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रणजी ट्रॉफी : 500वां मैच खेलने वाली पहली टीम बनेगी मुंबई

41 बार की चैंपियन मुंबई का वानखेडे स्टेडियम में बड़ौदा से होगा मुकाबला

Bhasha Updated On: Nov 08, 2017 10:34 PM IST

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रणजी ट्रॉफी : 500वां मैच खेलने वाली पहली टीम बनेगी मुंबई

विजय मर्चेंट का उनके समकक्षों ने सम्मान किया, सुनील गावस्कर कई पीढ़ियों के आदर्श रहे और सचिन तेंदुलकर की देश ने पूजा की, इन तीन युगों को एक समान धागे में पिरोती है मुंबई क्रिकेट टीम. रणजी ट्रॉफी में 41 बार की चैंपियन मुंबई की टीम गुरुवार को बड़ौदा के खिलाफ मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में राष्ट्रीय चैंपियनशिप का 500वां मैच खेलेगी और यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली टीम बनेगी.

टीम ने तीनों प्रारूपों में मिलाकर भारत को सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर दिए, लेकिन यह आंकड़ा भी भारतीय टीम पर उसके प्रभाव को बताने के लिए पर्याप्त नहीं है. गावस्कर का अनुशासन और तेंदुलकर का रुतबा मुंबई का क्रिकेट ‘घराना’ का परिचायक है जो ‘चार डी’ अनुशासन, समर्पण, निष्ठा और प्रतिबद्धता पर आधारित रहा है. इनके अलावा दिलीप वेंगसरकर, एकनाथ सोलकर, दिलीप सरदेसाई और रोहित शर्मा जैसे शहर के खिलाड़ी क्रिकेट प्रेमियों का मनोरंजन करते रहे हैं.

सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘मुंबई (बंबई) रणजी टीम ने दुनिया के कुछ सबसे शानदार क्रिकेटरों को निखारा है. रणजी टूर्नामेंट का हिस्सा होते हुए देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ और खिलाफ खेलने का मौका मिलने से हमारे कई खिलाड़ियों ने काफी कुछ सीखा. मुंबई के प्रत्येक क्रिकेटर को टीम की कैप पहनने में काफी गर्व होता है. इसे कभी आसान नहीं मानने और अतीत की उपलब्धियों से संतोष नहीं करने के कारण ही मुंबई की रणजी टीम का वर्षों से दबदबा है.’

आजाद मैदान, क्रास मैदान, ओवल और शिवाजी पार्क वह स्थान हैं, जहां गुरू-शिष्य परंपरा के बीच सपने आकार लेते हैं. दिवंगत विठ्ठल ‘मार्शल’ पाटिल से रमाकांत आचरेकर से लेकर अंकुश ‘अन्ना’ वैद्य जैसे सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट कोच (लेवल ए, बी और सी कोर्स से पहले) मुंबई से रहे.

तो फिर मुंबई रणजी टीम को अन्य राज्यों की टीम से क्या चीज अलग बनाती है. पूर्व भारतीय कप्तान और मुंबई के दिग्गज अजित वाडेकर ने इसे ‘किलर इंस्टिंक्ट’ बताया है. मुंबई क्रिकेट में दूसरी सर्वश्रेष्ठ टीम बनने या सेमीफाइनल में हारने को विफलता माना जाता है. वाडेकर ने कहा, ‘मुंबई के लिए खेलना मजेदार होता था और हमें जीत की परंपरा को बरकरार रखना था और यह चुनौती थी. हम आत्ममुग्ध नहीं हो सकते थे. हमने मैदान पर अपनी विरोधी टीम पर कभी रहम नहीं बरता और हमेशा उसे रौंदने के लिए तैयार रहते थे. विरोधी टीम डरी होती थी और इससे मदद मिलती थी.’

कर्नाटक का विजय अभियान रोकने के लिए उतरेगा दिल्ली

पिछले दो मैचों में जीत से उत्साह से लबरेज दिल्ली की असली परीक्षा कर्नाटक के खिलाफ बुधवार से अलूर (कर्नाटक) में शुरू होने वाले ग्रुप ए मैच में होगी, जहां उसका लक्ष्य अपना विजय अभियान जारी रखना होगा.

कर्नाटक ने अब तक अपने तीनों मैच अच्छे अंतर से जीते हैं और उसकी टीम ग्रुप ए में 20 अंक लेकर शीर्ष पर है. दिल्ली ने असम के खिलाफ पहला मैच ड्रॉ खेलने के बाद रेलवे को पारी और 105 रन और फिर उत्तर प्रदेश को चार विकेट से हराया. इशांत शर्मा की अगुवाई वाली टीम के तीन मैचों में 16 अंक हैं और वह ग्रुप में दूसरे स्थान पर है.

दिल्ली की निगाहें अब कर्नाटक के विजय रथ को रोककर ग्रुप में शीर्ष पर पहुंचने पर टिकी होंगी, लेकिन उसके लिए यह आसान नहीं होगा क्योंकि कर्नाटक ने अब तक खेल के हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है और उसने दो मैचों में पारी के अंतर से जीत दर्ज करके बोनस अंक हासिल किए हैं. गुरुवार से शुरू होने वाले अन्य मैच

उत्तर प्रदेश बनाम असम (ग्रुप ए)- गुवाहाटी

महाराष्ट्र बनाम रेलवे (ग्रुप ए)- पुणे

राजस्थान बनाम हरियाणा (ग्रुप बी)- रोहतक

जम्मू-कश्मीर बनाम झारखंड (ग्रुप बी) - जमशेपुर

सौराष्ट्र बनाम गुजरोट (ग्रुप बी)- राजकोट

ओडिशा बनाम तमिलनाडु (ग्रुप सी)- कटक

त्रिपुरा बनाम आंध्र प्रदेश (ग्रुप सी)- अगरतला

छत्तीसगढ़ बनाम हिमाचल प्रदेश (ग्रुप डी)- धर्मशाला

सेना बनाम गोवा (ग्रुप डी)- दिल्ली

बंगाल बनाम विदर्भ (ग्रुप डी)- कल्याणी

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