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अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय अभियान रहेगा इन हाथों में

14 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेगी टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला

Updated On: Jan 09, 2018 03:37 PM IST

Manoj Chaturvedi

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अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारतीय अभियान रहेगा इन हाथों में

पृथ्वी शॉ की अगुआई में भारतीय टीम 13 जनवरी से तीन फरवरी तक न्यूजीलैंड में होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप में भाग लेगी. भारतीय टीम पिछली बार यानी 2016 में बांग्लादेश में हुई इस चैंपियनशिप के फाइनल में वेस्ट इंडीज से हारकर उप विजेता रही थी. इससे पहले 2014 में तो वह पांचवें स्थान पर खिसक गई थी. राहुल द्रविड़ द्वारा तैयार यह टीम 2012 के बाद पहली बार चैंपियन बनने के इरादे से उतरेगी. टीम इंडिया पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के साथ 14 जनवरी को खेलेगी.

इस चैंपियनशिप में भाग लेने वाली टीम इस प्रकार है-

पृथ्वी शॉ (कप्तान) : महाराष्ट्र के थाणे में 9 नवंबर, 1999 को जन्मे पृथ्वी शॉ के सामने भारतीय टीम को चैंपियन बनाने की जिम्मेदारी है. वह अब तक खेले नौ प्रथम श्रेणी मैचों में पांच शतकों से 961 रन बना चुके हैं और उनका रन औसत 56.62 है. पृथ्वी ने पिछले साल एक जनवरी को रणजी करियर की शुरुआत की और पहले मैच की दूसरी पारी में शतक लगाया. इसके बाद दलीप ट्रॉफी के पहले मैच में शतक लगाकर सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. वह हैरिस शील्ड में 546 रन बनाने का रिकॉर्ड बना चुके हैं.

prithvi shaw

इस रिकॉर्ड को बाद में प्रणव धनवाडे ने तोड़ा. पृथ्वी के पिता ने तीन साल की उम्र में ही उन्हें विरार क्रिकेट अकादमी में भर्ती करा दिया था. पृथ्वी ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं. तमाम विशेषज्ञों को उनमें सचिन तेंदुलकर की छवि नजर आती है. वह गावस्कर, द्रविड़ और सहवाग की तरह एसजी का 36 लाख रुपए का करार पाने में भी सफल हो गए हैं. इस रणजी सीजन में जब वह अश्विन, विगनेश, विजय शंकर और राहिल शाह जैसे अटैक के सामने 155 गेंद में 123 रन बनाने में सफल रहे तो यह संकेत मिल गया कि उनका ग्रेजुएशन हो गया है.

शुभमन गिल (उपकप्तान) : पंजाब के फजिल्का में 8 सितंबर, 1999 को जन्मे शुभमन इस वर्ल्ड कप में भारतीय अभियान की मुख्य कड़ी हैं. वह तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं. इस साल की शुरुआत में भारतीय युवा टीम के इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने दो टेस्ट की चार पारियों में 93 के औसत से 278 रन बनाए थे. शुभमन के प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत हो चुकी है और वह अब तक दो प्रथम श्रेणी मैचों में 61.25 के औसत से 245 रन बना चुके हैं. इसमें उनका एक शतक (129 रन) शामिल है. वहीं उन्हें अब तक सात लिस्ट ए मैच खेलने को भी मिले हैं पर उनमें वह अपनी प्रतिभा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके हैं और 35.28 के औसत से 247 रन ही बना सके हैं. इंग्लैंड टीम जब भारत का इसी साल दौरा करने आई तो उन्होंने चार वनडे मैचों में 117 के औसत से 351 रन बनाए थे. शुभमन की प्रतिभा को द्रविड़ की टिप्स से चार चांद लग गए हैं.

हर्विक देसाई (विकेट कीपर) : गुजरात के भावनगर में 4 अक्टूबर 1999 को जन्मे हर्विक भारतीय टीम के नंबर एक विकेटकीपर हैं. वह सौराष्ट्र के लिए रणजी ट्रॉफी में खेल चुके हैं. भारतीय अंडर-19 टीम के साथ इंग्लैंड का दौरा कर चुके हैं. चेस्टरफील्ड में खेले गए मैच में हर्विक ने 89 रन की पारी खेली थी. हां, इतना जरूर है कि वह अब तक खेले 5 लिस्ट ए मैचों में 15.80 के औसत से 79 रन ही बना सके हैं. लेकिन वह उपयोगी विकेटकीपर हैं.

हिमांशु राणा (ओपनर) : हरियाणा के सोनीपत में एक अक्टूबर, 1998 को जन्मे हिमांशु राणा भारतीय टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं और वह कप्तान पृथ्वी शॉ के साथ पारी की शुरुआत करते हैं. हिमांशु इस साल एशिया कप में अपने शतकीय प्रहार से भारतीय जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं. उन्होंने फाइनल में 123 गेंद में 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से 130 रन बनाए थे. वह हरियाणा के लिए अब तक 15 प्रथम श्रेणी के मैच खेल चुके हैं, जिसमें 792 रन बनाए हैं. उन्होंने दस टी-20 मैच भी खेले हैं, जिसमें 172 रन बनाए हैं.

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अभिषेक शर्मा (ऑलराउंडर) : पंजाब के अमृतसर में 4 सितंबर, 2000 को जन्मे अभिषेक शर्मा टीम के बहुत ही प्रतिभावान खिलाड़ी हैं. उनके बारे में कहा जाता है कि वह युवराज की स्टाइल में खेलने वाले हैं और सही समय पर द्रविड़ की देखरेख मिल जाने से उनके खेल में और निखार आ गया है. अभिषेक को पहले अंडर-16 टीम में चुना गया और उनके खेल को देखते हुए अंडर-19 में पदोन्नति दी गई. यही नहीं उन्हें एशिया कप में कप्तानी करने का मौका भी दिया गया. वह बल्लेबाजी करने के साथ लेफ्ट आर्म स्पिन गेंदबाजी भी करते हैं. वह टीम के वर्ल्ड कप अभियान का अहम हिस्सा हैं.

कमलेश नागरकोटी (तेज गेंदबाज) : राजस्थान के बाड़मेर में 28 दिसंबर, 1999 को जन्मे कमलेश नागरकोटी ने 26 फरवरी 2017 को राजस्थान के लिए पहला विजय हजारे ट्रॉफी मैच खेला. दो दिन बाद ही गुजरात के खिलाफ वह हैट्रिक लेकर सुर्खियों में आ गए. उन्होंने अब तक खेले 6 लिस्ट ए मैचों में नौ विकेट लिए हैं और 116 रन भी बनाए हैं. नाबाद 56 रन उनका सर्वाधिक स्कोर है। उन्होंने भारतीय अंडर-19 टीम के इंग्लैंड दौरे पर चेस्टरफील्ड में खेले गए पहले यूथ टेस्ट की दोनों पारियों में पांच-पांच विकेट लेकर भारत की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई थी. शानदार प्रदर्शन को देखते हुए ही बांग्लादेश में हुए एमर्जिग प्लेयर्स टूर्नामेंट में भाग लेने वाली अंडर-23 टीम में कमलेश का चयन कर लिया गया था.

इशान पोरेल (तेज गेंदबाज) : बंगाल के हुगली में 5 सितंबर,1998 को जन्मे इशान पोरेल का सीनियर खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव इस टीम के बहुत काम आने वाला है. उन्होंने अब तक प्रथम श्रेणी और लिस्ट ए के तीन-तीन मैच खेले हैं. प्रथम श्रेणी मैचों में 13 और लिस्ट ए में दो विकेट निकाले हैं. वह भी हर युवा क्रिकेटर की तरह सचिन और द्रविड़ बनना चाहते थे. पर कोच ने उनकी लंबाई को देखते हुए कहा कि वह तेज गेंदबाज भी बन सकते हैं और कोच की सलाह मानकर अब वह तेज गेंदबाज बन चुके हैं. इस बार रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मैच में दूसरी पारी में तीन विकेट निकालकर उन्होने अपना सिक्का जमा दिया.

पंकज यादव (स्पिन गेंदबाज) : पंकज यादव की क्रिकेटर बनने की कहानी बहुत ही प्रेरणा देने वाली है. पंकज का जन्म झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हुआ. इनके पिता चंद्रदेव यादव ग्वाले हैं, इसलिए घर-घर जाकर दूध बेचना उनका काम है. 20 साल पहले उनके पिता कांके (रांची) में आकर बस गए. बेटे को पढ़ने के दिनों में क्रिकेट से लगाव हो गया. शुरुआत में घर में खरी-खोटी भी सुनी पर लक्ष्य से डिगे बगैर आज वह वर्ल्ड कप में खेलने वाली टीम में शामिल हैं.

अर्शदीप सिंह (तेज गेंदबाज) : छह फुट, दो इंच कद वाले अर्शदीप सिंह का जन्म 15 फरवरी, 1999 को हुआ है. वह पंजाब के लिए इस सीजन में वीनू मांकड ट्रॉफी में 13 विकेट ले चुके हैं. इसके अलावा वह डीपी आजाद ट्रॉफी के लिए खेले जाने वाले पंजाब अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट में अपनी गेंदबाजी की धाक जमाकर 19 विकेट हासिल कर चुके हैं. वह चैलेंजर ट्रॉफी में इंडिया रेड के लिए खेल चुके हैं.

शिव सिंह (लेफ्ट आर्म स्पिनर) : वह निचले क्रम में ठीक-ठाक बल्लेबाजी कर लेते हैं पर मुख्यत: लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं. उन्होंने टांटन में भारत को इंग्लैंड पर जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने इंग्लैंड के 38 रन पर पांच विकेट निकालकर भारत को सीरीज में 4-0 की बढ़त दिला दी थी.

शिवम मावी ( मध्यम तेज गेंदबाज) : यूपी के नोएडा में 26 नवंबर, 1998 को जन्मे शिवम प्रभावी मध्यम तेज गेंदबाज हैं और जरूरत के समय निचले क्रम पर ठीक-ठाक बल्लेबाजी कर लेते हैं. वह अंडर-19 में तो तमाम मैच खेल चुके हैं. लेकिन यूपी टीम के लिए अब तक कोई मैच नहीं खेल सके हैं. हो सकता है कि अंडर-19 वर्ल्ड कप में अच्छे प्रदर्शन के बाद ही किस्मत पलटा खाए.

रियान पराग (मध्यक्रम के बल्लेबाज) : असम के गुवाहाटी में 10 नवंबर, 2001 को जन्मे रियान पराग मध्यक्रम के मजबूत बल्लेबाज हैं. साथ ही वह लेग ब्रेक गेंदबाजी भी करते हैं. उन्होंने इस साल के शुरू में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया पर इस प्रदर्शन को आगे दोहरा नहीं सके.

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अनुकूल राय (ऑलराउंडर) : झारखंड में 30 नवंबर, 1998 को जन्मे अनुकूल राय लेफ्ट आर्म स्पिन के साथ उपयोगी बल्लेबाजी भी कर लेते हैं. इंग्लैंड दौरे पर इस साल वह चार मैचों में 10 विकेट निकालने में सफल रहे थे. वह दो बार 4-4 विकेट लेने में सफल रहे. पर वह इस बार झारखंड रणजी टीम में स्थान बनाने में नाकामयाब रहे.

मनजोत कालरा (बल्लेबाज) : मनजोत का दिल्ली में 15 जनवरी, 1999 को जन्म हुआ. वह भारतीय अंडर-19 टीम में पहले भी खेल चुके हैं. उन्होंने पांच लिस्ट ए और दो प्रथम श्रेणी मैच दिल्ली के लिए खेले हैं. पर कुछ समय पहले उन्हें मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा. उनसे आयु को प्रमाणित करने को कहा गया. आखिर में बीसीसीआई ने उनके नाम को हरी झंडी दिखा दी.

आर्यन जुयाल (विकेटकीपर) : आर्यन का दूसरे विकेट कीपर के तौर पर चयन किया गया है. उत्तराखंड के इस क्रिकेटर का कूच बिहार ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन की वजह से राष्ट्रीय अंडर-19 टीम में पहली बार चयन हुआ है. उनके लिए यह वर्ल्ड कप अनुभव दिलाने वाला है.

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