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विजय शंकर ने कहा, धोनी की स्टाइल में मैच खत्म करने का हुनर सीखना चाहता हूं

Vijay Shankar ने सोमवार को स्वदेश लौटने के बाद कहा, लक्ष्य का पीछा करते हुए MS Dhoni को देखकर काफी कुछ सीखा

Updated On: Feb 13, 2019 08:26 AM IST

Bhasha

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विजय शंकर ने कहा, धोनी की स्टाइल में मैच खत्म करने का हुनर सीखना चाहता हूं

विश्व कप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए मजबूत दावा पेश करने वाले विजय शंकर को लगता है कि ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड दौरे की उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि महेंद्र सिंह धोनी से लक्ष्य का पीछा करने की कला सीखना है. शंकर ने न्यूजीलैंड दौरे के दौरान बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया और वह धोनी की तरह मैच का समापन करना चाहते हैं.

सोमवार को स्वदेश लौटे शंकर ने चेन्नई में पीटीआई से कहा, ‘मैं सीनियर खिलाड़ियों का साथ पाकर खुश था. उन्हें केवल मैच की तैयारियां करते हुए देखना ही सीख है. धोनी को लक्ष्य का पीछा करते हुए देखकर मैंने काफी कुछ सीखा. मैंने विशेषकर लक्ष्य का पीछा करते हुए पारी को कैसे आगे बढ़ाना है, इसको लेकर काफी कुछ सीखा. मैंने उनकी मानसिकता से सीख ली.’

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उन्होंने कहा कि धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके लिए सपने जैसा था. मितभाषी शंकर ने कहा, ‘विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी, रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना बहुत अच्छा अनुभव रहा. टीम के सीनियर को देखना और उनसे सीखना महत्वपूर्ण है.’

शंकर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ आखिरी टी-20 मैच में तीसरे नंबर पर उतारे जाने पर हैरानी जताई थी, लेकिन उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने सीरीज शुरू होने से पहले उन्हें इस बारे में बताया था. उन्होंने कहा, ‘मैं हैरान था, लेकिन साथ ही खुश भी था कि मुझे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए कहा गया है. मुझे सीरीज शुरू होने से पहले बताया गया था कि मुझे वन डाउन पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा जा सकता है. टी-20 में आपके पास क्रीज पर पांव जमाने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता और आपका दृष्टिकोण सकारात्मक होना चाहिए.’

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शंकर को निराशा है कि वह तीसरे टी-20 में टीम को जीत नहीं दिला पाए. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना है कि मुझे कुछ और रन बनाने चाहिए थे. इसके अलावा तीसरे वनडे में टीम को जीत नहीं दिला पाने पर मुझे निराशा हुई. मेरे पास मौका था. यह मेरे लिए सीखने का अच्छा अवसर था. मुझे तेजी से सीखने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की जरूरत है.’

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