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श्रीसंत पर लगे बैन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्तों में बीसीसीआई से मांगा जवाब

हाईकोर्ट की एक पीठ ने श्रीसंत पर लगे लाइफटाइम बैन को निरस्त करने के फैसले को पलट दिया था

FP Staff Updated On: Feb 05, 2018 03:08 PM IST

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श्रीसंत पर लगे बैन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्तों में बीसीसीआई से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पॉट फिक्सिंग के मामले में फंसे एस श्रीसंत के मामले में सुनवाई करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब मांगा है. श्रीसंत पर बीसीसीआई द्वारा 2013 में आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में दोषी पाए जाने के कारण लाइफटाइम बैन लगा दिया गया था. श्रीसंत ने केरल हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी.

गौरतलब है कि श्रीसंत पर इंडियन प्रीमियर लीग 2013 के संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग में संलिप्त पाए जाने के बाद बीसीसीआई ने लाइफटाइम बैन लगाया था. श्रीसंत आईपीएल की राजस्थान रॉयल्स टीम के खिलाड़ी थे. सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत की याचिका पर पांच फरवरी को सुनवाई करने पर सहमति जताई थी, जिसमें क्रिकेटर ने केरल हाईकोर्ट के उन पर लगाए गए लाइफटाइम बैन के फैसले को चुनौती दी है. श्रीसंत के अलावा राजस्थान टीम के दो अन्य खिलाड़ियों अंकित चव्हाण और अजीत चंदीला को जुलाई 2015 में पटियाला हाउस कोर्ट ने बरी कर दिया था.

इससे पहले हाईकोर्ट की एकल पीठ ने तेज गेंदबाज के समर्थन में फैसला सुनाते हुए उन पर से लाइफटाइम बैन को हटाने का फैसला किया था. लेकिन बीसीसीआई ने इस एकल पीठ के निर्णय के खिलाफ याचिका दायर की जिस पर सुनवाई करते हुए केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भारतीय बोर्ड के समर्थन में फैसला दिया और श्रीसंत पर लाइफटाइम बैन बरकरार रखा. अदालत की दलील थी कि क्रिकेटर पर लगाया गया प्रतिबंध उनके अधिकारों का हनन नहीं है. वहीं बीसीसीआई ने दलील दी थी कि श्रीसंत के खिलाफ स्पॉट फिक्सिंग मामले में पुख्ता सबूत मिले हैं और इसी के आधार पर उन पर लाइफटाइम बैन लगाया जा रहा है, क्योंकि बोर्ड की भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति है.

 

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