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IPL 2018, MI v RR : जोस बटलर ने बढ़ाई मुंबई की मुश्किलें, राजस्थान की उम्मीदों को लगे पंख

राजस्थान की जीत से चेन्नई सुपरकिंग्स की प्लेऑफ में जगह पक्की हो गई है जिसने रविवार को पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को आठ विकेट से हराया था

Updated On: May 14, 2018 12:17 AM IST

FP Staff

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IPL 2018, MI v RR : जोस बटलर ने बढ़ाई मुंबई की मुश्किलें, राजस्थान की उम्मीदों को लगे पंख

जिस टीम के पास जोस बटलर जैसा बल्लेबाज हो उसे चिंता करने की जरूरत नहीं है. बेहतरीन फॉर्म में चल रहे जोस बटलर ने लगातार पांचवीं बार 50 या इससे अधिक रन की पारी खेली. उन्होंने 53 गेंदों पर नाबाद 94 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और पांच छक्के शामिल हैं. उनकी इस एक और बेजोड़ पारी ने राजस्थान रॉयल्स को रविवार को मुंबई इंडियंस पर दो ओवर शेष रहते हुए सात विकेट से आसान जीत दिलाकर उसकी आईपीएल-11 के प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को पंख लगाए.

राजस्थान रॉयल्स की यह 12 मैचों में छठी जीत है जिससे उसके 12 अंक हो गए हैं और वह अंकतालिका में मुंबई से आगे पांचवें स्थान पर पहुंच गया है. मुंबई के अब 12 मैचों में दस अंक हैं और उसके लिए प्लेऑफ की राह बेहद कांटों भरी बन गई है. राजस्थान की जीत से चेन्नई सुपरकिंग्स की प्लेऑफ में जगह पक्की हो गई है जिसने दिन के पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद को आठ विकेट से हराया था.

राजस्थान के लिए दूसरे विकेट पर बने 95 रन

बटलर ने कप्तान अंजिक्य रहाणे (36 गेंदों पर 37 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 95 रन की साझेदारी की. उन्होंने बाद में संजू सैमसन (14 गेंदों पर 26) के साथ केवल 28 गेंदों पर 61 रन जोड़े. इससे राजस्थान ने 18 ओवर में तीन विकेट पर 171 रन बनाकर जीत दर्ज की. राजस्थान की इस जीत में गेंदबाजों का योगदान भी अहम रहा, जिन्होंने मुंबई को अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठाने दिया और छह विकेट पर 168 रन ही बनाने दिए.

लुइस और सूर्यकुमार ने तैयार किया मंच

पहले बल्लेबाजी का न्योता पाने वाले मुंबई के लिए इविन लुइस (42 गेंदों पर 60 रन) और सूर्यकुमार यादव (31 गेंदों पर 38 रन) ने पहले के विकेट 10.4 ओवर में 87 रन जोड़कर आखिरी दस ओवरों के लिए मंच तैयार किया. राजस्थान के गेंदबाजों ने इसके बाद लगाम कसी. उन्होंने बीच में 44 रन के अंदर पांच विकेट निकाले. हार्दिक पांड्या (21 गेंदों पर 36 रन) के आक्रामक तेवरों से आखिरी दो ओवरों में 32 रन बने. राजस्थान की तरफ से जोफ्रा आर्चर (16 रन देकर दो विकेट) और बेन स्टोक्स (26 रन देकर दो विकेट) ने प्रभावशाली गेंदबाजी की. इन दोनों ने आठ ओवरों में केवल 42 रन दिए और चार विकेट हासिल किए.

बटलर ने सहवाग के रिकॉर्ड की बराबरी की

राजस्थान ने डार्सी शार्ट का विकेट जल्दी गंवा दिया. इसके बाद बटलर और रहाणे ने जिम्मेदारी संभाली. रहाणे शुरू में कुछ अच्छे शॉट लगाने के बाद धीमे पड़ गए. उन्होंने बीच में 18 गेंदों तक कोई बाउंड्री नहीं लगाई और इस दौरान केवल 14 रन बनाए. उन्होंने लंबा शॉट खेलने के प्रयास में कैच देने से पहले चार चौके लगाए. बटलर ने पांचवें ओवर में क्रुणाल पर चौका और छक्का जड़कर अपने हाथ खोले. उन्होंने मयंक मार्केंडय पर भी खूबसूरत छक्का लगाया और फिर 35 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. बटलर ने लगातार पांचवीं पारी में 50 या इससे अधिक का स्कोर बनाकर वीरेंद्र सहवाग के आईपीएल रिकॉर्ड की बराबरी की. टी-20 क्रिकेट में वह यह रिकॉर्ड बनाने वाले केवल चौथे बल्लेबाज हैं. रहाणे के आउट होने के बाद रन गति में तेजी आई. जब रन और गेंदों के बीच अंतर बढ़ रहा था तब बटलर ने हार्दिक और जसप्रीत बुमराह दोनों पर एक-एक छक्का और चौके जमाकर मुंबई को हतोत्साहित कर दिया. सैमसन ने हार्दिक पर लगातार दो छक्के लगाए, जबकि बटलर ने इसी ओवर की आखिरी गेंद पर विजयी छक्का जड़ा.

आर्चर ने दो गेंदों पर दो विकेट झटके

इससे पहले लुइस और सूर्यकुमार ने फिर से मुंबई के लिए अच्छी नींव रखी. वे हालांकि शुरू में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाए. पहले आठ ओवर में एक भी छक्का नहीं पड़ा और इस बीच 7.75 की दर से रन बने. लुइस ने ऐसे में श्रेयस गोपाल के अगले ओवर की पहली दो गेंदों पर छक्के जड़कर रन गति आठ रन से ऊपर पहुंचाई, लेकिन आर्चर ने सूर्यकुमार और तीसरे नंबर पर उतरे कप्तान रोहित शर्मा को लगातार गेंदों पर आउट करके राजस्थान को अच्छी वापसी दिलाई.  सूर्यकुमार और रोहित दोनों ने शार्ट पिच गेंदों को पुल करने के प्रयास में विकेट गंवाए. दोनों के कैच जयदेव उनादकट ने लिए. लुइस ने इसके बाद कृष्णप्पा गौतम पर छक्का लगाकर 37 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. उन्होंने धवल कुलकर्णी की गेंद भी छह रन के लिए भेजी, लेकिन अगली गेंद पर डीप प्वाइंट पर कैच दे बैठे. इस कैरेबियाई बल्लेबाज ने अपनी पारी में चार चौके और इतने ही छक्के लगाए.

इशान किशन  नहीं चल सके

इशान किशन (12) भी जल्द पवेलियन लौट गए जिससे डेथ ओवरों की जिम्मेदारी पांड्या बंधुओं पर आ गई, लेकिन बीच में चार ओवरों में एक बार भी गेंद सीमा रेखा तक नहीं गई. इस बीच केवल 17 रन बने और क्रुणाल (03) पवेलियन लौटे. जब आखिरी दो ओवर बचे थे तब हार्दिक ने अपनी बाजुओं का दम दिखाया. उन्होंने उनादकट के ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया. बेन कटिंग (नाबाद 10) ने भी स्टोक्स के अगले ओवर में गेंद छह रन के लिए भेजी.

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