S M L

Nidahas Trophy, Sri Lanka vs Bangladesh: आखिर क्या था आखिरी ओवर का वह ड्रामा जिसने गावस्कर की याद दिला दी

1981 में मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया के कप्तान गावस्कर ने भी अपने साथी खिलाड़ी चेतन चौहान को मैदान से बाहर चलने को कहा था

Updated On: Mar 17, 2018 03:44 PM IST

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey

0
Nidahas Trophy, Sri Lanka vs Bangladesh: आखिर क्या था आखिरी ओवर का वह ड्रामा जिसने गावस्कर की याद दिला दी
Loading...

कोलंबो में शुक्रवार को मेजबान श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच खेला गया निदाहास ट्रॉफी की मुकाबला यूं तो टी 20 क्रिकेट के बेहतरीन मुकाबलों में शुमार होगा लेकिन यह मैच अपने रोमांच की बजाय आखिरी ओवर के उस ड्रामे की वजह से सुर्खियां बटोर रहा जिससे चलते एक वक्त किकेट के खेल की शर्मिंदगी की नौबत आ गई थी.

क्या था पूरा वाकिया

दरअसल इस टूर्नामेंट के फाइनल में टीम के साथ कौन खेलेगा यह फैसला इसी मैच में होना था. श्रीलंका की टीम ने 20 ओवर में सात विकेट खोकर 159 रन बनाए. जीत के लिए 160 रन का पीछा करते हुए बांग्लादेश 19 वें ओवर तक बांग्लादेश सात विकेट पर 148 रन बना चुका था. आखिरी ओवर में जीत के लिए 12 रन की दरकार थी. महमूदुल्ला क्रीज पर मौजूद जरूर थे लेकिन नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर. इसुरू उडाना के आखिरी ओवर में स्ट्राइक पर मुस्तफिजुर थे जिनकी कोशिश किसी भी तरह एक रन लेकर महमूदुल्ला को स्ट्राइक देने की थी.

आखिरी ओवर को वो पहली दो गेंदें  

उडाना की पहली गेंद बाउंसर थी. मुस्तफिजुर ने पुल मारने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे.गेंद सीधे विकेटकीपर कुसल परेरा के हाथ में गई. अब पांच गेंदों पर 12 रन की दरकार थी.

दूसरी गेंद भी उडाना ने लगभग में उसी अंदाज में की. बाउंसर गेंद पर मुस्तफिजुर फिर से बल्ले का संपर्क कराने में नाकाम रहे लेकिन इस बार बाइ का रन लेने के लिए महमूदुल्ला काफी आगे निकल आए नतीजतन मुस्तफिजुर ने भी अपनी क्रीज छोड़ी और नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर रन आउट हो गए. नए बल्लेबाज रूबेल होसेन क्रीज पर आए लेकिन तब तक बवाल शुरू हो चुका था.

बांग्लादेश ने की नो बॉल की मांग

महमूदुल्ला ने अंपायर से जिरह कर ही रहे थे कि दूसरी बॉल ओवर की दूसरी बाउंसर थी लिहाजा वह नो बोल होनी चाहिए. इसी बीच मैदान पर ड्रिंक्स लेकर आए बांग्लादेश के सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी की श्रीलंका के कुसल मेंडिस के साथ बहस शुरू हो गई. यह सब देख बांग्लादेशी कप्तान शाकिब अल हसन भी अपने ड्रैसिंग रूम से बाहर निकले और अपने बल्लेबाजों को मैदान से बाहर निकलने का इशारा करने लगे.

मैदान सबुकुछ बहुत तेज ड्रामे की तरह घटित हो रहा था और टीवी पर कमेंट्री कर रहे पूर्व क्रिकेटरों की भी समझ में नहीं आ रही था.श्रीलंका के खिलाड़ियों, अंपायरों समेत हर कोई बांग्लादेशी खिलाड़ियों को समझा रहा था लेकिन शाकिब समझने को तैयार नहीं दिख रहे थे.

मैदान पर मौजूद बल्लेबाज महमूदुल्ला अपने कप्तान के बार-बार इशारा करने पर मैदान से बाहर जाने के लिए कदम तो बढ़ा रहे थे लेकिन बाउंड्री से पहले जाकर ठिठक गए. शायद वह और उनकी टीम समझ गए थे कि मैदान से बाहर जाने पर मुकाबला श्रीलंका के नाम हो जाएगा और चार गेंदों में 12 रन बनाकर यह मैच जीतने जो हल्की सी गुंजाइश है वो भी खत्म हो जाएगी.

bang mahmudullah

बांग्लादेशी बल्लेबाज वापस लौटे औप महमूदुल्ला ने महज तीन गेदों पर ही 12 रन बनाकर अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया.

37 साल पहले भी हुआ था ऐसा ही वाकिया

बांग्लादेशी कप्तान शाकिब ने नाराज होकर अपने खिलाड़ियों को वापस बुलाने का जो फैसला किया वैसी नजीर क्रिकेट के इतिहास में 1981 में देखने को मिली थी. उस वक्त मेलबर्न में चल रहे भारत ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट  के दौरान भारत के कप्तान सुनील गावस्कर खुद को पगबाधा आउट दिए जाने से  नाराज थे. उन्हें लग रहा था कि गेंद पेड पर टकराने से पहले उनके बल्ले का बाहरी किनारा छूकर गई है. अंपायर ने जब अपना फैसला नहीं बदला तो गावस्कर वापस जाने लगे .

 

 

इस दौरान कंगारू गेंदबाज डेनिस लिली ने उनपर तंज कसा और गावस्कर ने आपा खोकर अपने साथ  बल्लेबाज चेतन चौहान को भी मैच छोड़कर चलने को कहा. उस वक्त चेतन चौहान ने अक्लमंदी दिखाई और वो बाउंड्री लाइन से बाहर नहीं गए और मुकाबला जारी रहा.

Indian bowler Kapil Dev raises his arms after taking his 400th test wicket during the fifth test against Australia in Perth 03 February 1992. / AFP PHOTO / GREG WOOD

उस मुकाबले में भी भारतीय टीम ने इस वाकिए खुद को प्रेरित करते हुए 143 रन के मामूली से टारगेट को डिफेंड करते हुए जीत हासिल कपिल देव ने पांच विकेट झटके.

इन दोनों वाकियों से सबक मिलता है कि जोश और भावनाओं में बह क्रिकेट का मैदान कभी नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि यह वह खेल अनिश्चितताओं का दूसरा नाम कहा जाता है और इसमें सामने दिख रही हार, जीत में भी बदल सकती है.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi