विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

फीफा अंडर-17 विश्व कप: ग्रुप सी में जर्मनी सबसे मजबूत दावेदार

ईरान, गिनी और कोस्टा रिका को रखा गया है उसके ग्रुप में

Sachin Srivastava Updated On: Oct 01, 2017 10:01 AM IST

0
फीफा अंडर-17 विश्व कप: ग्रुप सी में जर्मनी सबसे मजबूत दावेदार

जर्मनी ने इस टूर्नामेंट में नौ बार भाग लिया है. उसने अपना सर्वश्रेष्ठ 1985 में हुए पहले संस्करण में दिया था. तब यह टीम टूर्नामेंट में उपविजेता रही थी. 2007 और 2011 में यह टीम तीसरे स्थान पर जबकि 2007 में चौथे स्थान पर भी रही. जर्मनी की टीम जब सात अक्टूबर को कोस्टारिका के खिलाफ अपना पहला मैच खेलने उतरेगी, तो उसकी नजर पहली बार चैंपियन बनने पर होगी. जबकि उसकी सीनियर टीम तो चार बार फीफा विश्व कप खिताब अपने नाम कर चुकी है.

दो साल पहले चिली में हुए पिछले संस्करण में जर्मनी की टीम अंतिम 16 में क्रोएशिया के हाथों 0-2 से हारकर बाहर हो गई थी. लेकिन उसने यूरोपियन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत में हो रहे इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया. इस दौरान उसने सात जीत दर्ज की और कुल 36 गोल दागे और सिर्फ छह गोल खाए. यह प्रदर्शन बताता है कि उसकी इस टूर्नामेंट के लिए तैयारी कितनी पुख्ता है. इस ग्रुप में उसका सामना ईरान, गिनी और कोस्टा रिका से होगा.

पांच बार का क्वार्टर फाइनलिस्ट है कोस्टा रिका

ग्रुप सी की दूसरी सबसे मजबूत टीम कोस्टारिका है. उसने दसवीं बार फीफा अंडर-17 टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है. पिछली नौ बार में से उसने पांच बार क्वार्टर फाइनल तक का सफर तय किया. कोस्टारिका ने क्वालीफिकेशन के ग्रुप स्टेज में अपने तीनों मैच जीते थे. उसके बाद कानकैफ अंडर-17 चैंपियनशिप में पांच मैचों में 11 गोल किए. इस टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर रहते हुए भारत में होने वाले मेगा इवेंट के लिए अपना टिकट कटाया. कोस्टा रिका ने ग्रुप की दो टीमों ईरान और गिनी से मैच खेले हैं और दोनों पर जीत दर्ज की है.

यह भी पढ़े- फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप: क्या ग्रुप ऑफ डेथ से बाहर निकल पाएगा भारत!

 ईरान भी कम नहीं 

शुरुआती आठ संस्करणों के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रहने वाली ईरानी टीम आखिरकार 2001 में यह तिलिस्म तोड़ने में कामयाब रही. द न्यू यंगस्टर्स’ के नाम से मशहूर ईरानी टीम ने इस टूर्नामेंट के लिए चौथी बार क्वालिफाई किया है. 2001 में हालांकि टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई. लेकिन 2009 और 2013 में उसने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अंतिम 16 में जगह बनाई. इस बार ईरान की निगाह अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर होगी. ईरान को पांच पिछले मैचों में दो में जीत मिली और तीन मैच उसने ड्रॉ खेले. ग्रुप में जर्मनी के रहने से

 पहले दौर से आगे बढ़ना चाहेगा गिनी 

नाइजीरिया और कांगो के साथ 1985 में हुए पहले विश्व कप में भाग लेने वाले पहले तीन अफ्रीकी देशों में से एक था गिनी. तब इस टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो जीतदो ड्रॉ और दो हार के साथ चौथा स्थान हासिल किया थाजोकि इसका टूर्नामेंट में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. इसके बाद टीम कभी भी पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाई. चिली में हुए पिछले संस्करण में भी गिनी की टीम सिर्फ एक ड्रॉ और तीन हार के साथ पहले ही दौर में बाहर गई थी. गिनी ने सीएएफ अंडर -17 अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में तीसरे स्थान पर रहते हुए भारत में हो रहे इस विश्व कप के लिए पांचवीं बार क्वालीफाई किया है.

ग्रुप सी मुकाबले

7 अक्टूबर

जर्मनी बनाम कोस्टा रिका, शाम 5 बजे से, गोवा

ईरान बनाम गिनी, शाम 8 बजे से, गोवा

10 अक्टूबर

कोस्टा रिका बनाम गिनी, शाम 5 बजे से, गोवा

ईरान बनाम जर्मनी, शाम 8 बजे से, गोवा

13 अक्टूबर

कोस्टा रिका बनाम ईरान, शाम 5 बजे से, गोवा

गिनी बनाम जर्मनी, शाम 8 बजे से, कोच्चि

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi