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आईपीएल 2017: क्या रफ्तार में छुपा है जीत का फॉर्मूला?

आईपीएल ऑक्शन में हर टीम ने दिया तेज गेंदबाजी पर खास ध्यान

Vedam Jaishankar Updated On: Feb 21, 2017 02:10 PM IST

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आईपीएल 2017: क्या रफ्तार में छुपा है जीत का फॉर्मूला?

क्या आईपीएल में फोकस बदल रहा है? क्या टीमें पावर और रफ्तार की तरफ जा रही हैं? कोलकाता नाइटराइडर्स के सीईओ वेंकी मैसूर से पूछा भी गया कि आखिर उनकी टीम खासतौर पर तेज गेंदबाजों को लेकर इतनी उत्सुक क्यों है.

इससे पहले हुए आईपीएल संस्करणों में केकेआर ने खासतौर पर स्पिनर्स पर ध्यान दिया था. सुनील नरायन, अजंता मेंडिस, मुरली कार्तिक, शाकिब अल हसन, पीयूष चावला इनमें शामिल थे. इस बार उन्होंने बड़ा अमाउंट अपने तेज गेंदबाजों पर खर्च किया है. जैसे न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट, इंग्लैंड के क्रिस वोक्स, ऑस्ट्रेलिया के नैथन-कूल्टर नाइल, जमैका के रोवमन पावेल और भारत के ऋषि धवन.

वेंकी मैसूर ने इस सवाल का कुछ यूं जवाब दिया, ‘ईडन गार्डन की पिच नई बनी है. इसकी तासीर अलग है. यही बात भारत की तमाम पिचों के लिए कही जा सकती है. पिचें तेज गेंदबाजों की ज्यादा मददगार है. इसीलिए हमने अपनी रणनीति बदली है.’

मैसूर ने जोर दिया कि बोल्ट वाकई तेज हैं. उन्होंने कहा कि केकेआर के पूर्व कोच ट्रेवर बेलिस के मुताबिक वोक्स ने काफी तरक्की की है और अब वो कंप्लीट फास्ट बॉलर हैं. इनमें से एक नई गेंद से कमाल की गेंदबाजी करता है, दूसरा आखिरी ओवर्स में.

New Zealand's Trent Boult celebrates after he dismissed Australia's Adam Voges for 41 runs during the second day of the second cricket test match at the WACA ground in Perth, Western Australia, November 14, 2015.      REUTERS/David Gray - RTS6XUZ

ट्रेंट बोल्ट.

उन्होंने कहा कि वो जमैका के युवा तेज गेंदबाज रोवमन पावेल की क्षमताओं से भी वह परिचित हैं. कैरिबियन प्रीमियर लीग से उनकी फ्रेंचाइजी के जुड़ाव की वजह से उन्हें पावेल के बारे में पता चला. उन्होंने कहा, ‘इस खिलाड़ी पर नजरें रखना जरूरी है. वो आंद्रे रसेल जैसे क्रिकेटर हैं. उनके बारे में आप काफी कुछ सुनेंगे.’

हर टीम ने रफ्तार पर दिया है ध्यान

यकीनन रफ्तार इस साल का फ्लेवर है. हर टीम ने मेन्यू में रफ्तार को बड़ी तरजीह दी है. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने इंग्लैंड के टी 20 स्पेशलिस्ट टाइमल मिल्स, राजस्थान के बाएं हाथ के तेज गेदंबज अनिकेत चौधरी और युवा बिली स्टेनलेक को लिया है. अनिकेत नेट्स बॉलर के तौर पर टीम इंडिया के साथ रहे हैं. स्टेनलेक छह फुट दस इंच के ऑस्ट्रेलियन बॉलर हैं.

दिल्ली डेयरडेविल्स ने भी कुछ तेज गेंदबाजों को अपनी टीम का हिस्सा बनाया है. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के कागिसो रबादा, ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस, श्रीलंका के एंजेलो मैथ्यूज के अलावा कीवी ऑलराउंडर कोरी एंडरसन को टीम में लिया है.

गुजरात लायंस और किंग्स इलेवन पंजाब के लिए भी तेज गेंदबाजों का चयन प्राथमिकताओं में रहा. गुजरात ने नाथू सिंह, केरल के बैसिल थंपी, मनप्रीत गोनी और वेटरन मुनाफ पटेल को लिया है. पंजाब ने तमिलनाडु के यॉर्कर स्पेशलिस्ट टी. नटराजन पर तीन करोड़ खर्चे हैं. वरुण एरोन को 2.8 करोड़ में खरीदा है. साथ में न्यूजीलैंड के मैट हेनरी है.

राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स को यकीनन भरोसा होगा कि बेन स्टोक्स उनके खर्च किए 14.5 करोड़ रकम के मुताबिक प्रदर्शन कर पाएंगे. स्टोक्स के साथ ऑस्ट्रेलिया के डेन क्रिस्टियन, न्यूजीलैंड के लॉकी फर्ग्युसन और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनाद्कट हैं.

Indian batsman K L Rahul looks on after being bowled out by England bowler Ben Stokes (L) for 22 runs during the third T20 cricket match between India and England at the Chinnaswamy Cricket Stadium in Bangalore on February 1, 2017.----IMAGE RESTRICTED TO EDITORIAL USE - STRICTLY NO COMMERCIAL USE----- / GETTYOUT----  / AFP PHOTO / Manjunath KIRAN / ----IMAGE RESTRICTED TO EDITORIAL USE - STRICTLY NO COMMERCIAL USE----- / GETTYOUT

बेन स्टोक्स.

सनराइजर्स हैदराबाद में भी कई तेज गेंदबाज हैं. इंग्लैंड के क्रिस जॉर्डन, स्थानीय खिलाड़ी मोहम्मद सिराज और ऑस्ट्रेलिया के बेन लॉकलिन टीम के साथ हैं. मुंबई इंडियंस ने अपने पेस बैटरी में मिचेल जॉनसन को शामिल किया है. उनकी टीम में लसिथ मलिंगा, जसप्रीत बुमराह, टिम साउदी, हार्दिक पंड्या, विनय कुमार, काइरन पोलार्ड जैसे गेंदबाज पहले ही थे.

इस बार बदला है पिचों का मिज़ाज

पहले माना जाता था कि आईपीएल कि पिचें लंबे घरेलू सीजन के बाद टूटने लगेंगी. सख्त गर्मी में इन पर और असर होगा. इस वजह से स्पिन गेंदबाजों को ही मदद मिलेगी. लेकिन पिछले कुछ सालों में पिच की क्वालिटी और उनके रखरखाव में काफी सुधार हुआ है. आरसीबी के सीईओ अमृत थॉमस कहते भी हैं कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहले बल्लेबाजी में रनों का औसत 190 था. बैंगलोर पिच में रफ्तार और उछाल है, जिसे आरसीबी की टीम अपने सात घरेलू मैचों में भुनाना चाहेगी. यकीनन, अगर पिच खराब होती है, तो उस हालात के लिए टीम के पास स्पिनर्स हैं.

हर टीम ने महसूस किया है कि अगर आपके पास टॉप क्लास स्पिनर नहीं है, तो कोई फायदा नहीं. आधुनिक दौर में बल्लेबाज के मिस हिट भी बाउंड्री पार कर जाते हैं. बल्ले इतने अच्छे हो गए हैं. ऐसे में स्पिनर्स के लिए छकाना मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे पेसर जो रफ्तार की विविधता में यकीन रखते हों, उनके पास कामयाब होने के ज्यादा मौके होते हैं.

रफ्तार के मेले में इशांत क्यों छूटे पीछे

Chennai: India's Ishant Sharma with his teammates celebrates the dismissal of England's JC Buttler during   second day of the fifth cricket test match at MAC Stadium in Chennai on Saturday. PTI Photo by R Senthil Kumar(PTI12_17_2016_000047B)

इशांत शर्मा.

ऐसे में जब रफ्तार पर सभी ध्यान दे रहे हैं, उसमें इशांत शर्मा को अनदेखा किया जाना चकित करता है. लेकिन एक सूत्र के मुताबिक इशांत की लेंथ बल्लेबाजों के शॉट खेलने के लिए आदर्श है. सूत्र के अनुसार, ‘उनकी ताकत सीम मूवमेंट है. अप्रैल और मई के महीने में भारतीय पिचों पर सीम मूवमेंट नहीं होगी. यॉर्कर और रफ्तार में विविधता उनकी ताकत नहीं है, जो यहां के लिए बहुत जरूरी है.’

ये कमाल की बात है कि लगभग हर टीम ने एक जैसी रणनीति के साथ उतरने का फैसला किया. जीतना पूरी तरह इस पर निर्भर होगा कि कौन अपनी योजनाओं को सही तरह मैदान पर लागू कर पाता है.

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