता था. ऐसे में फ्रांस की कोशिश होगी कि वह इसी कमजोरी का फायदा उठाए.

फ्रांस 

ताकत

बेल्जियम की तरह फ्रांस की ताकत भी उसके मिडफील्ड में ही बसती है. फ्रांस आमतौर पर 4-2-3-1 के फॉर्मेशन में खेलता है. पॉल पोग्बा और एनगोलो कान्ते की मौजूदगी में मिडफील्ड में ही दोनों टीमों के बीच असल मुकाबला होगा. टीम का डिफेंस भी बेल्जियम के मुकाबले ज्यादा मजबूत है. इसकी वजह ये है कि वो आमतौर पर चार डिफेंडरों के साथ खेल की शुरुआत करते हैं. टीम के पास राफेल वरान और सैमुअल उम्तीती जैसे डिफेंडर हैं जिनसे पार पाना बेल्जियम के लिए आसान नहीं होगा.

Soccer Football - World Cup - Round of 16 - France vs Argentina - Kazan Arena, Kazan, Russia - June 30, 2018 France's Kylian Mbappe celebrates scoring their third goal REUTERS/Pilar Olivares TPX IMAGES OF THE DAY - RC1EB52B31A0

वहीं टीम के पास स्ट्राइकर के मामले में कायलिन एम्बाप्पे और एंटोनी ग्रीजमैन जैसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टीम को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई हैं. बेंजामिन पावर्ड राइट बैक पोजीशन पर अच्छा खेल दिखाते हुए अटैक में मदद करते हैं.

कमजोरी

टीम की कमजोरी उनका अटैक पर ज्यादा ध्यान देना है. अक्सर टीम इसी कारण काउंटर अटैक का बचाव नहीं कर पाती. टीम खेल के सभी विभागों में एक सामान ध्यान नहीं दे रही. उनका अटैकिंग खेल उन्ही के लिए मुश्किल बन जाता है.

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