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दिल्ली हाईकोर्ट ने एआईएफएफ अध्यक्ष के रूप में प्रफुल्ल पटेल के चुनाव को खारिज किया

पांच महीने के भीतर कराने होंगे नए चुनाव, पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी प्रशासक नियुक्त

Bhasha Updated On: Nov 08, 2017 03:31 PM IST

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दिल्ली हाईकोर्ट ने एआईएफएफ अध्यक्ष के रूप में प्रफुल्ल पटेल के चुनाव को खारिज किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रफुल्ल पटेल के चुनाव को खारिज कर दिया जिन्हें पिछले साल चार साल के लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) का अध्यक्ष चुना गया था.

अदालत ने यह कहते हुए चुनाव को खारिज कर दिया कि इनमें राष्ट्रीय खेल संहिता का पालन नहीं किया गया. अदालत ने साथ ही पांच महीने के भीतर नए चुनाव कराने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट और न्यायमूर्ति नजमी वजीरी की पीठ ने साथ ही भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी को एआईएफएफ का संचालन देखने के लिए प्रशासक चुना.

अदालत का यह आदेश वकील राहुल मेहरा की याचिका पर आया, जिन्होंने कहा था कि महासंघ के चुनाव राष्ट्रीय खेल संहिता के विपरीत हैं. हाईकोर्ट के चुनाव पर लगी रोक हटाने के बाद पटेल को पिछले साल दिसंबर में इस पद पर कार्यकारी समिति के साथ चुना गया था, जिनका कार्यकाल 2017 से 2020 तक था.

प्रफुल्ल पटेल ने 2008 में कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर कार्यभार संभाला था. उन्हें यह जिम्मेदारी इसलिए दी गई क्योंकि उस वक्त अध्यक्ष प्रियरंजन दास मुंशी को दिल का दौरा पड़ा था. इसके बाद 2009 से उन्होंने पूरी तरह से अध्यक्ष के तौर पर कमान संभाल ली और फिर 2012 में दोबारा उन्होंने यह पद भार संभाला था. उनके नेतृत्व में भारत ने हाल ही में फीफा अंडर -17 विश्व कप की सफलतापूर्वक मेजबानी की और सर्वोच्च उपस्थिति का रिकॉर्ड बनाया.

एआईएफएफ ने कहा, अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार करेंगे

एआईएफएफ ने कहा चुनाव को खारिज करने के बाद वे आगे का कदम उठाने के लिए विस्तृत आदेश का इंतजार करेंगे. एआईएफएफ ने बयान में कहा, "एआईएफएफ को जानकारी नहीं है कि माननीय दिल्ली हाईकोर्ट ने किन कारणों से यह आदेश दिया. माननीय हाईकोर्ट से आदेश की प्रति मिलने के बाद एआईएफएफ कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई पर विचार करेगा. एआईएफएफ को जानकारी है कि माननीय दिल्ली हाईकोर्ट ने उस मामले में आदेश सुनाया है जिसे 12 मई, 2017 को आरक्षित रखा गया था. एआईएफएफ समझ सकता है कि माननीय हाईकोर्ट को कुछ सुधार करने हैं जिसके बाद संबंधित पक्षों को आदेश उपलब्ध कराए जाएंगे. माननीय हाईकोर्ट ने एआईएफएफ के संविधान में संशोधन का भी निर्देश दिया है जिससे कि यह राष्ट्रीय खेल संहिता के अंतर्गत आ सके."

एआईएफएफ ने हालांकि कहा कि उसके चुनाव हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में हुए थे, जिन्होंने निर्वाचन अधिकारी की भूमिका निभाई थी. महासंघ ने साथ ही कहा कि उसकी चुनाव प्रक्रिया फीफा और एएफसी के नियमों के अनुसार थी.

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