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फिटनेस को लेकर और सख्त हुई बीसीसीआई, खिलाड़ियों को देना पड़ रहा है डीएनए टेस्ट

इस परीक्षण से खिलाड़ी को अपनी रफ्तार को बढ़ाने, मोटापा कम करने, दमखम बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है

Updated On: Nov 12, 2017 04:24 PM IST

Bhasha

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फिटनेस को लेकर और सख्त हुई बीसीसीआई, खिलाड़ियों को देना पड़ रहा है डीएनए टेस्ट

भारतीय कप्तान विराट कोहली के फिटनेस को लेकर बेहद सख्त रवैये को देखते हुए भारतीय क्रिकेटरों को अब डीएनए परीक्षण से गुजरना पड़ रहा है जिससे प्रत्येक खिलाड़ी की आनुवंशिक फिटनेस स्थिति के बारे में पता चल रहा है.

इस परीक्षण से खिलाड़ी को अपनी रफ्तार को बढ़ाने, मोटापा कम करने, दमखम बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है.

पता चला है कि बीसीसीआई ने टीम ट्रेनर शंकर बासु की सिफारिश पर इस परीक्षण को शुरू किया है ताकि राष्ट्रीय टीम के लिए अधिक व्यापक फिटनेस कार्यक्रम तैयार किया जा सके.

डीएनए परीक्षण या आनुवंशिक फिटनेस परीक्षण से 40 साल से अधिक उम्र के व्यक्ति की फिटनेस, स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित तथ्यों के बारे में पता किया जा सकेगा. इसके बाद संपूर्ण विश्लेषण के लिए प्रत्येक क्रिकेटर के डीएनए आंकड़ों को एक व्यक्ति विशेष का वजन और खानपान जैसे परिवेशी आंकड़ों के साथ मिलाया जाएगा

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हां, हमने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पिछले कुछ समय से डीएनए परीक्षण शुरू किया है. यह फिटनेस के नए मापदंडों के अनुसार किया जा रहा है जिन्हें टीम प्रबंधन ने तय किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘शंकर बासु ने यह आइडिया दिया और यह काफी लाभकारी साबित हुआ है. प्रत्येक खिलाड़ी के परीक्षण में बीसीसीआई को 25 से 30 हजार रूपये के बीच खर्च करना पड़ रहा है जो कि काफी कम धनराशि है.’

उन्होंने कहा, ‘अब डीएनए परीक्षण किया जा रहा है ताकि एक निश्चित वसा प्रतिशत को बनाए रखने के लिए शरीर की जरूरतों का पता लगाया जा सके.’ अभी सीनियर राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी के लिए शरीर में वसा प्रतिशत की दर 23 प्रतिशत है जो कि पाकिस्तान और न्यूजीलैंड सहित अधिकतर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के लिए मानक है. यह पता चला है कि अधिकतर क्रिकेटरों का यह नहीं पता कि कड़े अभ्यास के बाद भी उनके शरीर में वसा का प्रतिशत एक निश्चित स्तर तक कम क्यों नहीं हो पाता है.

उन्होंने कहा, ‘जब परीक्षण शुरू किए गए तो कुछ खिलाड़ियों को पता चला कि वे लैक्टोज को नहीं पचा पाते हैं, जो दूध में मौजूद होता है या जो खिलाड़ी मटन बिरयानी खाने के शौकीन हैं उन्हें पता चला कि किसी खास प्रकार का भोजन करने के बाद उनका शरीर क्या मांगता है.’ एक खिलाड़ी जिसकी मजबूती और दमखम में काफी सुधार हुआ वह तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार है जो वनडे और टी20 में लगातार खेल रहा है. चैंपियंस ट्रॉफी शुरू होने के बाद भुवनेश्वर ने 19 वनडे और सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और यह उनकी आनुवंशिक फिटनेस रिपोर्ट तैयार करने के बाद नए फिटनेस रूटीन के बाद ही संभव हो पाया.

डीएनए टेस्ट शरीर की क्षमताओं का पता करने और यह जानने के लिए किया जाता है कि किसी खास खिलाड़ी के लिए किस तरह का खाना और कसरत अधिक प्रभावी होगा.

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