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प्रेम-मोह छोड़ो चीयर लीडर्स, माया पर ध्यान दो और सिर्फ डांस करो 

चीयर लीडर्स को किसी भी खिलाड़ी या अधिकारी के साथ दोस्ताना व्यवहार न रखने की हिदायत दी गई है

Jasvinder Sidhu Jasvinder Sidhu Updated On: Apr 14, 2018 12:20 PM IST

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प्रेम-मोह छोड़ो चीयर लीडर्स, माया पर ध्यान दो और सिर्फ डांस करो 

2008 में पहले आईपीएल सीजन में चीयर्स लीडर्स सबसे बड़ा आकर्षण थीं. भारतीयों के लिए देखने में यह कुछ नया था. शुरू से ही उनके बारे में खबरें होती थीं. लेकिन चार-पांच सीजन पहुंचने तक मामला बढ़ता गया. चीयर लीडर्स टीमों के प्रदर्शन की तरह खबरें बनने लगी.

इन दस सालों में बहुत कुछ ऐसा हुआ जिस पर न जाने कितनी ही मॉर्निंग शो या सी ग्रेड की फिल्में बन सकती हैं. हालांकि यह कहना गलत होगा कि इस सब के लिए चीयर लीडर्स ही जिम्मेदार हैं. चीयर लीडर्स पर डोरे डालने के लिए शीर्ष खिलाड़ियों से लेकर टीमों का सामान ढोने वाले मैनेजरों तक सभी पर आरोप लग चुके हैं.

मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां के ऊंचे सुरों में आरोपों की लड़ियां अभी तक मंद नहीं पड़ी हैं. आरोप घरेलू मारपीट से लेकर मैच फिक्सिंग तक के थे. मैच फिक्सिंग पर बोर्ड ने शमी को क्लीन चिट दे दी है. मियां-बीवी के कलह में खुद शमी और बोर्ड को प्रतिष्ठा के लिहाज से काफी नुकसान उठाना पड़ा है.

जाहिर है कि भविष्य को ध्यान में ऱखते हुए बोर्ड को कोई न कोई कदम उठाना था. लिहाजा लगाम लीडर्स गर्ल्स पर लगी है. क्योंकि लगता नहीं कि वह अपने खिलाड़ियों को रोकने की स्थिति में है. फर्स्ट पोस्ट हिंदी को मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड ने टीमों की चीयर लीडर्स को किसी भी खिलाड़ी या अधिकारी के साथ दोस्ताना व्यवहार न करने और उनसे दूर रहने की आदेश दिया है.

हर मैच में 6 से 12 हजार बतौर फीस पाने वाली चीयर्स लीडर्स के एजेंटों को बता दिया गया है कि लड़कियों को क्या करना है और क्या नहीं. सिर्फ शमी का ही मामला नहीं है. जानकारी के लिए बताना जरूरी है कि शमी की पत्नी हसीन जहां कोलकाता नाइट राइडर्स की चीयर लीडर्स थी.

पहले पति से साथ तलाक के बाद समी और हसीन का प्रेम कुछ ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों ने शादी करने का फैसला किया. शमी ने पहली शादी से हसीन के  दो बच्चों को भी एक आदर्श इनसान की तरह स्वीकार किया. शमी और हसीन का मामला तो शादी का था.

कई मामलों में चीयर्स लीडर्स ने शीर्ष खिलाड़ियों पर आरोप भी लगाया कि पार्टी में उन का रवैया कामुक भेड़िये जैसा था. कई टीमों ने चीयर लीडर्स ने अपना नाता तोड़ने का फैसला किया है. जाहिर है कि करार खत्म होने के बाद चीयर गर्ल्स कई टीमों का हिस्सा नहीं रहेंगी.

पहले रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर की ओर से हो चुकी है. खबर है कि इस सीजन में टीम ने चीयर लीडर्स न उतारने की फैसला किया है. साउथ अफ्रीका, ब्रिटेन, अमेरिका और लैटिन देशों से आने वाली इन चीयर लीडर्स के खिलाड़ी और टीमों के अधिकारियों द्वारा शोषण की पूरी कहानियां शायद ही सामने आएं. लेकिन आम क्रिकेट प्रेमी भी इस शर्मिंदगी की हिस्सा है.

अगली बार जब आप आईपीएल का मैच देखने जाए और सुरक्षाकर्मी आपसे जेब से सारे सिक्के निकाल कर जमा करवाने को कहे तो आप खुद से एक सवाल जरूर कीजिए कि आखिर ऐसा करने को क्यों कहा जा रहा है! कारण शर्मसार कर देने वाला है.

पब्लिक ने डांस करने वाली चीयर लीडर्स को सिक्कों से निशाना बनाना शुरू कर दिया था, खासकर पांच रुपये के कॉइन से क्योंकि भारी होने के कारण वह काफी दूर तक मार करता है. कई चीयर लीडर्स चोटिल भी हुई. यह सब देखते हुए सिक्कों पर प्रतिबंध लगा. कई स्टेडियमों में चीयर लीडर्स के लिए चारों तरफ बाकायदा नेट लगाया जाता है ताकि कोई उनपर किसी तरह कुछ फेंक न सके.

 

फोटो साभार: इंडियन प्रीमियर लीग

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