S M L

55 करोड़ का आईपीएल मैच और 23 लाख की एक बॉल, क्या आपके ड्रॉइंग रूम में ही कटेगी आपकी जेब!

आईपीएल के राइट्स हासिल करने के बाद स्टार ने बीसीसीआई के मीडिया राइट्स भी खरीद लिए हैं जिसके भुगतान के लिए दर्शकों की जेब पर भार पड़ेगा

Jasvinder Sidhu Jasvinder Sidhu Updated On: Apr 06, 2018 03:11 PM IST

0
55 करोड़ का आईपीएल मैच और 23 लाख की एक बॉल, क्या आपके ड्रॉइंग रूम में ही कटेगी आपकी जेब!

नोटबंदी के मद्देनजर बाजार के जानकार दावा कर रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी नहीं है. ऐसे में अगर स्टार टीवी 6138.1 करोड़ की रकम में पांच साल के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड से देश में होने वाले अंतरराष्ट्रीय मैचों के अधिकार खरीदता है तो हैरानी के साथ कई सवालों का होना लाजिमी है.

6 हजार करोड़ रुपए से अधिक की यह रकम इसलिए भी हैरान करती है, क्योंकि पिछले सितंबर में इसी स्टार टीवी ने 16 हजार 347.5 करोड़ रुपए देकर पांच साल के लिए इंडियन प्रीमियर लीग के अधिकारों पर कब्जा किया है.

जिन पाठकों का गणित कमजोर है या उनकी समझ में यह सारे आंकड़े नहीं आते तो उनके लिए थोड़ा आसान कर देते हैं. इस हफ्ते से आईपीएल शुरू हो रहा है और स्टार इसके हर एक मैच के प्रसारण के लिए 55 करोड़ रुपये बीसीसीआई को देगा यानी हर बॉल की कीमत 23.3 लाख रुपये होने वाली है.

संभव है कि भविष्य में आप आईपीएल का मैच देखने के लिए अपने ड्रॉइंग रूम में बैठें तो आपको भी इस महंगे करार की कीमत चुकानी पड़े. यह आंकड़े किसी भी वित्तीय कंपनी चलाने वालों को अपना सिर खुजाने के लिए मजबूर कर सकते हैं.

IPL

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आईपीएल और भारत में होने वाले क्रिकेट के लिए टीवी कंपनी ने जो रकम अदा करने का वादा किया है, क्या वह तर्कसंगत है?

किसी भी तरह के प्रसारण का भविष्य रोजमर्रा में उपयोग में आने वाले उत्पादों के विज्ञापनों पर निर्भर करता है. लेकिन बाजार की इस समय  जो हालत है, उसे देख कर कंपनी के इतनी बड़ी रकम देने पर कई सवाल उठते हैं.

कल्पना कीजिए कि कंपनी ने इस पैसे की भरपाई के लिए जो योजना बनाई है, वह नाकाम हो जाती है और उसके लिए करार के पैसे निकाल पाना असंभव हो जाता है. और ऐसे में अगर वह भरपाई के लिए कोई दूसरा रास्ता अपनाती है, तो क्या उसे बीसीसीआई रोक पाएगा?

मसलन उदहारण के लिए पहाड़ जैसी रकम लगा कर टीवी प्रसाऱण हासिल करने वाली कंपनी कभी नहीं चाहेगी कि कोई टेस्ट मैच सिर्फ तीन दिन में ही खत्म हो जाए. क्योंकि मैच पांच दिन चलेगा तभी वह विज्ञापनों के स्लॉट सही तरह से इस्तेमाल कर पाएगी. ऐसी स्थिति में उसकी पिचों को लेकर मांगों और हस्तक्षेप को क्या रोक पाना संभव होगा?

या फिर कंपनी कह सकती है कि फलां सीरीज में मजबूत टीम होनी चाहिए क्योंकि कमजोर भारतीय टीम वाली सीरीज में विज्ञापन बेच पाना संभव नहीं. यहीं सीधे टीम के चयन में भी उसका हस्तक्षेप हो सकता है.

आईपीएल के मैचों  में कंपनी बमबारी की तरह विज्ञापनों की भरमार कर दे तो उसे कौन रोकेगा! मामला कंपनी के क्रिकेट में संभावित दखल का ही नहीं है. कंपनी अरबों रुपये टीवी राइट के लिए दे रही है तो इसकी भरपाई जनता से करने से उसे कौन रोक सकता है?

ipl

उदहारण के लिए आईपीएल शुरु होने वाला है और स्टार ने अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है कि इसका प्रसारण उसके किस चैनल पर होना है. कंपनी के विज्ञापनों मे कहा जा रहा है कि स्टार टीवी नेटवर्क पर इसका प्रसारण होना है.

स्टार और बाकी डिश कंपनियों के बीच वितरण को लेकर विवाद अभी थमा नहीं है, क्योंकि स्टार क्रिकेट के चैनलों के लिए ज्यादा पैसा मांग रहा है. जाहिर है कि यह भार आम आदमी पर ही आने वाला है. ऐसे में अगर आईपीएल से ठीक पहले कंपनी प्रसारण को एचडी या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म पर डाल कर दर्शकों को और ज्यादा पैसा देने के लिए मजबूर करती है तो कोई कुछ नहीं कर सकता. आखिरकार उसे अपनी रकम किसी कीमत पर वसूलनी है.

गौर से देखा जाए तो यह पूरा करार सामान्य नजर नहीं आता. बाजार में पैसा नहीं है और स्टार ने अरबों देने का वादा किया है. यह कैसे होगा, एक यक्ष प्रश्न है.

इसमें कोई दोराय नहीं है कि यह रकम आने वाले खतरों की तरफ इशारा करती है और किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने की लिए जरुरी है कि जांच एजेंसियों को प्रसारण अधिकार हासिल करने वाली कंपनी के रिकवरी प्लान की पड़ताल जरूर करनी चाहिए.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
'हमारे देश की सबसे खूबसूरत चीज 'सेक्युलरिज़म' है लेकिन कुछ तो अजीब हो रहा है'- Taapsee Pannu

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi