S M L

गुलाबी गेंद से खौफ खाती है भारतीय टीम, नहीं खेलना चाहती डे-नाइट टेस्ट!

संजय ने कहा कि खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट के बजाय टी20 लीग में खेलना इसलिये पसंद कर रहे हैं क्योंकि छोटे फॉर्मेट में काफी पैसा होता है

Updated On: Oct 02, 2018 12:13 PM IST

Bhasha

0
गुलाबी गेंद से खौफ खाती है भारतीय टीम, नहीं खेलना चाहती डे-नाइट टेस्ट!

पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर का मानना है कि डे-नाइट टेस्ट मैचों से दर्शकों की संख्या में इजाफा होगा और सोमवार को इस बात पर हैरानी व्यक्त की कि भारत इसे अपनाने के खिलाफ क्यों है.उन्होंने कहा कि खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट के बजाय टी20 लीग में खेलना इसलिये पंसद कर रहे हैं क्योंकि छोटे फॉर्मेट में काफी पैसा होता है. मांजरेकर ने कहा, ‘ज्यादा से ज्यादा लोगों को टेस्ट क्रिकेट की तरफ आकर्षित करने, दर्शकों की संख्या बढ़ाने, लोकप्रियता बढ़ाने का एकमात्र तरीका डे-नाइट टेस्ट मैच हैं. ’

इस पूर्व खिलाड़ी ने क्रिकेट क्लब आफ इंडिया में नौंवे दिलीप सरदेसाई स्मारक व्याख्यान में भाषण देते हुए हैरानी व्यक्त की, ‘हम ज्यादा दिन-रात्रि टेस्ट मैच क्यों नहीं खेल रहे हैं, जबकि पता है कि इससे दर्शकों की संख्या में और इजाफा ही होगा. ’ उन्होंने कहा, ‘भारत ने हाल में एक पेशकश को ठुकरा दिया - क्योंकि खिलाड़ी इसमें खेलने से डरे हुए हैं हैं, गुलाबी गेंद और ओस में नहीं खेलना चाहते. ’

भारत के लिए 74 वनडे खेल चुके संजय मांजरेकर ने कहा, ‘मेरा हमेशा ही मानना रहा है कि परिस्थितियां तब तक अनुचित नहीं होती जब तक ये दोनों टीमों के लिये एक सी हैं.' मांजरेकर ने कहा, ‘आज टेस्ट क्रिकेट खाली स्टैंड के सामने खेला जाता है और आईपीएल 50,000 से ज्यादा जुनूनी लोगों के सामने जिसे लाखों लोग टीवी पर देखते हैं. उन्होंने कहा, ‘हर हालत में खिलाड़ी आईपीएल में खेलना चाहते हैं, जिसके बाद और इसके दौरान खिलाड़ियों को कितनी ही चोटें लगती हैं. आईपीएल से आपको शोहरत और धन मिलता है, कौन इसे ना कहेगा? ’ मांजरेकर ने कहा, ‘साथ ही टेस्ट क्रिकेट इतना मुश्किल है, इसलिये हैरानी की बात नहीं है कि कई क्रिकेटर टेस्ट क्रिकेट के बजाय टी20 लीग को चुन रहे हैं. ’

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi