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चैंपियंस ट्रॉफी 2017: जानिए इंग्लैंड के उन ग्राउंड का इतिहास, जहां खेले जाएंगे टूर्नामेंट के मैच

एजबेस्टन मैदान, द ओवल और सोफिया गार्डन मैदान में होंगें चैंपियंस ट्रॉफी के मैच

FP Staff Updated On: May 23, 2017 07:55 AM IST

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चैंपियंस ट्रॉफी 2017: जानिए इंग्लैंड के उन ग्राउंड का इतिहास, जहां खेले जाएंगे टूर्नामेंट के मैच

पिछले एक दशक में कई बार चैंपियंस ट्रॉफी को खत्म करने पर चर्चा हुई फिर भी मिनी वर्ल्ड के नाम से मशहूर यह ट्रॉफी 2017 में वापस आ गई है और जून के पहले हफ्ते में शुरू होगी. इंग्लैंड और वेल्स में तीन ग्राउंड में मैच होंगे. ये तीन मैदान हैं द ओवल, एजबेस्टन और कार्डिफ में सोफिया गार्डन.

द ओवल

केनिंगटन में स्थित ‘द ओवल’ ग्राउंड दुनिया के बेहतरीन ग्राउंड में से एक है. ओवल वैसे तो कई यादगार टेस्ट मैचों का गवाह रहा है लेकिन उसमें सबसे यादगार 2005 एशेज सीरीज रही है. केविन पीटरसन के 158 रनों की बदौलत इंग्लैंड ने अंतिम और फाइनल टेस्ट ड्रा कराकर 18 साल बाद सीरीज अपने नाम की. इस जीत ने ब्रिटिश की जनता को खेल और मैदान दोनों की तरफ आकर्षित किया. और वह सीरीज सबसे बड़ी सीरीज साबित हुई.

ओवल मैदान को खेलों के लिए 1845 से इस्तेमाल किया जाता है. इसी ग्राउंड ने इंग्लैंड में पहले टेस्ट मैच की मेजबानी की थी. 1882 में हुए इस मैच में इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था. बिली मर्डोक की कप्तानी में इंग्लैंड आई ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इंग्लैंड को 7 रनों से हराया था. इसी मैच के बाद 'स्पोर्टिंग टाइम्स' ने इंग्लैंड की हार पर व्यंग्य में शोक संदेश छापा था जिससे ‘एशेज’ सीरीज का  नाम पड़ा. अखबार ने अपनी हेडलाइन में छापा था कि आज इंग्लैंड के क्रिकेट की मृत्यु हो गई है. हम इसका शोक मनाते हैं.

ओवल में पहला वनडे मैच 7 सितंबर 1973 को खेला गया था. इस मैच में भी इंग्लैंड को हार का सामना करना पड़ा था. इंग्लैंड ने 55 ओवर में नौ विकेट पर सिर्फ 155 रन बनाए थे. रॉय फ्रेडिक्स के 105 रनों की पारी के बदौलत वेस्ट इंडीज ने इंग्लैंड को 8 विकेट से हराया था. इंग्लैंड की ओर से कीथ फ्लेचर (63) ने ही अच्छा प्रदर्शन किया.

ओवल  मैदान का  चैपियंस ट्रॉफी का इतिहास भी इंगलैंड के लिए अच्छा नहीं रहा है. 2004 की चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में इंग्लैंड को इसी मैदान में वेस्ट इंडीज ने हराया था. इयॉन ब्रेडशॉ और कोर्टनी ब्राउनी की  9वें विकेट के लिए हुई 71 रनों की साझेदारी ने इंगलैंड के पहली ग्लोबल ट्रॉफी जीतने का सपना तोड़ दिया था. इस साल अंग्रेज टीम अपने पहले मैच में बांग्लादेश से भिड़ते वक्त पुराना रिकॉर्ड सुधारना चाहेगी.

एजबेस्टन मैदान  

जिस जमीन पर एजबेस्टन ग्राउंड है, वह मूल रूप से कैल्थोर्प एस्टेट का था. ये सर हेनरी गॉफ के वंशजों की पारिवारिक हिस्सेदारी थी, जिसे 1728 में एक बैरनेट बनाया गया था. यह 1882 में बनाया गया था. क्योंकि यह माना जाता था कि एक क्रिकेट मैदान बर्मिंघम को और खूबसूरत बनाएगा और उसकी अहमियत बढाएगा. वारविकशायर काउंटी क्रिकेट क्लब 1885 में यहां आया और तबसे वहीं हैं.

इस मैदान पर पहला इंटरनेशनल मैच 1902 में खेला गया था. एशेज सीरीज के इस टेस्ट में इंग्लैंड ने नौ विकेट पर 376 रन बनाए थे. जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 36 पर आउट हो गई थी. बारिश की वजह से मैच में ऑस्ट्रेलिया हार से बच गया था. दूसरी पारी में उसने दो विकेट पर 46 रन बनाए थे.

BIRMINGHAM, UNITED KINGDOM - MAY 30: The Ground Staff move the covers as rain stops play at the LV County Championship match between Warwickshire and Hampshire at Edgbaston Cricket Ground on May 30, 2007 in Birmingham, England. (Photo by Shaun Botterill/Getty Images)

इंग्लैंड में 1997 तक डे-नाइट क्रिकेट नहीं हुआ. उस साल तीन मैदानों पर संडे लीग के एक-एक मैच टेंपरेरी फ्लडलाइट के साथ कराए गए. तीन मैदानों में एजबेस्टन भी शामिल है. पहला मैच एजबेस्टन में ही हुआ था. हालांकि होना वो ओवल में था, लेकिन बारिश की वजह से मैच रद्द हो गया. इसके बाद एजबेस्टन में मैच हुआ.

इस मैदान पर चैंपियंस ट्रॉफी के मैच भी हुए हैं. साल 2013 के फाइनल की मेजबानी इस मैदान ने की थी. इंग्लैंड फाइनल में पहुंची. एक समय लग रहा था कि मेजबान टीम चैंपियन बनेगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऑइन मॉर्गन और रवि बोपारा ने अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे. इंग्लैंड को 16 गेंदों से जीत के लिए 20 रन चाहिए थे लेकिन इशांत शर्मा की लगातार दो गेंदों पर दोनों आउट हो गए और इंग्लैंड छह रन से हार गई.

सोफिया गार्डन

सोफिया गार्डन साल 1967 से ग्लेमॉर्गन काउंटी क्रिकेट क्लब का घरेलू मैदान  है. कार्डिफ ने अपने पहले वनडे की मेजबानी 1999 में वर्ल्ड कप के वक्त की थी. यह मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच हुआ था. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को हार का सामना करना पड़ा था. यह ऑस्ट्रेलिया की इस टूर्नामेंट में इकलौती हार थी. रोजर टूज ने नाबाद 80 रन बनाकर कीवी को जीत दिलाई थी.

2006 तक कार्डिफ ने इंग्लैंड के किसी वनडे की मेजबानी नहीं थी की. बाकी देशों के बीच हुए मैचों में सबसे यादगार मैच शायद 2005 में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच हुआ था. मोहम्मद अशरफुल के शतक की बदौलत बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराया था. 2006 में जब इंग्लैंड को इस ग्राउंड में वनडे मैच खेलने को मिला तो वो भी बारिश के चलते रद्द हो गया था. 203 के लक्ष्य का पीछा करते वक्त पाकिस्तान ने 7 ओवर ही बल्लेबाजी की थी. इसके बाद बारिश हो गई और मैच रद्द हो गया.

2008 में भी साउथ अफ्रीका के साथ हुए मैच में भी जब भारी बारिश के चलते मैच रद्द हो गया तो सवाल उठने लगे कि ऐसी जगह मैच क्यों कराया जाए, जहां हर वक्त बारिश का खतरा रहता हो. कार्डिफ 2017 साल के सबसे ज्यादा बारिश होने वाली जगहों में से है.

2009 में अपने पहले टेस्ट की मेजबानी करने पहले इंग्लैंड ने इस छोटे  काउंटी क्रिकेट  ग्राउंड को 16 हजार दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम बना दिया गया. पहला कार्डिफ टेस्ट इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ. जो उस साल एशेज का पहला था. यह मैच ड्रॉ हो गया था. रोमांचक मैच में इंग्लैंड की  आखिरी जोड़ी ने 11.2 ओवर खेल लिए थे.

साल 2013 में कार्डिफ में चैंपियंस ट्रॉफी का सेमीफाइनल खेला गया था. भारत श्रीलंका के बीच खेला गया यह मैच वही था जिसमें महेंद्र सिंह धोनी  ने विकेटकीपिंग छोड़ गेंदबाजी की थी. उन्होंने अपनी दूसरी ही गेंद पर माहेला जयवर्धने को एलबीडबल्यू आउट किया हालांकि रिव्यू के बाद फैसला बदला गया और धोनी को विकेट नहीं मिल पाया.

कार्डिफ में ग्रुप के सिर्फ तीन मैच होंगे क्योंकि इसी हफ्ते उसे फुटबॉल की चैंपियंस लीग के फाइनल की मेजबानी भी करनी है.

 

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