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आईसीसी को नहीं मिला कोई सबूत, कहा एशेज में नहीं हुई फिक्सिंग

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में तीसरे एशेज क्रिकेट टेस्ट के दौरान फिक्सिंग का कोई साबूत नहीं मिला है

FP Staff Updated On: Feb 09, 2018 12:24 PM IST

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आईसीसी को नहीं मिला कोई सबूत, कहा एशेज में नहीं हुई फिक्सिंग

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में तीसरे एशेज क्रिकेट टेस्ट के दौरान फिक्सिंग का कोई साबूत नहीं मिला है.जांच शुरू करने से पहले आईसीसी ने कहा था कि वह आरोपों को काफी गंभीरता से ले रहा है लेकिन उसे संदेह है.

आईसीसी के भ्रष्टाचार रोधी महाप्रबंधक एलेक्स मार्शल ने अपनी जांच पूरी होने के बाद बयान में कहा, ‘मैं संतुष्ट हूं कि जांच में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जो यह सुझाव दे कि किसी ने मैच को भ्रष्ट करने की कोशिश की.’

उन्होंने कहा, ‘साथ ही ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि कोई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, प्रशासक या कोच कथित फिक्सरों के संपर्क में था.’

इससे पहले ब्रिटिश टेबलायड ‘द सन’ ने स्टिंग ऑपरेशन में कहा था कि भारत के सट्टेबाजों ने समाचार सत्र के खुफिया रिपोर्टरों को ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच टेस्ट की स्पॉट फिक्सिंग से जुड़ी सूचना बेचने की पेशकश की थी. यह मैच पर्थ में 14 से 18 दिसंबर तक खेला गया था.

ब्रिटेन के अखबार द सन की रिपोर्ट ने क्रिकेट की दुनिया में जो भूचाल ला दिया  था जिसके मुताबिक तार दिल्ली के डीडीसीए के साथ जुड़ रहे हैं. साथ ही यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या वाकई स्टिंग ऑपरेशन में दिखने वाला शख्स इतना सक्षम है जितने बड़े दावे वह कर रहा है.

दरअसल अखबार की रिपोर्ट एक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित है जिसमें दो भारतीय लोग यह दावा कर रहे हैं कि वे आईपीएल से लेकर बिग बैश तक और एशेज सीरीज तक के मुकाबलों को फिक्स करने का माद्दा रखते हैं. महज डेढ़ करोड़ रुपए में पर्थ में गुरुवार से शुरू हुए एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट में में स्पॉट फिक्सिंग का दावा किया गया था.

 

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