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'शादी का लड्डू' भारतीय क्रिकेटरों के लिए रहा है लकी...

ज्यादातर भारतीय क्रिकेटरों का औसत शादी के बाद बढ़ जाता है

Riya Kasana Riya Kasana Updated On: Nov 23, 2017 07:17 PM IST

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'शादी का लड्डू' भारतीय क्रिकेटरों के लिए रहा है लकी...

कुछ दिन पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी जिंदगी में अनुष्का ‘लेडी लक’ है. उनकी जिंदगी में अनुष्का के आने से बहुत से बदलाव आए हैं जिन्होंने उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ने में मदद की है.

अब ऐसी ही लेडी लक भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की जिंदगी में भी आ रही हैं जो गुरुवार को शादी के बंधन में बंध गए हैं. वैसे हमारे यहां भी माना जाता है कि जब भी घर में लक्ष्मी आती है तो वह साथ में बहुत सी खुशियां लेकर आती है. भारतीय क्रिकेट टीम की बात करें तो भारतीय क्रिकेटरों के लिए उनकी शादी लकी साबित ही है. क्का दुक्का केस छोड़ दे तो लगभग हर क्रिकेटर के करियर में शादी के बाद उनका ग्राफ उपर ही गया है.

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मुरली विजय से लेकर अजिंक्य रहाणे तक, अश्विन से लेकर उमेश यादव तक सभी की औसत में शादी के बाद इजाफा हुआ है. अजिंक्य रहाणे ने साल 2014 में राधिका से की. शादी के पहले जहां रहाणे का औसत 39.88 था वहीं शादी के बाद यह बढ़कर 48.52 हो गया. वहीं भारत के स्पिन गेंदबाज अश्विन के औसत में बड़ी बढ़ोतर उनकी शादी के बाद हुई जहां शादी से पहले उनका औसत 14.22 था शादी के बाद यह बढ़कर 25.66 हो गया.

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रोहित शर्मा ने 2015 में रितिका साजदेह से शादी की और शायद लेडी लक का लक और रोहित की मेहनत था जिसकी वजह से 2015 से पहले उनका जो औसत 33.18 था वह बढ़कर 57.60 हो गया.

रहाणे, अश्विन, रोहित शर्मा की पत्नियां अक्सर ही उनके साथ दौरों पर बा जाती है. जाहिर है आपने चाहने वालों का औसपास होना दिमाग पर एक सकारात्मक प्रबाव डालते जो उन्हें और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है.

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भारतीय टेस्ट विकेटकीपर रिद्धिमान साहा की औसत में भी अच्छी वृद्धी शादी के बाद ही हुई है. 2011 में शादी करने वाले साहा का औसत 18 से 32.64 हो गया.

कप्तानों के लिए और भी खास है शादी कनेक्शन

भारत ने दो बार विश्वकप का खिताब जीता है. पहली बार 1983 में और दूसरी बार 2011 में धोनी की कप्तानी में. धोनी ने 2010 में ही शादी की थी ऐसे में 2011 विश्वकप की जीत को लोगों ने साक्षी धोनी के लक का असर बताया था. ऐसा ही तब भी कहा गया था जब 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने विश्वकप जीता था.

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