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... जब नवदीप को दिल्ली से खिलाने को लेकर डीडीसीए अधिकारियों से भिड़ गए थे गंभीर

दिल्ली को दस साल बाद रणजी ट्रॉफी फाइनल में पंहुचाने वाले नवदीप बोले, मेरी सफलता पूरी तरह से गंभीर को समर्पित है

FP Staff Updated On: Dec 20, 2017 04:22 PM IST

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... जब नवदीप को दिल्ली से खिलाने को लेकर डीडीसीए अधिकारियों से भिड़ गए थे गंभीर

नवदीप सैनी मंगलवार को पुणे में बंगाल के खिलाफ रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल मुकाबले में हीरो रहे. नवदीप की खतरनाक गेंदबाजी के दम पर दिल्ली की टीम ने बंगाल को पारी और 26 रनों से हराकर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में प्रवेश कर लिया. नवदीप ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन करते हुए मैच में 79 रन देकर 7 विकेट लिए और उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया.

नवदीप ने वही प्रतिभा दिखाई, जिसकी वजह से वह चार साल पहले हरियाणा से दिल्ली आए थे. जल्दी ही वह दिल्ली रणजी टीम के सदस्य बन गए. बंगाल के खिलाफ उन्होंने 140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी की. ऐसी ही एक गेंद पर नवदीप ने बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी को आउट किया. सैनी ने इसे अपना ड्रीम विकेट भी बताया.

नवदीप ने 21 साल की उम्र में 14 दिसंबर, 2013 को नाटकीय हालात में रोशनारा क्लब मैदान पर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था. उनके खेलने से पहले ही डीडीसीए चयन समिति ने उनको अंतिम एकादश में शामिल करने को लेकर आपत्ति जताई थी. नवदीप ने बताया, 'रणजी ट्रॉफी  क्रिकेट में पदार्पण करने से पहले मैं थोड़ा नर्वस महसूस कर रहा था. लेकिन अचानक तनाव से मैं घबरा गया. मैं तो पूरी तरह बाहरी था. एकदम नया. आखिर यह दिल्ली और रणजी क्रिकेट था. इतने बड़े स्तर पर पदार्पण से पहले मैं काफी दबाव महसूस कर रहा था. यह मामला वाकई बिगड़ सकता था, लेकिन शुक्र है गौतम (गंभीर) भाई और सहवाग (वीरेंद्र) भाई का जिन्होंने सब कुछ संभाल लिया. मैं वह दिन कभी नहीं भूल सकता. यह बात भी कभी नहीं भूल पाऊंगा कि किस तरह से दो सीनियर क्रिकेटरों ने मेरा स्वागत किया.'

इसीलिए मंगलवार को पुणे में रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल मुकाबले के बाद नवदीप ने कहा कि उनका जीवन और सफलता पूरी तरह से गौतम गंभीर को समर्पित है. सैनी ने कहा कि मैं अपनी ये सफलता और ये जीवन पूरी तरह से गौतम गंभीर को समर्पित करता हूं. बिना गौतम भैया के मैं कुछ नहीं था, उन्होंने मेरे लिए सब कुछ किया. इससे पहले नवदीप सैनी को भारतीय टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाना था, लेकिन उनकी जगह उत्तर प्रदेश के अंकित राजपूत को भेज दिया गया. इसके बाद गौतम गंभीर ने उन्हें रणजी ट्रॉफी का सेमीफाइनल मुकाबला खेलने को कहा. सैनी ने कहा कि मैं बहुत खुश था कि मैं भारतीय टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका जाऊंगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बाद मैंने गौतम भैया (गौतम गंभीर) को कॉल किया और उन्होंने मुझसे कहा कि सेमीफाइनल मुकाबले के लिए दिल्ली को आपकी जरुरत है. उन्होंने कहा कि अगर तुम यहां अच्छा प्रदर्शन करोगे तो अपने आप ही भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में पहुंच जाओगे. सैनी ने कहा कि इसके बाद मैंने बिल्कुल भी नहीं सोचा.

गौरतलब है दिल्ली के पूर्व क्रिकेटर सुमित नरवाल ने करनाल के नवदीप सैनी को टेनिस बॉल टूर्नामेंट में लगातार यॉर्कर गेंद डालते देखा था. उनको वहां पर इस तरह की गेंदबाजी करते देख सुमित नरवाल ने गौतम गंभीर को इस बारे में बताया और कहा कि वो नेट पर सैनी की गेंदबाजी को देखें. गंभीर उनकी गेंदबाजी से काफी प्रभावित हुए और उनको टीम में शामिल किए जाने को लेकर चयन समिति की बैठक में डीडीसीए के तत्कालीन वाइस प्रेसिडेंट चेतन चौहान से उनकी इस बात को लेकर बहस भी हो गई कि हरियाणा के खिलाड़ी को दिल्ली की टीम में शामिल किया जाए या नहीं. उस समय को याद करते हुए सैनी ने कहा कि गौतम भैय्या, आशीष भैया (नेहरा) और मिथुन मिन्हास ने मुझसे कहा कि जो हो चुका है उसे भूल जाओ तुम सिर्फ गेंदबाजी पर ध्यान दो.

नवदीप 29 दिसंबर को अपने करियर का सबसे बड़ा मैच खेलेंगे, जब वह 2017-18 रणजी सत्र का फाइनल खेलने उतरेंगे. पिछले दो-ढाई माह में उनके प्रदर्शन की वजह से दिल्ली दस साल बाद फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा. नवदीप ने सात मैचों में 29 विकेट झयके हैं, जबकि दिल्ली के बाएं हाथ के स्पिनर विकास मिश्रा ने 32 विकेट लिए हैं.

 

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