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आज का दिन, 03 मार्च: जब 10 दिन तक चला क्रिकेट इतिहास का सबसे लंबा टेस्ट मैच भी हो गया ड्रॉ

1939 में 3 मार्च से 14 मार्च तक साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच डरबन में खेल गए 'टाइमलैस' टेस्ट में 43 घंटे 16 मिनट का खेल हुआ

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey Updated On: Mar 04, 2018 12:00 PM IST

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आज का दिन, 03 मार्च:  जब 10 दिन तक चला क्रिकेट इतिहास का सबसे लंबा टेस्ट मैच भी हो गया ड्रॉ

क्रिकेट की दुनिया में टी20 फॉर्मेट का आगमन के साथ अब पांच दिन टेस्ट मैच कई लोगों को बोरिंग लगते हैं. कई बार चार दिन के टेस्ट की मांग भी उठती है. लेकिन एक वक्त था जब टेस्ट मैच छह दिन के हुआ करते थे. एक दिन ‘रेस्ट डे’ होता था.

 

क्रिकेट के इतिहास में एक टेस्ट ऐसा भी खेला गया था जिसे टाइमलैस टेस्ट का दर्जा दिया गया था. यानी ऐसा टेस्ट जिसमें वक्त की कोई पाबंदी ही ना हो. यह टेस्ट आज ही के दिन यानी 03 मार्च 1939 को साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच डरबन में शुरू हुआ था. 14 मार्च तक यानी 12 दिन तक चले इस इस मुकाबले से पहले इंग्लैंड की टीम पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी थी. मैच से पहले दोनों टीमों के बीच सहमति बनी कि इस मैच का नतीजा निकलने तक इसे खेला जाएगा.

इतिहास का सबसे लंबा टेस्ट

इस मैच में पांच मार्च और 11 मार्च के दिन रेस्ट डे थे . 11 मार्च के दिन बारिश के चलते खेल नहीं हो सका था. इस मैच में 43 घंटे 16 मिनट का खेल हुआ. दोनों टीमों ने मिलकर कुल 1981 रन बनाए और कुल 5,447 गेंदे फेंकी गई. लेकिन इसके बावजूद यह मुकाबला बेनतीजा ही रहा.

आखिर क्यों नहीं निकला नतीजा

दरअसल मैच का नतीजा हासिल करने के जिस मकसद से इस टाइमलैस टेस्ट को खेला गया गया था उसका मकसद पूरा ना होने की एक बहुत बड़ी वजह थी. दरअसल दोनों ही टीम को यह अंदाजा नहीं था कि यह मैच इतना लंबा खिंच जाएगा. इंग्लैंड की टीम को इस मैच के बाद केपटाउन जाकर वहां वेस्टर्न प्रोविंस के खिलाफ एक मुकाबला खेलकर अपने घर वापसी का शिप पकड़ना था.

उस दौर में टीमें समुद्री मार्ग से ही सफर तय किया करती थीं. इंग्लैंड की वापसी की टिकट 17 मार्च को बुक थी लिहाजा दोनों कप्तानों ने 14 मार्च को इस टेस्ट को ड्रॉ पर ही समाप्त करने में सहमति जता थी.

ये था ऐतिहासिक मैच का स्कोर कार्ड

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबान टीम ने 530 रन बनाए जिसमें दो बल्लेबाजों के शतक शामिल थे. इंग्लैंड की टीम 316 रन पर ऑल आउट हो गई इस तरह से मेजबान टीम के पास 214 रन की लीड थी.

मेजबान बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 481 रन रन जड़े जिसमें कप्तान एलन मेलविले का शतक शामिल है. इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 696 रन का टारगेट था.

इसके बाद छह दिन तक इंग्लैंड की बल्लेबाजी चलती रही जनमें से एक दिन रेस्ट डे था और एक दिन बारिश के चलते खेल नहीं हो सका. पॉल गिब और कप्तान वाली हेमंड ने शतक जड़े तो बिल एड्रिच ने दोहरा शतक जड़ा.

14 मार्च के दिन इंग्लैंड का स्कोर पांच विकेट पर 654 रन था. जीत के लिए मेहमान टीम को अगले दिन पर 42 रन की दरकार थी लेकिन जब चायकाल के बाद बारिश ने खेल रोक दिया तो इस टेस्ट को ड्रॉ घोषित किया गया.

इंग्लैंड की टीम को 17 मार्च को अपना शिप पकड़ने के लिए डरबन से केपटाउन तक दो दिन की रेल यात्रा के बाद पहुंचना था. लिहाजा टाइमलैस टेस्ट भी इस मैच का नतीजा निकालने में नाकाम रहा.

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