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क्या महज 29 बरस की उम्र में ही रहाणे का वनडे करियर खत्म हो गया है!

इग्लैंड दौरे पर रहाणे का ड्रॉप होना सेलेक्टर्स का इशारा है कि वह 2019 वर्ल्ड कप की प्लानिंग में फिट नहीं है

Updated On: May 09, 2018 06:03 PM IST

Sumit Kumar Dubey Sumit Kumar Dubey

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क्या महज 29 बरस की उम्र में ही रहाणे का वनडे करियर खत्म हो गया है!

हाल के सालों में यह शायद भारतीय क्रिकेट में पहली बार हुआ हो जब बीसीसीआई ने एक साथ छह टीमों का ऐलान किया है. बेंगलुरू में एमएसके प्रसाद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय सेलेक्शन कमेटी को निश्चित तौर इतने सारे क्रिकेटर्स को चुनने में काफी माथापच्ची करनी पड़ी होगी. कोहली की गैरमौजूदगी में इंग्लैंड के अहम दौरे से पहले अफगानिस्तान के खिलाफ इकलौते टेस्ट के लिए भारत की ताकतवर टीम को उतारने का फैसला हो या फिर अंडर 19 के खिलाड़ियों समेत नए और उदीयमान क्रिकेटरों को इंग्लैंड ए के खिलाफ चुनने का फैसला. हर फैसला बेहद मशक्कत को बाद लिय़ा गया होगा.

लेकिन इन तमाम फैसलों के बीच भारतीय क्रिकेट के इन ‘तीन बुद्धिमान’ व्यक्तियों का जो फैसला सबसे अहम और दूरगामी दिख रहा है वह अजिंक्य रहाणे को वनडे टीम से ड्रॉप करना.

क्यों मंडरा रहा है रहाणे के करियर पर खतरा

एक ओर तो सेलेक्टर्स ने अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में कोहली की गैरहाजिरी में रहाणे के कंधों पर टीम इंडिया की जिम्मेदारी डालकर उन्हें भविष्य के टेस्ट कप्तान के तौर पर पेश कर दिया वहीं दूसरी ओर वनडे टीम से उन्हें ड्रॉप करके यह सवाल खड़ा कर दिया है उनका वनडे करियर अब वाकई खतरे में है.

Indian cricketer Ajinkya Rahane attends a practice session at the Sinhalease Sports Club (SSC) Ground in Colombo on August 1, 2017. The second Test cricket match between India and Sri Lanka starts in Colombo on August 3. / AFP PHOTO / LAKRUWAN WANNIARACHCHI

रहाणे अभी 29 साल के ही हैं. किसी भी एक दौरे की टीम से बाहर होने करियर पर खतरा नहीं माना जाता लेकिन इस बार मामला थोड़ा जुदा है. रहाणे को किसी और देश के दौरे की टीम से बाहर नहीं किया गया बल्कि वह इंग्लैंड दौरे की वनडे टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे हैं. यह बात इसलिए अहम है क्योंकि साल भर बाद इंग्लैड में ही आईसीसी वर्ल्ड कप का आयोजन होना है. बीसीसीआई, सेलेक्टर्स, कप्तान कोहली और टीम मैनेजमेंट पिछले एक साल से इसी वर्ल्ड कप के मद्देनजर टीम को तैयार करने के बयान देते रहे हैं. और अब इस मौके से महज एक साल पहले रहाणे का टीम से ड्रॉप होना उस कहानी को बयां कर रहा है जिसकी पटकथा तीन साल पहले तब के कप्तान एमएस धोनी ने लिखी थी.

धोनी का भविष्यवाणी हो गई सच!

धोनी ने बतौर कप्तान 2015 में रहाणे को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप कर दिया था. तब धोनी का तर्क था कि रहाणे बीच के ओवरों तेजी से रन बनाने की टीम की जरूरत पर खरे नहीं उतर पाते है लिहाजा टीम में उनकी जगह पहले तीन बल्लेबाजों के तौर पर बनती है या फिर बेंच पर.

Dhoni - Copy

धोनी के इस बयान के बाद हालात बदले और रहाणे टीम में वापस तो आए ही साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन और मेलबर्न में क्रमश: 89 और 50 रन की पारियां खेलकर अपनी उपयोगिता को साबित भी किया.

इसके बावजूद उनके के वनडे करियर पर सवालिया निशान तो बरकरार रहे लेकिन साउथ अफ्रीका के पिछले दौरे पर उन्हें उम्मीद की किरण भी दिखी. दरअसल टीम इंडिया पिछले आईसीसी वर्ल्ड कप के बाद से ही नंबर चार के बल्लेबाज की पहेली को सुलझाने में जुटी है.

कोहली के बयान से बंधी थी उम्मीद

नंबर चार पर युवराज से लेकर हार्दिक पांड्या तक को आजमाने के बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में रहाणे को एक बार फिर मौका दिया गया. रहाणे ने इस मौके को भुनाते हुए डरबन में 79 रन की बेहतरीन पारी खेलकर टीम इंडिया को पहला वनडे जिताने में अहम भूमिका निभाई थी.

kohli rahane

इस जीत के बाद कप्तान कोहली ने भी कहा कहा था कि टीम मैनेजमेंट नंबर चार की पोजिशन के लिए जिन विकल्पों पर गंभीरता से सोच रहा है रहाणे उनमें से एक हैं. हालांकि रहाणे ने उसके बाद साउथ अफ्रीका में 1,8,8 और नॉट आउट 34 रन की पारियां खेलीं.

रहाणे ने सोचा नहीं होगा कि कप्तान कोहली के इस पॉजिटिव बयान के बाद उन्हें अगली ही सीरीज से ड्रॉप कर दिया जाएगा. रहाणे ड्रॉप करने का फैसला पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के भी गले नहीं उतर रहा है. एक चैनल से बात करते हुए उन्होंने सेलेक्टर्स के फैसले पर ऐतराज जताते हुए कहा है, ‘ मैं अब भी अंबाती रायडू की जगह रहाणे को ही चुनता. इंग्लैंड जैसी जगह पर जहां गेंद काफी मूव करती है वहां रहाणे कमाल की बल्लेबाजी कर सकते हैं.’

क्या कहते हैं आंकड़े

गांगुली का तर्क अपनी जगह काफी मजबूत है. रहाणे के आंकड़े बताते हैं कि इंग्लैंड में उन्होंने 9 वनडे मैचों में 38.88 की औसत से 305 रन बनाए हैं. यह उनके करियर औसत 35.26 से अधिक है.

Bengaluru : Chennai Super Kings Ambati Rayudu plays a shot during the IPL 2018 match against Royal Challengers Bangalore at Chinnaswamy Stadium in Bengaluru on Wednesday. PTI Photo by Shailendra Bhojak(PTI4_25_2018_000240B)

यह सच है कि उनकी जगह चुने गए अंबाती रायडू आईपीएल में सुपर फॉर्म में चल रहे हैं और अब तक खेले 10 मुकाबलों में 42.30 की औसत से 423 रन बना चुके हैं.  लेकिन क्या आईपीएल के आंकडों को इंग्लैंड सीरीज के चयन के लिए आधार बनाया जा सकता है, यह अपने आप में एक प्रश्नवाचक चिन्ह है.

यह ठीक है कि हाल के दिनों में रहाणे का बल्ला वनडे क्रिकेट में कुछ रूठा हुआ है लेकिन बात अगर पिछले एक साल की करें तो रहाणे का प्रदर्शन हल्का नहीं कहा जा सकता.

पिछले एक साल में उन्होंने 17 वनडे मुकाबलों में 48.33 की औसत से 725 रन बनाए हैं. इनमें से 244 रन तो पांच मुकाबलों में ऑस्ट्रलिया के खिलाफ बने हैं.

क्या पुजारा राह पर हैं रहाणे!

जाहिर है रहाणे के आंकड़े उनके ड्रॉप किए जाने के खिलाफ गवाही दे रहे हैं. लेकिन इसको नजरअंदाज करके सेलेक्टर्स ने कम से कम वर्ल्ड कप 2019 में खेलने की उनकी संभावनाओं पर ग्रहण तो लगा ही दिया है. ऐसे मे सवाल यह है कि क्या रहाणे भी दूसरे चेतेश्वर पुजारा बन जाएंगे जो टेस्ट टीम का तो अहम हिस्सा हैं लेकिन वनडे टीम में उनकी कोई जगह नहीं है.

pujara rahane

पुजारा और रहाणे में एक बड़ा अंतर यह है कि पुजारा को आईपीएल में भी कोई खरीदार नहीं मिला है जबकि रहाणे राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी कर रहे हैं. क्या रहाणे के लिए टीम इंडिया की नीली जर्सी पहन कर मैदान पर उतरने के सारे रास्ते बंद हो गए हैं? या फिर उनके पास भी आईपीएल के जरिए ही वनडे की टीम इंडिया में जगह हासिल करने का विकल्प बचा है जिसका उपयोग उन्हें बेदखल करने वाले अंबाती रायडू ने किया है.

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