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आखिर आईपीएल को लांघ टेस्ट के दरवाजे पर क्यों आ खड़ा है यह ‘छोटू’ !

मुंबई के पृथ्वी शॉ इस आईपीएल में भविष्य के टेस्ट ओपनर की तरह अपनी बल्लेबाजी से हैरान किए हुए है

Jasvinder Sidhu Jasvinder Sidhu Updated On: May 07, 2018 01:19 PM IST

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आखिर आईपीएल को लांघ टेस्ट के दरवाजे पर क्यों आ खड़ा है यह ‘छोटू’ !

टी-20 ऐसा क्रिकेट इवेंट नहीं है जिसमें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में 25वें स्थान पर मौजूद किसी 18 साल के पांच फुट दो  इंच कद वाले क्रिकेटर के खेल पर गंभीर चर्चा हो. आईपीएल जैसी लीग में न जाने कितने क्रिकेटर आए, छाए और फिर गुमनामी में खो गए. इन सभी ने आईपीएल को वैसे खेलने का फैसला किया, जैसी इस लीग और मालिक टीमों की मांग है.

जिस खेल में आड़े-तिरछे बल्ले से अजीबोगरीब शॉट्स से सिर्फ चौके और छक्के किसी बल्लेबाज के भविष्य की गारंटी हों, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां कैसे खेल की जरूरत पड़ती है! लेकिन भारत की वर्ल्ड कप अंडर-19 टीम के कप्तान और दिल्ली डेयरडेविल्स के युवा ओपनर पृथ्वी शॉ के साथ ऐसा नहीं है.

या फिर यूं भी कह सकते हैं कि स्कूल क्रिकेट में 14 साल की उम्र में 546 रन बना कर खबर बना मुंबई का यह क्रिकेटर इस सबसे विपरीत आईपीएल में भविष्य के टेस्ट ओपनर की तरह अपनी बल्लेबाजी से हैरान किए हुए है.

prithvi shaw

अगर कोई बल्लेबाज आईपीएल में बिना ऊल-जुलूल शॉट्स, स्लॉग, रिवर्स स्वीप या कोई नई ईजाद के इस्तेमाल के बिना कड़क और क्लीन बल्लेबाजी से 170.83 के स्ट्राइक रेट के साथ टीम को नई बॉल के सामने रन बना कर दे रहा है तो समझ लीजिए कि वह भीड़ में सबसे अलग खड़ा है.

कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ मिचेल जॉनसन की मिडल स्टंप पर गिरी गेंद को जिस सफाई और नियंत्रण से शॉ ने डीप-मिडविकेट पर स्टैंड में छक्का मारा था, वह न केवल उन जैसे ‘दादा’ बॉलर बल्कि देखने वाले को भी हिला देने वाला था.

अभी दो दिन पहले ही शॉ हैदराबाद में सनराइजर्स और आईपीएल के सबसे कामयाब गेंदबाजों में से एक सिद्धार्थ कौल के सामने थे. कौल ने छठे ओवर में नकल बॉल से शॉ की परीक्षा लेने की कोशिश की.

Prithvi Shaw

शॉ ने उनकी इस चालाक बॉल को इतनी सफाई से खेला जैसे मक्खन की टिक्की पर चाकू चलता है. इसके बाद लॉन्ग ऑफ बाउंड्री के ऊपर से स्टैंड में गिरी गेंद दर्शकों ने लपकनी पड़ी.

सिद्धार्थ की अगली तीन बॉल एक-दूसरे से अलग थी. इन तीनों गेंदों को अलग-अलग बैट स्पीड के साथ शॉ के लिए अपने पुल, फ्लिक और पंच को बाउंड्री की हैट्रिक में बदलने में कोई दिक्कत नहीं हुई.

कद में छोटा यह क्रिकेटर अभी तक के अपने पांच आईपीएल मैचों में प्रदर्शन के लिहाज से बाकी टीमों के स्टार बल्लेबाजों से बिलकुल अलग खड़ा दिखाई देता है जो इस हिट-एंड-रन क्रिकेट में खुद को टेस्ट क्रिकेटर को तौर पर पेश कर रहा है.

prithvi shaw

पांच मैचों में 120 गेंदों पर दो अर्धशतकों के साथ 205 रन आईपीएल के लिहाज के प्रभावित करने के लिए काफी हैं. लेकिन जिस मजबूत तकनीक और ठंडे दिमाग से बिना टी-20 के प्रेशर से ये रन बने हैं, वह इस उम्र में ही शॉ टेस्ट क्रिकेट के दरवाजे पर लाकर खड़ा करने के लिए काफी हैं.

दिल्ली से 1.2 करोड़ का करार हासिल करने वाले शॉ का यह पहला आईपीएल है और इसके खत्म होने के बाद संभव है कि इस बात पर बहस जरूर शुरू होगी कि क्या तकनीकी तौर पर मजबूत टेस्ट क्रिकेट के काबिल युवा क्रिकेटर को आईपीएल में झोंकना सही होगा.

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