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मेसी और एम्बाप्पे: एक के सफर का अंत तो दूसरे की शुरुआत है!

19 वर्षीय फ्रांसिसी खिलाड़ी एम्बाप्पे ने अर्जेंटीना के खिलाफ दो गोल मारकर पूरे मैच को ही बदल दिया, इस प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें फुटबॉल का नया स्टार बता रहे हैं

Abhishek Tiwari Abhishek Tiwari Updated On: Jul 01, 2018 01:18 PM IST

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मेसी और एम्बाप्पे: एक के सफर का अंत तो दूसरे की शुरुआत है!

फुटबॉल वर्ल्ड कप अपने चरम पर है. लगातार उलटफेर हो रहे हैं. फेवरिट खिलाड़ी से फेवरिट टीम का टूर्नामेंट से बाहर जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. शायद रूस में हो रहा यह वर्ल्ड कप इसलिए भी ज्यादा याद किया जाएगा कि बड़ी टीमें या तो पहुंच नहीं पाईं, अगर पहुंची तो उनके रुखसती का वक्त भी जल्द ही आ गया. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही कुछ बड़े उलटफेर हुए. इटली और नीदरलैंड जैसी टीमें क्वालीफाई नहीं कर पाईं तो पिछले बार की चैंपियन और इस बार भी मजबूत दावेदारी पेश करने वाली जर्मनी पहले ही राउंड में बाहर हो गई.

दूसरे दौर यानी प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेले जाने के पहले दिन की शुरुआत हुई तो एक ही दिन में फुटबॉल प्रेमियों को दो निराशा हाथ लगी. सबसे पहले दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार मेसी की टीम अर्जेंटीना बाहर हुई तो दूसरे मैच में मेसी के साथ इस वक्त के दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रोनाल्डो की टीम पुर्तगाल भी बाहर हो गई.

मेसी की टीम को फ्रांस ने एक शानदार मुकाबले में 4-3 से हराया तो रोनाल्डो की टीम उरुग्वे से हार कर बाहर हो गई. फुटबॉल प्रशंसक भारी निराश हुए. शनिवार को खेले गए दोनों मैच शायद इस वर्ल्ड कप के सबसे खास मैच थे. इसके पीछे कारण था कि अगर अर्जेंटीना और पुर्तगाल की टीम जीत जाती तो क्वार्टर फाइनल में दोनों टीमों का टक्कर होता और शायद यह मैच इस फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल से भी बड़ा मैच होता. लेकिन यह हो नहीं सका और दोनों टीमें टूर्नामेंट से ही बाहर हो गई.

इन दोनों मैच के बरक्श जिस चीज की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है वह यह है कि यह मेसी का शायद अपने देश और वर्ल्ड कप के लिए आखिरी मैच हो. वही मेसी जिस टीम से हारे यानी फ्रांस के एक 19 वर्षीय खिलाड़ी ने इतिहास रच दिया. उस खिलाड़ी ने मैच में दो गोल मारे और मैन ऑफ द मैच भी रहा. यह तो हुई रिकॉर्ड की बात लेकिन इस खिलाड़ी ने बता दिया की फुटबॉल की दुनिया में वह कमाल करने के लिए आ चुका है और दिग्गज खिलाड़ियों में उसका नाम दर्ज होना तय है. उस खिलाड़ी का नाम है किलियन एम्बाप्पे.

मेसी के कैरियर का अंत तो एम्बाप्पे की शुरुआत की छिड़ी नई बहस

एम्बाप्पे ने बता दिया कि वह एक बड़े खिलाड़ी के रूप में फुटबॉल की दुनिया में पदार्पण कर चुके हैं. फ्रांस और अर्जेंटीना का यह एक ऐसा मैच था जो काफी कुछ परिभाषित करने वाला था. लेकिन उसके पहले ही नई परिभाषाओं के लिखे जाने का दौर शुरू हो चुका है. इस मैच में एम्बाप्पे के दो गोल ने बता दिया कि वह विश्व फुटबॉल की दुनिया में एक धमाकेदार एंट्री कर चुके हैं. इसके साथ ही इस टीनएजर खिलाड़ी ने मेसी के सामने वह किया जिसकी कल्पनामात्र ही अपने आप बड़ी बात होती है.

इस मैच के बाद एक चर्चा शुरू हो चुकी है कि यह एक खिलाड़ी (मेसी) के अंत तो दूसरे (एम्बाप्पे) की शुरुआत है. मैच देखने वालों को भी यह एहसास हुआ होगा कि इतनी बड़ी टीम और इतने बड़े खिलाड़ी के सामने एम्बाप्पे का प्रदर्शन यह बता रहा है कि फुटबॉल प्रेमी निराश न हो. कोई जा रहा है तो उससे बेहतर और शानदार अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराकर फुटबॉल की दुनिया को एक नया स्टार देने के प्रक्रिया में है और वह नाम कोई और नहीं बल्कि किलियन एम्बाप्पे का ही है.

Soccer Football - World Cup - Group D - Argentina vs Croatia - Nizhny Novgorod Stadium, Nizhny Novgorod, Russia - June 21, 2018 Argentina's Lionel Messi looks dejected after the match REUTERS/Matthew Childs - RC1C892A9770

इतनी जल्दी मेसी से एम्बाप्पे की तुलना करना ठीक नहीं है लेकिन जिस तरह से फ्रांस के इस खिलाड़ी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है उसे नजरअंदाज करना भी बेमानी होगा. इस खिलाड़ी की महता को समझने के लिए हमें एक बार रिकॉर्ड बुक भी झांक लेना चाहिए. क्योंकि कहते हैं न कि होनहार बिरवान के होत चिकने पात. यह बात एम्बाप्पे पर सटिक बैठ रही है.

मेसी से तुलना ठीक नहीं लेकिन रिकॉर्ड बुक एम्बाप्पे के पक्ष में

जब जिनेदिन जिदान की करिश्माई खेल की वजह से फ्रांस ने ब्राजील को हराकर पहला विश्व कप 1998 में जीता था उसके कुछ महीने बाद किलियन एम्बाप्पे का जन्म हुआ. एम्बाप्पे के पिता फ्रांस में रह रहे कैमरून मूल के तो माता अल्जीरियन मूल की हैं.

एम्बाप्पे ब्राजीलियन लिजेंड पेले के बाद पहले ऐसे टीनएजर खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्ल्ड कप के मैचों में दो गोल किया हो. पेले ने यह कारनामा 1958 में स्वीडेन के खिलाफ किया था. इसके अलावा इंग्लैंड के सुपरस्टार माइकल ओवेन ने 1998 के विश्व कप में एक टीएनएजर के तौर पर दो अलग मैचों में गोल दागा था.

यह भी पढ़ें- जिनेदिन जिदानः वॉचमैन के बेटे से दुनिया का सबसे महंगा फुटबॉलर बनने वाला खिलाड़ी

मई के महीने में वर्ल्ड कप के लिए फ्रांस के नेशनल टीम में बुलाए गए एम्बाप्पे ने अपने सेलेक्शन को जाया नहीं जाने दिया और वर्ल्ड कप के पहले राउंड में पेरू के खिलाफ फ्रांस के लिए एक मात्र गोलमार विजयी बना दिया. इस गोल के साथ ही एम्बाप्पे फ्रांस के लिए सबसे कम उम्र में विश्वकप में गोल मारने वाले खिलाड़ी बन गए. इसके अलाव नॉक आउट स्टेज में फ्रांस के लिए सिर्फ जिनेदिन जिदान ने ही दो गोल मारा था. हालांकि जिदान का गोल 1998 विश्व कप के फाइनल में आया था लेकिन अपने देश के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ नॉकआउट स्टेज में दो गोल मारकर एम्बाप्पे ने उनकी भी बराबरी कर ली.

सबसे महंगे टीनएजर खिलाड़ी का तमगा

एम्बाप्पे फ्रांस के लिए खेलने के साथ-साथ पैरिस सैंट जर्मन क्लब के लिए भी खेलते हैं. कथित तौर पर जब क्लब ने उन्हें 180 मिलियन यूरो यानी 14 अरब से ज्यादा की रकम पर खरीदा तब वह दुनिया के सबसे महंगे टीनएजर फुटबॉल खिलाड़ी थे.

एम्बाप्पे का यह पहला विश्व कप है. अभी तक का उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. वो तीन गोल कर चुके हैं. फ्रांस का अगला मुकाबला उरुग्वे से होगा. यह मैच जीतने वाली टीम सेमीफाइनल में खेलेगी. अब देखने वाली बात है कि यह युवा खिलाड़ी अपनी टीम को किस मुकाम पर पहुंचाता है. क्योंकि महानता का पैमाना आज भी क्लब नहीं देश को जीत दिलाना ही है.

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