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खेल ही नहीं दिल भी जीतने की 'अटल' सलाह क्रिकेट का अहम हिस्सा बन गई...

2004 में लंबे समय बाद भारतीय टीम सीरीज खेलने पाकिस्तान गई थी

Updated On: Aug 16, 2018 05:45 PM IST

Kiran Singh

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खेल ही नहीं दिल भी जीतने की 'अटल' सलाह क्रिकेट का अहम हिस्सा बन गई...

भारत और पाकिस्तान के बीच आज भले ही क्रिकेट संबंध अच्छे नहीं चल रहे हो, लेकिन आज से 14 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपयी ने पाकिस्तान दौरे पर जा रही टीम इंडिया को एक ऐसी सलाह दी, जिसे आज तक कोई खिलाड़ी नहीं भूला है, फिर चाहे वह क्रिकेटर हो, या किसी और खेल का प्लेयर. 2004 में पांच वनडे और तीन टेस्ट मैचों की ऐतिहासिक सीरीज खेलने पाकिस्तान जा रही सौरव गांगुली एंड कंपनी की अटल बिहारी वाजपेयी ने बुलाया और उन्हें एक बल्ला दिया और उस बल्ले पर लिखी उस लाइन को आज भी न सिर्फ प्लेयर्स, बल्कि लोग भी दोहराते हुए मिल ही जाएंगे.

CLAY MODELS OF INDIAN PRIME MINISTER ATAL BEHARI VAJPAYEE AND PAKISTANI PRESIDENT PERVEZ MUSHARRAF IN CALCUTTA. Clay models of Indian Prime Minister Atal Behari Vajpayee (L) and Pakistani President Pervez Musharraf (R) holding a bat and ball respectively in the eastern Indian city of Calcutta March 10, 2004. Cricket fans in Calcutta made the dressed clay models as the Indian cricket team leaves Wednesday to Pakistan. REUTERS/Jayanta Shaw - RP4DRIGKLVAA

भारत और पाकिस्तान दोनों के बीच शांति वार्ता शुरू करने के बाद से रिश्तों को सुधारने के अटल जी के लिए की जा रही पहले के चलते 14 साल में पहली बार टीम इंडिया एक पूरी सीरीज खेलने पाकिस्तान दौरे पर गई थी, जहां भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी. इस सीरीज के विशेष वीजा दिया गया था.

Indian Muslim activists shout slogans in New Delhi, February 20, 2004, during a protest against the tour of Indian cricket team to Pakistan. India confirmed on Saturday that its test team would go to Pakistan in March in one of the most concrete signs that the cricket-mad rivals are getting closer after almost going to war over the Himalayan region of Kashmir less than two years ago. REUTERS/B Mathur AH/DL - RP4DRIHASDAB

हालांकि देश में इस सीरीज का काफी विरोध भी हुआ था. इसे रद्द करने की भी मांग की जा रही थी, लेकिन कड़ी सुरक्षा के बीच टीम पाकिस्तान पहुंची थी.  भारत ने 11 मार्च 2004 से अप्रेल 2004 में हुई सीरीज में 3-2 से वनडे सीरीज और 2-1 से टेस्ट सीरीज जीती थी. दौरे पर रवाना होने से पहले टीम इंडिया को अटल जी से मिली, जहां तत्कालीन प्रधानमंत्री ने उन्हें शुभकामनाओं के तौर पर बल्ला दिया था और उसे बल्ले पर लिखा था खेल ही नहीं, दिल भी जीतिए, शुभकामनाएं.

Indian Prime Minister Atal Behari Vajpayee (R) gives a bat to Indian cricket captain Sourav Ganguly (3rd L) as other teammates look on during a meeting at the prime minster's residence in New Delhi March 10, 2004. Vajpayee on Wednesday urged the country's cricketers to win not just the matches also the hearts of the people of Pakistan as the national team set on a historic tour to the rival nation. REUTERS/B Mathur AH/TW - RP4DRIHATAAB

इस ऐतिहासिक दौरे में टेस्ट सीरीज में भारत की ओर से वीरेन्द्र सहवाग ने सर्वाधिक रन बनाए थे. सहवाग ने कुल 438 रन ठोके थे, वहीं अनिल कुंबले ने सर्वाधिक 15 विकेट लिए थे. मुल्तान में हुए पहले टेस्ट मैच में सहवाग ने 309 रन की पारी खेली थी, जिसके बाद सहवाग को मुल्तान का सुल्तान नाम से जाने जाना लगा। पहले टेस्ठ वहीं वनडे सीरीज में मेजबान पाकिस्तान के कप्तान इंजमाम उल हक ने सर्वाधिक रन बनाए. इंजमाम ने 340 रन बनाए थे, वहीं पाकिस्तानी गेंदबाज मोहम्मद सामी ने सबसे ज्यादा विकेट लिए। सामी ने कुल 11 विकेट झटके थे. भारत की ओर से सर्वाधिक रन राहुल द्रविड़ ने 248 और सबसे ज्यादा विकेट इरफान पठान ने 8 विकेट लिए थे.

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