S M L

एसजीएम के फैसले के बाद नरिंदर बत्रा का आईओए अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ

आईओए कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना ने आखिरी समय में खुद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन कर सभी को चौंका दिया

Updated On: Nov 29, 2017 09:12 PM IST

Bhasha

0
एसजीएम के फैसले के बाद नरिंदर बत्रा का आईओए अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ

भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) की आम सभा ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित करके नरिंदर बत्रा का देश की इस सर्वोच्च खेल संस्था का अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ कर दिया. आईओए आम सभा ने अपनी विशेष बैठक (एसजीएम) में सर्वसम्मति से 2012 और 2014 में चुने गए पदाधिकारियों और कार्यकारी परिषद के सदस्यों को 14 दिसंबर को होने वाले चुनावों में अध्यक्ष और महासचिव पद के लिए चुनाव लड़ने की अनुमति देने का फैसला किया.

यह बैठक आईओए संविधान के अनुच्छेद 11(1) (सी) पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी. इसमें कहा गया है, ‘अध्यक्ष और महासचिव पद के चुनाव के लिए यह अनिवार्य होगा कि केवल वही सदस्य जो पद पर थे और आईओए की पूर्ववर्ती कार्यकारी परिषद के सदस्य थे, चुनाव लड़ने के योग्य होंगे.’

आईओए उपाध्यक्ष तरलोचन सिंह ने कहा, ‘बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया कि 2012 और 2014 में चुनी गई कार्यकारी परिषद के पदाधिकारी और सदस्य अध्यक्ष और महासचिव पद का चुनाव लड़ने के योग्य होंगे.’ यह बैठक आधे घंटे से थोड़ा अधिक समय तक चली. निवर्तमान अध्यक्ष एन रामचंद्रन ने इसमें हिस्सा नहीं लिया और उनकी अनुपस्थिति में वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीरेंद्र नानावटी ने बैठक की अध्यक्षता की.

आईओए चुनावों के चुनाव अधिकारी एसके मेंदीरत्ता पहले ही साफ कर चुके हैं कि 2012 और 2014 में चुनी गई कार्यकारी परिषद के पदाधिकारी और सदस्य अध्यक्ष और महासचिव पद का चुनाव लड़ सकते हैं. आज के फैसले के बाद बत्रा का शीर्ष पद पर चुनाव लड़ने का रास्ता भी साफ हो गया. बत्रा के अलावा आईओए कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना और उपाध्यक्ष बीरेंद्र प्रसाद बैश्य ने भी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा है.

बत्रा ने 26 नवंबर को नामांकन पत्रों के चार सेट जमा किए थे जिसमें मेहता प्रस्तावक और कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना अनुमोदक थे. लेकिन खन्ना ने आखिर में खुद नामांकन भरकर सभी को चौंका दिया. बैश्य ने भी आखिरी क्षणों में अपना नामांकन भरा. आईओए कार्यकारी परिषद के एक वरिष्ठ सदस्य ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि खन्ना के आखिरी क्षणों में नामांकन पत्र भरने और उसी पद के लिए किसी अन्य उम्मीदवार का अनुमोदक होने के कारण अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी के अयोग्य करार दिए जा सकते हैं.

उन्होंने कहा, ‘ इस पर अंतिम निर्णय (खन्ना की अध्यक्ष पद के लिए योग्यता) पर चुनाव अधिकारी और चुनाव आयोग करेंगे. नामांकन पत्रों की गुरुवार को जांच होगी और हम तय करेंगे कि वह (खन्ना) योग्य हैं या नहीं.’ अध्यक्ष पद के लिए अंतिम क्षणों में नामांकन पत्र भरने वाले बैश्य को बत्रा के बैकअप उम्मीदवार के रूप में रखा गया था और वह बाद में अपना नाम वापस ले सकते हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi