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FIFA World Cup 2018: लगातार चौथी बार कोई यूरोपियन टीम ही बनेगी चैंपियन

अभी तक खेले गए 20 वर्ल्ड कप में से 11 बार यूरोपियन और 9 बार लैटिन अमेरिकी टीमों ने हासिल किया है खिताब

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey Updated On: Jul 07, 2018 03:56 PM IST

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FIFA World Cup 2018: लगातार चौथी बार कोई यूरोपियन टीम ही बनेगी चैंपियन

2018 फीफा वर्ल्ड कप का कारवां अब अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और इस बार फुटबॉल का वर्ल्ड चैंपियन कौन बनेग इसका फैसला तो 15 जुलाई को मॉस्को में तय होगा लेकिन दुनिया के किस महाद्वीप की टीम यह खिताब जीतेगी इसका फैसला हो चुका है.

शुक्रवार रात को टूर्नामेंट के तीसरे क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ 1-2 की हार के साथ ब्राजील के बाहर होने के बाद अब ये तय हो गया है कि पिछली तीन बार की ही तरह इस बार भी खिताब किसी यूरोपियन टीम के पास जाएगा.

खत्म हुई लैटिन अमेरिका की चुनौती

इस बार अंतिम आठ में पहुंचने वाली ब्राजील और उरुग्वे ही दो गैर यूरोपीय टीमें थीं जो बेल्जियम और फ्रांस के मात खाकर वर्ल्ड कप से बाहर हो गई हैं. अभी तक इस वर्ल्ड कप के दो क्वार्टरफाइनल खेले जा चुके हैं और फ्रांस के साथ बेल्जियम की टीम सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है. सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दो बाकी टीमें इंग्लैंड बनाम स्वीडन और रूस बनाम क्रोएशिया के बीच के मुकाबलों से निर्धारित होंगी. यानी यह साफ है कि अब फीफा वर्ल्ड कप यूरोपीय शान की लड़ाई में तब्दील चुका है.

अपनी टीम ब्राजील के लिए नेमार ने पूरे टूर्नामेंट में इंजरी के बावजूद शानदार खेल दिखाया. सोशल मीडिया पर वह अपनी चोट को लेकर ट्रोल किए गए लेकिन उन्होंने हमेशा टीम को साथ रखा. क्वार्टरफाइनल में हारने के बाद वह जमीन पर बैठ गए और उनकी आंखों में आंसू थे.

रूस में इस बार की तस्वीर भी पिछली तीन बार के वर्ल्ड कप की तस्वीरों से जुदा नहीं होगी. साल 2002 में ब्राजील की टीम के विश्व विजेता बनने के बाद से लगातार तीन बार यूरोपीय टीमों ने ही वर्ल्ड कप के खिताब पर कब्जा किया है. 2006 में जर्मनी में हुए वर्ल्ड कप में इटली ने फ्रांस को मात देकर तीसरी बार इस खिताब को हासिल किया था. 2010 में अफ्रीका में खेले गए वर्ल्ड कप में स्पेन की टीम नेदरलैंड्स को हराकर पहली चैंपियन बनी थी. 2014 वर्ल्ड कप में जर्मनी ने मेसी की टीम अर्जेंटीना को मात देकर चौथी बार वर्ल्ड चैंपियन होने का रुतबा हासिल किया था.

लैटिन अमेरिकी टीमें ही देती हैं यूरोप को चुनौती

यूं तो कहने को फुटबॉल एक ग्लोबल खेल है लेकिन इस सबसे बड़े टूर्नामेंट यानी फीफा वर्ल्ड कप का खिताब हमेशा से या तो किसी यूरोपीय टीम या फिर किसी लैटिन अमेरिकी टीम के नाम रहा है.

अबतक खेल गए 20 वर्ल्ड कप में से 11 बार किसी यूरोपीय टीम ने और 9 बार किसी लैटिन अमेरिकी टीम ने यह खिताब अपने नाम किया है. ब्राजील की टीम सबसे ज्यादा पांच बार यह खिताब जीत चुकी है लेकिन आखिरी बार 2002 में जीत हासिल करने के बाद कभी फाइनल तक नहीं पहुंच सकी है.

अर्जेंटीना के कप्तान लियानेल मेसी पर टीम को कप जीताने का दबाव शायद हर बार से कहीं ज्यादा था. टीम प्री क्वार्टरफाइनल तक पहुंच तो गईं लेकिन उसके नहीं बढ़ पाई. बाहर होने का दर्द मेसी के चेहरे पर साफ नजर आ रहा था.

दो बार वर्ल्ड चैंपियन रही  अर्जेंटीना पिछले वर्ल्ड कप में फाइनल तक पहुंची थी लेकिन इस बार प्री क्वार्टर फाइनल में ही हार कर बाहर हो गई. दो बार की ही चैंपियन उरुग्वे का इस वर्ल्ड कप का सफर भी फ्रांस ने क्वार्टर फाइनल में खत्म कर दिया.

Soccer Football - World Cup - Group H - Japan vs Senegal - Ekaterinburg Arena, Yekaterinburg, Russia - June 24, 2018 Japan's Keisuke Honda celebrates with Takashi Inui and Yuto Nagatomo after scoring their second goal REUTERS/Marcos Brindicci - RC17322F3E80

वहीं इस वर्ल्ड कप में कोई भी अफ्रीकी टीम नॉक आउट राउंड में जगह बनाने में कामयाब नहीं हो सकी. वही एशियन टीमों में से जापान ही इकलौती ऐसी टीम थी जो प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंची लेकिन बेल्जियम ने 3-2 से मात देकर उनका सफर खत्म कर दिया.

बहरहाल लगातार चौथी बार फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी कोई यूरोपियन टीम ही जीतने वाली है. यानी फुटबॉल के इस ग्लोबल खेल पर यूरोप का कब्जा और अधिक पुख्ता होने वाला है.

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