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रणजी ट्रॉफी : गुरबानी की घातक गेंदबाजी ने विदर्भ को फाइनल के करीब पहुंचाया

कर्नाटक को जीत के लिए 87 रन की दरकार है और उसके अब तीन विकेट बचे हुए हैं

FP Staff Updated On: Dec 20, 2017 06:29 PM IST

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रणजी ट्रॉफी : गुरबानी की घातक गेंदबाजी ने विदर्भ को फाइनल के करीब पहुंचाया

विदर्भ और कर्नाटक के बीच कोकाता में खेला जा रहा रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है. विदर्भ की ओर से दिए गए 198 रनों के लक्ष्य को हासिल करने उतरी कर्नाटक के सात विकेट 111 पर गिर चुके हैं. कर्नाटक को अब फाइनल में पहुंचने के लिए जहां एक ओर 87 रनों की दरकार है, वहीं विदर्भ को तीन विकेट हासिल करने हैं. विदर्भ के लिए तेज गेंदबाज रजनीश गुरबानी की भूमिका महत्वपूर्ण रही. उन्होंने अब तक 35 रन देकर चार विकेट लिए हैं.

कर्नाटक के अब पुछल्ले बल्लेबाज क्रीज पर हैं. इनमें कप्तान आर विनयकुमार (नाबाद 19) और श्रेयस गोपाल (नाबाद 01) अभी खेल रहे हैं. इन दोनों ने प्रथम श्रेणी मैचों में शतक लगाए हैं, लेकिन परिस्थितियां काफी मुश्किल हैं तथा उनके लिए उमेश यादव और गुरबानी जैसे गेंदबाजों का सामना करना बेहद मुश्किल होगा.

कर्नाटक की शुरुआत फिर से खराब रही. इस सत्र में 1000 से अधिक रन बनाने वाले मयंक अग्रवाल दूसरी पारी में भी नहीं चले. उमेश यादव (32 रन देकर एक) ने पारी के तीसरे ओवर में ही उन्हें अपनी गेंद पर कैच करके विदर्भ को बड़ी सफलता दिलाई. आर समर्थ (24) और देगा निश्चल (सात) ने इसके बाद लगभग 16 ओवर तक विकेट नहीं गिरने दिया, लेकिन वे इस बीच रन बनाने के लिए जूझते रहे. युवा तेज गेंदबाज सिद्धेष नेराल (37 रन देकर दो) ने इन दोनों को पांच रन के अंदर पवेलियन भेजकर स्कोर तीन विकेट पर 30 रन कर दिया.

पहली पारी में कर्नाटक को शुरुआती झटकों से उबारने वाले करुण नायर (30) और सीएम गौतम (24) ने फिर से यह जिम्मेदारी निभाने की कोशिश की, लेकिन गुरबानी ने इस बार उन्हें बड़ी साझेदारी नहीं निभाने दी. इस 24 वर्षीय तेज गेंदबाज ने नायर को विकेट के पीछे कैच कराया और अगले ओवर में नए बल्लेबाज स्टुअर्ट बिन्नी (00) को भी पवेलियन भेजा. सीएम गौतम और कृष्णप्पा गौतम (01) को भी उन्होंने लगातार ओवरों में आउट किया.

इससे पहले विदर्भ ने गणेश सतीश (81) और आदित्य सरवटे (55) के अर्धशतकों की मदद से अपनी दूसरी पारी में 313 रन बनाए. विदर्भ ने अपनी दूसरी पारी सुबह चार विकेट पर 195 रन से आगे बढ़ाई. सतीश और अक्षय वाडकर (28) ने पांचवें विकेट के लिए 72 रन जोड़े, लेकिन यह साझेदारी टूटते ही उसका निचला मध्यक्रम लड़खड़ा गया और जल्द ही टीम का स्कोर आठ विकेट पर 245 रन हो गया. सरवटे ने यहां से जिम्मेदारी संभाली. उन्होंने आखिरी दो विकेट के लिए 68 रन जोड़े. सरवटे ने उमेश यादव (12) के साथ नौवें विकेट के लिए 38 और गुरबानी (नाबाद 07) के साथ दसवें विकेट के लिए 30 रन की साझेदारियां कीं. कर्नाटक की तरफ से विनयकुमार और बिन्नी ने तीन-तीन जबकि एस अरविंद ने दो विकेट लिए.

पहले सेमीफाइनल मैच में दिल्ली ने बंगाल को पारी और 26 रनों से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई थी. दूसरे सेमीफाइनल को जीतने वाली टीम दिल्ली से इंदौर के होल्कर स्टेडियम में 29 दिसंबर से खिताबी भिड़ंत होगी.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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