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रणजी ट्रॉफी क्रिकेट : बंगाल को तीसरे दिन ही पारी से रौंदकर दिल्ली फाइनल में

नवदीप सैनी और कुलवंत खेजरोलिया की घातक गेंदबाजी से दिल्ली की टीम दस साल बाद फाइनल में पहुंचने में सफल रही

FP Staff Updated On: Dec 19, 2017 10:12 PM IST

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रणजी ट्रॉफी क्रिकेट : बंगाल को तीसरे दिन ही पारी से रौंदकर दिल्ली फाइनल में

दिल्ली की टीम दस साल बाद रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचने में सफल रही. नवदीप सैनी और कुलवंत खेजरोलिया की घातक गेंदबाजी से दिल्ली ने मंगलवार को बंगाल की बल्लेबाजी के परखच्चे उड़कर मैच के तीसरे दिन ही पारी और 26 रन से जीत दर्ज की.

इससे पहले दिल्ली ने 2007-08 में खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी और तब उत्तर प्रदेश को हराकर चैंपियन भी बनी थी. दिल्ली वैसे कुल 15वीं बार फाइनल में पहुंची है. वह अभी तक सात बार खिताब जीत चुकी है. दिल्ली फाइनल में कर्नाटक और विदर्भ के बीच चल रहे दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगी.

दिल्ली ने बंगाल के 286 रन के जवाब में अपनी पहली पारी में 398 रन बनाकर 112 रन की बढ़त हासिल की थी. इसके बाद दिल्ली के गेंदबाजों ने अपना जलवा दिखाया और बंगाल की टीम को दूसरी पारी में 24.4 ओवर में 86 रन पर ढेर कर दिया. सैनी ने 35 रन देकर चार, खेजरोलिया ने 40 रन देकर चार और विकास टोकस ने 11 रन देकर एक विकेट लिया. बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन से मोहम्मद शमी का गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन भी फीका पड़ गया, जिन्होंने 122 रन देकर छह विकेट लिए. शमी ने दक्षिण अफ्रीकी दौरे से पहले अपनी अच्छी फॉर्म का सबूत पेश किया.

पुणे में एमसीए स्टेडियम की पिच पर तीसरे दिन गेंदबाजों का दबदबा रहा और दिन भर में कुल 17 विकेट गिरे. दिल्ली की युवा टीम हालांकि बंगाल पर हर क्षेत्र में अव्वल साबित हुई। उसकी जीत में गेंदबाजों के अलावा अनुभवी गौतम गंभीर (127) और उनके सलामी जोड़ीदार कुणाल चंदेला (113) के शतक तथा युवा बल्लेबाज हिम्मत सिंह (60) के अर्धशतक भी भूमिका भी अहम रही.

बंगाल के बल्लेबाजों ने अपनी गलती से भी विकेट गंवाए, लेकिन दिल्ली के गेंदबाजों की सटीक लाइन व लेंथ का भी उनके पास जवाब नहीं था. दूसरी पारी में बंगाल ने अपने पांच विकेट सिर्फ 44 रनों पर ही खो दिए थे. उपकप्तान सुदीप चटर्जी (21), मनोज तिवारी (14) और रिद्धिमान साहा पर तरजीह दिए गए विकेटकीपर-बल्लेबाज श्रीवत्स गोस्वामी (17) अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाए और जब बंगाल को इनकी जरूरत थी तभी यह अपने विकेट खोकर पवेलियन लौट लिए.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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