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आज का दिन, 29 मार्च : 14 साल पहले मुल्‍तान में सहवाग को मिला था नया नाम

टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे सहवाग

Updated On: Mar 29, 2018 08:32 AM IST

Kiran Singh

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आज का दिन, 29 मार्च : 14 साल पहले मुल्‍तान में सहवाग को मिला था नया नाम

आज से ठीक 14 साल पहले बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को एक नाम मिला था मुल्तान का सुल्तान. पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में सहवाग की उस बल्लेबाजी को आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं. 28 मार्च, 2004 को मुल्तान में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम टेस्ट मैच खेलने उतरी थी और मैच के दूसरे ही दिन यानी 29 मार्च को सहवाग ने वहां इतिहास रच दिया. सहवाग ने वहां 300 से अधिक रन की पारी खेली और टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने. उनकी इस आक्रामक पारी के कारण उन्हें तब से मुल्तान का सुल्तान कहा जाने लगा.

पारी और 52 से जीती थी टीम इंडिया

तीन मैचों की इस सीरीज का पहला टेस्ट भारत ने पारी और 52 रन से जीता था. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट पर 675 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित की, जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी 407 और फॉलोआॅन खेलते हुए दूसरी पारी 216 रन पर सिमट गई. इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने नाबाद 194 रन बनाए थे.

39 चौके लगाए थे सहवाग ने

मैच के दूसरे दिन 29 मार्च को 228 रन से आगे खेलते हुए सहवाग ने अपनी पारी में 81 रन जोड़ते हुए 309 रन की लाजवाब पारी खेली. मोहम्मद समी ने अपनी गेंद पर तौफिक उमर के हाथों उनको कैच आउट करवा दिया. सहवाग ने अपनी इस आतिशी पारी में 375 गेंदों का सामना किया और 39 चौके व छह छक्कों की मदद से इतिहास रच दिया.

लक्ष्मण का तोड़ दिया था रिकॉर्ड

सहवाग ने इसी के साथ वीवीएस लक्ष्मण का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया था. टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड लक्ष्मण के नाम था. लक्ष्मण ने मार्च 2001 में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ 281 रन की पारी खेली थी. साथ ही सहवाग ने सचिन तेंदुलकर (241) और सुनील गावस्कर को भी पीछे छोड़ दिया था, लेकिन सहवाग उस समय के टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्कोर बनाने वाले मैथ्यू हेडन के रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए. हेडन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ अक्टूबर 2003 में 380 रन की पारी खेली थी. हालांकि अप्रैल 2004 को ब्रायन लारा ने इंग्लैंड ने खिलाफ नाबाद 400 रन की पारी खेलकर इस रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया था.

मास्टर ब्लास्टर के लिए भी याद किया जाता है ये मैच 

इस मैच को सिर्फ सहवाग के लिए ही नहीं, बल्कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के लिए भी याद किया जाता है. कप्तान राहुल द्रविड़ ने पांच विकेट पर 675 रन बनाकर भारत की पहली पारी घोषित कर दी और उस समय सचिन 194 रन पर खेल रहे थे. उन्हें अपने दोहरे शतक के लिए छह रन की ही जरूरत थी. पारी घोषित होने की वजह से वह दोहरा शतक बनाने से चूक गए.

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