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IPL 2018: मौका मिलते ही अपने पुराने कप्‍तान वॉर्नर को केन विलियमसन ने हर मामले में छोड़ा पीछे

बॉल टेंपरिंग में फंसने के कारण आईपीएल से बाहर हो गए थे डेविड वॉर्नर

FP Staff Updated On: May 28, 2018 04:39 PM IST

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IPL 2018: मौका मिलते ही अपने पुराने कप्‍तान वॉर्नर को केन विलियमसन ने हर मामले में छोड़ा पीछे

आईपीएल के इस सीजन के शुरू होने से कुछ दिन पहले ही अचानक डेविड वॉर्नर के हाथ से निकलकर सनराइजर्स हैदराबाद की कप्‍तानी केन विलियमसन के हाथों में आ गई थी. बॉल टेंपरिंग के चलते इंटरनेशनल क्रिकेट के बाद आईपीएल से भी बैन हुए वॉर्नर के रूप में टीम  को बड़ा झटका लगा और फिर विलियमसन के हाथ में इस टीम को संभालने की जिम्‍मेदारी आई, जिसे नए कप्‍तान ने फाइनल तक पहुंचाया.  सनराइजर्स हैदराबाद ने ग्रुप मैच में शीर्ष पर रहते हुए क्‍वालीफाई किया और फाइनल तक पहुंची. टीम से ज्‍यादा उसके कप्‍तान केन विलियमसन ने सभी को प्रभावित किया.

मैदान पर उनकी कूलनेस की तुलना कैप्‍टन कूल महेंद्र सिंह धोनी से की जाने लगी. विलियमसन को वॉर्नर से बेहतर कप्‍तान माना जाने लगा है और साथ ही यह भी माना जा रहा है कि उन्‍होंने बॉल टेंपरिंग में फंसने के कारण एक साल का प्रतिबंध झेल रहे वॉर्नर की जगह ले ली है. खैर अगले सीजन कौन टीम में रहेगा और कप्‍तानी किसे मिलेगी, इसके लिए तो अभी साल भर का इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन विलियमसन ने अपनी अगुआई वाली हैदराबाद को एक दिशा दिखाते हुए मंजिल के काफी करीब तो पहुंचाया ही, साथ ही तीन साल तक कप्‍तान रहे वॉर्नर की तुलना में केन की अगुआई में टीम की जीत का प्रतिशत अधिक रहा. यहां पर तो विलियमसन ने अपने पूर्व कप्‍तान को तो पीछे छोड़ा ही साथ ही एक और मामले में विलियमसन वॉर्नर से आगे निकल गए हैं.

विलियमसन की कप्‍तानी में जीत का प्रतिशत अधिक

Sunrisers Hyderabad captain Kane Williamson plays a shot during the 2018 Indian Premier League (IPL) Twenty20 cricket match between Kolkata Knight Riders and Sunrisers Hyderabad at The Eden Gardens Cricket Stadium in Kolkata on April 14, 2018. / AFP PHOTO / Dibyangshu SARKAR / ----IMAGE RESTRICTED TO EDITORIAL USE - STRICTLY NO COMMERCIAL USE----- / GETTYOUT

 

हालांकि जीत के प्रतिशत से अधिक मायने रखता है कि किस कप्‍तान के नेतृत्‍व के टीम ने खिताब जीता. लेकिन खिताब तक पहुंचने का सफर शुरुआती जीत के साथ ही शुरू होता है और हर जीत के साथ टीम मजबूती से खिताब के और करीब आ जाती है. जीत का यही सिलसिला टीम को प्‍लेऑफ में पहले सुरक्षित पहुंचाने के साथ ही विपक्षियों टीम पर दबाव भी बनाता है, जो हैदराबाद ने इस सीजन में किया. विपक्षी टीम उनके खिलाफ खास रणनीति से साथ उतरती थी. हालांकि हैदराबाद चेन्‍नई सुपर किंग्‍स की बाधा को पार करने में असफल रही. वॉर्नर की कप्‍तानी में हैदराबाद की जीत का प्रतिशत 57.77 था, जबकि विलियमसन के नेतृत्‍व में जीत का प्रतिशत 58.82 रहा. इस मामले में नए कप्तान केन विलियमसन ने अपने पुराने कप्‍तान डेविड वॉर्नर को पीछे छोड़ दिया.

रन बनाने में भी विलियमसन ने छोड़ा वॉर्नर को पीछे

Hyderabad : Sunrisers Hyderabad captain David Warner celebrates his century during their IPL match against Kolkata Knight Riders in Hyderabad on Sunday. PTI Photo (PTI4_30_2017_000190B)

आईपीएल में हर सीजन में सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी को दिया जाने वाला ऑरेंज कैप इस बार केन विलियमसन के सिर पर सजा, जिन्‍होंने कुल 735 रन बनाए और इसी के साथ आईपीएल के किसी एक सीजन में 700 या उससे अधिक रन बनाने वाले वह पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं. फाइनल में विलियमसन ने जैसे ही 47 रन की पारी खेली, वैसे ही अपने पुराने कप्‍तान वॉर्नर को पीछे छोड़ दिया. किसी एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में उन्‍होंने वॉर्नर को मात्र दो रन से पीछे छोड़ते दूसरे स्‍थान पर कब्‍जा जमा लिया. इस सूची में शीर्ष पर कब्‍जा रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के कप्‍तान विराट कोहली का है, जिन्‍होंने 2016 में 848 रन बनाए थे. वहीं, डेविड वॉर्नर ने 2016 में 733 रन बनाए थे. 2012 में क्रिस गेल ने 733 और 2013 में 705* और 2013 में माइक हसी ने 2013 में 708 रन बनाए थे.

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