S M L

कोचिंग सपोर्ट स्टाफ बढ़ाने की तैयारी में हैं शास्त्री!

जहीर खान के आलवा अरुण भरत भी हो सकते हैं गेंदबाजी कोच

Updated On: Jul 13, 2017 05:03 PM IST

Bhasha

0
कोचिंग सपोर्ट स्टाफ बढ़ाने की तैयारी में हैं शास्त्री!

भारतीय क्रिकेट टीम के नव नियुक्त कोच रवि शास्त्री अपने सहयोगी स्टाफ में नई मांग कर सकता हैं. जहीर खान की मौजूदगी के बावजूद भरत अरूण की गेंदबाजी कोच के रूप में वापसी करने के लिए कह सकते हैं.

गेंदबाजी कोच के लिये शास्त्री की पसंद अरूण थे. अब यह साफ हो गया है कि क्रिकेट सीएसी ने गेंदबाजी कोच के लिए जहीर के नाम की सिफारिश करते समय शास्त्री को विश्वास में नहीं लिया. हालांकि उनकी भूमिका भी राहुल द्रविड़ जैसी ही सलाहकार की होगी.

जहीर पूरे 250 दिन का समय नहीं दे पाएंगे जो कि एक पूर्णकालिक कोच के लिए जरूरी है. वह 100 दिन से अधिक समय के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे.

इससे पहले शास्त्री से जब गेंदबाजी कोच के रूप में उनकी पसंद पूछी गई तो उन्होंने अरूण का नाम लिया.

शास्त्री ने इसके बाद कहा, ‘फिर मुझे जैसन गिलेस्पी दे दो.’ गिलेस्पी को अभी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी कोच माना जाता है. तेजतर्रार क्रिकेटर शास्त्री समझते थे कि बीसीसीआई गिलेस्पी जैसे कोच को नहीं ले सकता जिनसे पहले ही पापुआ न्यूगिनी ने अनुबंध कर रखा है.

arun

बीसीसीआई ने वेंकेटेश प्रसाद का नाम भी स्टैंड बाई के रूप में रखा है. लेकिन लगता है कि शास्त्री अरूण के अलावा किसी अन्य के नाम पर सहमत नहीं होंगे. प्रसाद को हो सकता है कि भारतीय टीम में पसंद नहीं किया जाए क्योंकि अपने पूर्व के कार्यकाल के दौरान उनको लेकर शिकायतें थी. कहा गया था कि उन्होंने तेज गेंदबाजों को लाइन व लेंथ वाले मध्यम गति के गेंदबाजों में बदल दिया.

बीसीसीआई के अनुसार शास्त्री इस सप्ताहांत शीर्ष अधिकारियों और प्रशासकों की समिति सीओए से मिल सकते हैं.

यह भी पढ़े-...तो गांगुली को खुली चुनौती दे ही दी रवि शास्त्री ने!

अगर शास्त्री टीम में अरूण को लाने में सफल रहते हैं तो इससे वह अपने धुर विरोधी रहे सौरव गांगुली से भी बदला ले लेंगे जो उनको रखने के खिलाफ थे. अरूण को 2014 में जब डावेस की जगह गेंदबाजी कोच बनाया गया था और वह 2016 में शास्त्री को बाहर किए जाने तक टीम के साथ थे.

अरूण का खिलाड़ी के रूप में करियर भले ही अच्छा नहीं रहा हो लेकिन उन्हें हमेशा बेहतरीन अकादमी कोच माना जाता रहा है. तेज गेंदबाजी से जुड़ी चीजों पर उनकी अच्छी पकड़ है. अरूण और शास्त्री दोनों ही अस्सी के दशक के शुरूआती वर्षों में अंडर-19 के दिनों से दोस्त हैं.

शास्त्री की सिफारिश पर ही तत्कालीन अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने अरूण को सीनियर टीम का गेंदबाजी कोच नियुक्त किया था. तब वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में गेंदबाजी सलाहकार थे.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi