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Ranji Trophy Final: चैंपियन विदर्भ टीम को तीन करोड़ रुपए का इनाम देगा वीसीए

वीसीए प्रमुख ने कहा, ‘हम सम्मान समारोह की तारीख तय करेंगे और इस कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को इनामी राशि दी जाएगी.’

Updated On: Feb 07, 2019 09:20 PM IST

Bhasha

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Ranji Trophy Final: चैंपियन विदर्भ टीम को तीन करोड़ रुपए का इनाम देगा वीसीए

विदर्भ क्रिकेट संघ (वीसीए) ने गुरुवार को रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने वाली अपनी टीम को तीन करोड़ रुपए की नकद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की. विदर्भ की टीम ने गुरुवार को अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए सौराष्ट्र को हराकर लगातार दूसरे साल रणजी खिताब अपने नाम किया.

वीसीए अध्यक्ष आनंद जायसवाल ने नागपुर से फोन पर बताया, ‘भारतीय क्रिकेट बोर्ड दो करोड़ रुपए (इनामी राशि के रूप में) देगा और हम (वीसीए) तीन करोड़ रुपए अतिरिक्त देंगे (टीम को).’ जायसवाल ने कहा कि 12 फरवरी से शहर में होने वाले ईरानी कप मैच को देखते हुए वीसीए ने रणजी ट्रॉफी की सफलता के जश्न को ‘स्थगित’ कर दिया है. वीसीए प्रमुख ने कहा, ‘हम सम्मान समारोह की तारीख तय करेंगे और इस कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को इनामी राशि दी जाएगी.’

रणजी ट्रॉफी के इतिहास में विदर्भ सिर्फ छठी टीम है जो अपने खिताब का बचाव करने में सफल रही है. इससे पहले मुंबई, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली लगातार दो खिताब जीत चुके हैं.

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फाइनल में दिखा इस टीम का जज्बा : पंडित

विदर्भ के कोच चंद्रकांत पंडित को अपने खिलाड़ियों पर पूरा गर्व है, जिन्होंने लगातार दूसरा खिताब हासिल करने के दौरान प्रतिद्वंद्वियों को दबाव में डालने से पहले खुद भी दबाव का डटकर सामना किया. देश के सर्वश्रेष्ठ घरेलू कोचों में शुमार पंडित ने अपने रणनीतिक कौशल और अनुशासन के बूते विदर्भ को लगातार दूसरा खिताब दिलाया.

विदर्भ ने पिछले साल दिल्ली के खिलाफ पहली बार खिताब हासिल किया था और कई इसे ‘तुक्का’ मान रहे थे और पंडित ने भी सौराष्ट्र के खिलाफ स्वीकार किया था कि लक्ष्य यह साबित करना था कि 2017-18 का खिताब तुक्का नहीं था. पंडित ने फाइनल के बाद कहा, ‘हां, दबाव था कि हम उस ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं और हमने उस प्रदर्शन को बरकरार रखने की प्रक्रिया अपनाई. मैं इस प्रक्रिया की व्याख्या नहीं करूंगा लेकिन हमने क्रिकेट बेसिक्स पर काम किया.’

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पंडित ने कहा कि उन्हें और उनके खिलाड़ियों को साबित करना था ताकि अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब दे सकें. पंडित ने कहा, ‘जब इस टीम ने एकजुट प्रदर्शन किया था तो लोगों ने मजाक उड़ाया था, लेकिन अगर ऑस्ट्रेलिया ऐसा करता तो वे इसे एकजुटता कहते हैं. यह एक प्रक्रिया थी और विचारों को बदलने के लिए यह अहम था.’

उन्होंने कहा कि वीसीए ने उन्हें पूरी छूट दी थी और वे सभी उनके कड़े तरीकों से वाकिफ थे. पंडित ने कहा कि उन्हें कभी-कभी शानदार प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को अंतिम एकादश से बाहर भी करना पड़ा ताकि टीम में स्वस्थ स्पर्धा बनी रहे. उन्होंने कहा, ‘कोच और खिलाड़ियों के बीच अच्छा तालमेल है. तीन तरह के खिलाड़ी होते हैं, एक जो खेलते हुए खुश हैं, दूसरे जो टीम में रहकर ही खुश हैं और तीसरे जो क्रिकेट में सुधार से खुश थे. हमें उनके सोचने के इस तरीके को बदलना था और यह आसान नहीं है. इसके लिए आपको संस्कृति को समझना होता.’

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