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रणजी ट्रॉफी फाइनल : अक्षय के शतक से विदर्भ की खिताब जीतने की उम्मीद बढ़ी

विदर्भ ने तीसरे दिन हासिल की दिल्ली पर 233 रन की मजबूत बढ़त

Updated On: Dec 31, 2017 07:15 PM IST

FP Staff

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रणजी ट्रॉफी फाइनल : अक्षय के शतक से विदर्भ की खिताब जीतने की उम्मीद बढ़ी

विदर्भ का पहली बार रणजी ट्रॉफी जीतने का सपना साकार होता नजर आ रहा है. अक्षय वाडकर के पहले शतक की बदौलत विदर्भ ने इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल के तीसरे दिन दिल्ली पर 233 रन की मजबूत बढ़त के साथ अपने खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाए. विदर्भ ने रविवार का अंत सात विकेट के नुकसान पर 528 रनों के साथ किया. स्टंप्स तक वाडकर के साथ सिद्देश नेराई 56 रन बनाकर खेल रहे हैं.

वाडकर ने अभी तक 243 गेंदों का सामना किया है और 16 चौके सहित एक छक्का लगाया है.  वहीं सिद्देश ने 92 गेंदों की अभी तक की पारी में चार चौके और इतने ही छक्के जड़े हैं. इन दोनों के अलावा वसीम जाफर ने 78 और आदित्य सरवटे ने 79 रनों की पारी खेली. वाडकर और नेराल अब तक आठवें विकेट के लिए 113 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं. वाडकर ने आदित्य के साथ भी सातवें विकेट के लिए 169 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की. दिल्ली की टीम पहली पारी में 295 रन ही बना सकी थी.

विदर्भ ने दिन की शुरुआत चार विकेट के नुकसान पर 206 रनों के साथ की. जाफर ने दूसरे दिन का अंत 61 रनों पर नाबाद रहते हुए किया था. हालांकि दिन का पहला विकेट विदर्भ ने अक्षय वघारे के रूप में खोया. उन्हें 237 के कुल स्कोर पर नवदीप सैनी ने आउट किया. कुछ देर बाद जाफर भी सैनी की गेंद पर पगबाधा करार दे दिए गए. जाफर के आउट होने तक सैनी हालांकि काफी थक चुके थे, जिससे उन्हें विदर्भ के निचले क्रम को अधिक गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला.

उनके गेंदबाजी से हटने से वाडकर और सरवटे को जमने का मौका मिला, जिससे दोनों ने विदर्भ की स्थिति मजबूत की. स्पिन विभाग में मजबूत विकल्प की कमी का भी दिल्ली को खामियाजा उठाना पड़ा जिससे मदद नहीं मिलने के बावजूद सैनी और कुलवंत खजरोलिया की तेज गेंदबाजी जोड़ी को काफी गेंदबाजी करनी पड़ी. आकाश सूदन बिस्कुल भी प्रभावशाली नहीं दिखे और विदर्भ के बल्लेबाजों के लिए कोई समस्या नहीं खड़ी कर सके. मनन शर्मा लंबे समय तक मैदान से बाहर रहे जिससे दिल्ली के स्पिन विकल्प कम हुए.

अनुभवी गौतम गंभीर भी क्षेत्ररक्षण के दौरान अंगुली में चोट के कारण लंच के बाद क्षेत्ररक्षण के लिए नहीं उतरे. उन्होंने विकास मिश्रा की गेंद पर सरवटे का कैच भी टपकाया. वाडकर ने मिड ऑन क्षेत्ररक्षक के ऊपर से चार रन के साथ शतक पूरा किया और इस दौरान स्टैंड में मौजूदा उनके परिवार के सदस्यों ने भी उनकी हौसलाअफजाई की. भाग्य ने नेराल का साथ दिया और वह खजरोलिया की गेंद पर दो बार आउट हुए, लेकिन दोनों बार नोबॉल हो गई.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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