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राजनीति के धुरंधर नवाज़ शरीफ का क्रिकेट जीवन भी कम रोचक नहीं

पाकिस्तान में चुनाव में मुकाबला एक सफल क्रिकेटर और नाकाम क्रिकेटर का है. यह नाकाम क्रिकेटर खुद को राजनीति का धुरंधर साबित कर चुका है अब देखना यह है कि क्रिकेट का धुरंधर राजनीति के खिलाड़ी को इस खेल में मात दे पाएगा या नहीं

Saqib Salim Updated On: Jul 22, 2018 04:17 PM IST

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राजनीति के धुरंधर नवाज़ शरीफ का क्रिकेट जीवन भी कम रोचक नहीं

पड़ोसी देश पाकिस्तान में इस समय चुनावी सरगर्मियां जोरों पर हैं. पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ और उनकी बेटी मरयम नवाज़ को घोटाले के केस में जवाबदेही अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद इमरान खान की दावेदारी प्रधानमंत्री पद पर और भी मजबूत हुई है.

इमरान खान के बारे में सब ही जानते हैं कि वो क्रिकेट के इतिहास के आज तक के कुछ सबसे सफल ऑल राउंडर और तेज गेंदबाजों में शुमार होते हैं. पाकिस्तान के वो सफलतम क्रिकेट कप्तान थे और उनकी ही कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में वर्ल्ड कप टूर्नामेंट जीता था.

इमरान खान की तरह नवाज़ शरीफ ने भी अपने करियर की शुरुआत बतौर क्रिकेटर की थी

दूसरी ओर नवाज़ शरीफ 3 बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके हैं और उनकी राजनीतिक परिपक्वता का लोहा पाकिस्तान में सब मानते हैं. लेकिन एक बात जो आमतौर पर लोग नवाज़ शरीफ के बारे में नहीं जानते वो यह है कि इमरान खान की तरह ही उन्होंने भी अपने करियर की शुरुआत बतौर क्रिकेटर ही की थी.

पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज और वर्तमान में कमेंटेटर रमीज राजा के अनुसार नवाज़ शरीफ और वो एक ही क्लब के लिए खेला करते थे. राजा की मानें तो शरीफ एक अच्छे बल्लेबाज थे और उनका कट काफी प्रभावशाली था.

Nawaz Sharif Playing Cricket

नेट्स पर बल्लेबाजी की प्रैक्टिस करते हुए नवाज़ शरीफ (फोटो: फेसबुक से साभार)

क्लब के स्तर पर और अन्य श्रेणी के तो शरीफ ने कई मैच खेले परंतु उनका फर्स्ट क्लास करियर केवल एक मैच का ही था. यह मैच उन्होंने 1973-74 में कराची जिमखाना मैदान पर रेलवेज की ओर से पीआईए बी के खिलाफ खेला था. शरीफ जो कि टीम के सलामी बल्लेबाज के तौर पर खेल रहे थे पहली पारी में एतेमाद की गेंद पर कैसर रज़ा द्वारा बिना खाता खोले ही लपक लिए गए. तब भी उनकी टीम ने मोहम्मद नज़ीर के अर्धशतक की बदौलत पहले दिन 238 का स्कोर बना लिया था.

याद रहे यह वही मोहम्मद नजीर थे जो उस समय पाकिस्तान कि टीम में बतौर स्पिनर खेल रहे थे और कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने पहले मैच में 7 विकेट ले कर रिकॉर्ड बनाया था, जो कि आज भी किसी पाकिस्तानी स्पिनर का डेब्यू पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

नज़ीर की फिरकी के आगे पीआईए की ज्यादा न चली और उन्होंने दोनों पारियों में क्रमशः 51 और 119 रन बनाए और पारी से मैच को गंवाया, जिसके कारण शरीफ को दोबारा बल्लेबाजी का मौका न मिल सका. इसके बाद शरीफ को कभी दोबारा रेलवेज की ओर से खेलने के लिए नहीं चुना गया.

नवाज़ शरीफ अपने पहले प्यार क्रिकेट के खेल को नहीं भूले

1987 में जब क्रिकेट वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत और पाकिस्तान मिल के कर रहे थे तब शरीफ खुद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री थे. लेकिन कहते हैं इंसान अपना पहला प्यार नहीं भूलता. सो शरीफ भी क्रिकेट को न भूले थे. और उन्होंने अपने ओहदे का इस्तेमाल करते हुए लाहौर में होने वाले वार्म अप मैचों में खुद ही खुद को चुन लिया.

इंग्लैंड की टीम के खिलाफ वो लाहौर जिमखाना मैदान पर सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे थे और तेज गेंदबाज फिल डेफ्रेट्स की गेंद पर केवल 1 रन बना कर बोल्ड हो गए. खैर उनको शायद यह सोच कर तसल्ली मिलती हो कि आगे चल कर वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इस डेफ्रेट्स ने ही महान भारतीय बल्लेबाज गावस्कर को भी बोल्ड किया था.

लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ वार्म अप मैच में तो शरीफ ने तब हद कर दी जब उन्होंने खुद को पंजाब चीफ मिनिस्टर टीम का कप्तान बना दिया. वो टीम जिस में खुद इमरान खान भी थे. इमरान अपनी जीवनी में याद करते हैं कि जब उनको यह पता चला कि शरीफ इस मैच में कप्तान हैं तो उनको लगा कि यह मजाक है. भला कौन 80 के दशक के वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों के सामने मैदान में उतरना चाहेगा. लेकिन उनकी हैरानी कि सीमा न रही जब उन्होंने देखा कि शरीफ खुद विवियन रिचर्ड्स के साथ टॉस उछालने आ पहुंचे हैं.

इमरान के अनुसार शरीफ मुदस्सर नज़र के साथ खुद बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे और वो यह देख कर परेशान थे कि जहां एक ओर नज़र पैटरसन, वाल्श आदि के सामने पैड और सारे सुरक्षा उपकरण पहन कर उतरे थे वहीं शरीफ उनके सामने केवल पैड बांधे और हैट पहने मुस्कुराते हुए आ गए थे. इस बात से बिलकुल अनजान कि इन गेंदबाजों की घातक गेंदों से जाने कितनों के करियर बर्बाद हुए थे.

खैर कोई अनहोनी हो इस से पहले ही शरीफ दूसरी गेंद पर ही बोल्ड हो कर पवेलियन लौट गए.

इमरान खान के नेतृत्व में पाकिस्तान 1992 में वर्ल्ड कप टूर्नामेंट जीत चुका है

इमरान खान के नेतृत्व में पाकिस्तान 1992 में वर्ल्ड कप टूर्नामेंट जीत चुका है. अब वो देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं

पाकिस्तान चुनाव में मुकाबला एक सफल क्रिकेटर और नाकाम क्रिकेटर का है

मजेदार बात यह है कि पाकिस्तान में इस बार के चुनाव में मुकाबला एक सफल क्रिकेटर और नाकाम क्रिकेटर का है. यह नाकाम क्रिकेटर खुद को राजनीति का धुरंधर साबित कर चुका है अब देखना यह है कि क्रिकेट का धुरंधर राजनीति के खिलाड़ी को इस खेल में मात दे पाएगा या नहीं.

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