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FIFA World Cup 2018, England vs Panama : हैरी केन की हैट्रिक से इंग्लैंड ने भरी अंतिम 16 की उड़ान

पनामा को 6-1 से धो कर रख दिया इंग्लैंड ने, ये उसकी विश्व कप फाइनल्स के इतिहास में सबसे बड़ी जीत है

Updated On: Jun 24, 2018 08:28 PM IST

FP Staff

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FIFA World Cup 2018, England vs Panama : हैरी केन की हैट्रिक से इंग्लैंड ने भरी अंतिम 16 की उड़ान

इंग्लैंड को विश्व कप के नॉकआउट दौर में प्रवेश की उम्मीदों को बरकरार रखने के लिए रविवार को निझनी नोवोग्रोड स्टेडियम में पनामा पर न केवल जीत हासिल करनी थी, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी थी. इंग्लैंड अपने इस मकसद  में सफल रहा. उसने कप्तान हैरी केन की हैट्रिक की बदौलत ग्रुप जी के अपने दूसरे मैच में पनामा को 6-1 से रौंदकर लगातार दूसरी जीत के साथ नॉकआउट के लिए क्वालीफाई किया.

इंग्लैंड की विश्व कप फाइनल्स के इतिहास में यह सबसे बड़ी जीत है. टीम ने 1966 में खिताब जीतने के बाद पहली बार विश्व कप के किसी मैच में चार से अधिक गोल किए हैं. निजनी नोवगोरोद स्टेडियम में हैरी केन (22वें, 45 प्लस 1 और 62वें मिनट) की हैट्रिक के अलावा इंग्लैंड की ओर से जॉन स्टोंस (आठवें और 40वें मिनट) ने दो, जबकि जेसी लिंगार्ड (36वें मिनट) ने एक गोल किया. पनामा की ओर से एकमात्र गोल स्थानापन्न फेलिप बेलोय (78वें मिनट) ने किया जो टीम का विश्व कप में पहला गोल है.

हैरी केन गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे

हैरी केन मौजूदा टूर्नामेंट में पांच गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं. वह विश्व कप में हैट्रिक बनाने वाले इंग्लैंड के सिर्फ तीसरे खिलाड़ी हैं. उनसे पहले ज्योफ हर्स्ट 1996 में जबकि गैरी लिनेकर 1986 में यह कारनामा कर चुके हैं. इंग्लैंड की जीत के साथ बेल्जियम ने भी ग्रुप जी से अंतिम 16 में जगह बना ली. बेल्जियम की टीम भी इंग्लैंड की तरह ही अपने दोनों मैच जीतकर छह अंक जुटा चुकी है और दोनों टीमों का गोल अंतर भी प्लस छह है. पनामा की टीम लगातार दो हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई है जबकि अपने पहले दो मैच हार चुकी ट्यूनीशिया की टीम का सफर भी ग्रुप चरण में ही थम गया. ग्रुप के अंतिम लीग मैचों में 28 जून को इंग्लैंड का सामना बेल्जियम से होगा, जबकि पनामा की टीम ट्यूनीशिया से भिड़ेगी.

मैच की महत्वपूर्ण बातें

इंग्लैंड की टीम ने मैच में दमदार शुरुआत की. पनामा की टीम के खेल में एक बार फिर रफ खेल की झलक दिखी. मैच के दूसरे ही मिनट में गेब्रियल गोमेज से टकराकर जेसी लिंगार्ड मैदान पर गिर गए लेकिन इंग्लैंड के मेडिकल स्टाफ ने उन्हें आगे खेलने की स्वीकृति दी. पनामा के एडगर बार्सेनास ने पांचवें मिनट में केन के पास को बीच में रोका, लेकिन उनका दमदार शॉट गोल से कुछ दूरी से बाहर निकल गया.

इंग्लैंड ने आठवें मिनट में बढ़त बनाई. कीरन ट्रिपपीयर ने दायें छोर से मूव बनाया, लेकिन एरिक डेविस ने उन पर फाउल कर दिया जिससे इंग्लैंड को कॉर्नर मिला. ट्रिपपीयर की कॉर्नर किक को स्टोंस ने हेडर से गोल में पहुंचाकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिलाई.

पनामा के खिलाड़ी धैर्य के साथ नहीं खेल पा रहे थे और इसका असर दो मिनट बाद दिखा जब अर्मांडो कूपर ने लिंगार्ड को गिरा दिया और उन्हें लगातार दूसरे मैच में पीला कार्ड दिखाया गया, जिससे वह ट्यूनीशिया के खिलाफ अपनी टीम के तीसरे और अंतिम लीग मैच में नहीं खेल पाएंगे.

इंग्लैंड ने 22वें मिनट में बढ़त को दोगुना कर दिया. इस बार 20वें मिनट में लिंगार्ड के खिलाफ फिडेल एस्कोबार ने बॉक्स के अंदर फाउल करते हुए उन्हें गिरा दिया और रैफरी ने इंग्लैंड को पेनल्टी दे दी. कप्तान केन ने गोलकीपर के दायीं ओर दमदार शॉट लगाकर गोल करते हुए इंग्लैंड को 2-0 से आगे कर दिया.

केन इंग्लैंड के सिर्फ दूसरे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने विश्व कप के पहले दो मैचों में इंग्लैंड की ओर से गोल किए हैं. केन ने ट्यूनीशिया के खिलाफ इंग्लैंड के दोनों गोल किए थे. इससे पहले रॉन फ्लावर ही विश्व कप के शुरुआती दो मैचों में इंग्लैंड की ओर से गोल कर पाए थे.

एश्ले यंग और रहीम स्टर्लिंग ने पनामा के डिफेंस को छकाते हुए शानदार मूव मनाया. स्टर्लिंग ने गेंद लिंगार्ड की ओर बढ़ाई जिन्होंने दमदार शॉट लगाते हुए गोलकीपर जेमी पेनेडो को छकाते हुए 36वें मिनट में इंग्लैंड की ओर से तीसरा गोल किया.

इंग्लैंड ने चार मिनट बाद बढ़त 4-0 कर ली. ट्रिपपीयर की फ्रीक किक पर जॉर्डन हेंडरसन ने हेडर लगाया और गेंद केन के पास पहुंची. केन ने इसे स्टर्लिंग के पास पहुंचाया, लेकिन उनके हेडर को पेनेडो ने रोक दिया. पेनेडो हालांकि गेंद को पकड़ नहीं पाए और रिबाउंड पर स्टोंस ने हेडर से अपना दूसरा गोल दाग दिया.

पनामा के डिफेंडरों ने इंजुरी टाइम में केन को बॉक्स में गिरा दिया और इंग्लैंड को मैच में दूसरी बार पेनल्टी किक मिली जिसे केन ने गोल में बदलकर टीम को 5-0 से आगे कर दिया. इंग्लैंड के इतिहास में यह पहला मौका है जब टीम ने पहले हाफ में पांच गोल किए हैं.

पहले हाफ में दबदबे के बाद इंग्लैंड ने दूसरे हाफ में धीमी शुरुआत की और पहले 15 मिनट में टीम कोई दमदार मूव नहीं बना सकी. स्टर्लिंग और स्टोंस ने इसके बाद अच्छा मूव बनाया लेकिन गोल नहीं कर सके

केन ने हालांकि 62वें मिनट में अपनी हैट्रिक पूरी करते हुए इंग्लैंड को 6-0 से कर दिया जब उन्होंने लोफटस चीक के शॉट को डिफलेक्ट करके गोल में पहुंचाया. वह हालांकि इस दौरान मामूली अंतर से ऑफ साइड होने से बच गए. इस गोल के बाद इंग्लैंड ने केन और लिंगार्ड की जगह क्रमश: जेमी वार्डी और फाबियान डेल्फ को उतारा.

पनामा के माइकल मुरिलो को इसके बाद पीला कार्ड दिखाया गया जो उनका लगातार दूसरा पीला कार्ड है और वह भी ट्यूशनीशिया के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे.

पनामा ने 70 मिनट में गैब्रिएल गोमेज की जगह बेलोय को मैदान में उतारा और उन्होंने टीम की ओर से विश्व कप में पहला गोल दागा. स्थानापन्न खिलाड़ी रिकार्डो एविला की फ्री किक गोल में पहुंचाकर वह विश्व कप में गोल करने वाला पनामा के पहले खिलाड़ी बने. उन्होंने ये गोल गेंद पर कब्जे के बाद स्लाइड करते हुए लगाया. बेलोय टीम के कप्तान और सबसे उम्रदाज खिलाड़ी हैं.

 

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