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टीम इंडिया से कई परेशान करने वाले सवाल कर रही है श्रीलंका से जीती यह सीरीज

भारत को जनवरी में साउथ अफ्रीका के दौरे पर जाना है, उससे पहले भारत को अपनी कमियां पर काम करने की जरूरत है

Jasvinder Sidhu Updated On: Dec 07, 2017 04:50 PM IST

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टीम इंडिया से कई परेशान करने वाले सवाल कर रही है श्रीलंका से जीती यह सीरीज

छह शतक और एक दोहरा शतक बना हो और विपक्षी टीम किसी भी लिहाज से मुकाबले में न हो, ऐसी सीरीज की जीत का जश्न होना ही चाहिए. लेकिन यह सीरीज ऐसे समय में हुई है जब टीम को अपने दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाना है. ठीक इससे पहले भारतीय टीम का यह प्रदर्शन प्रभावित तो करता है पर साथ ही कई सवाल भी जेहन में आते हैं जो इस कामयाबी में कहीं गुम हुए दिखाई देते हैं. हमें उन सवालों पर नजर जरूर डालनी चाहिए.

क्या गेंदबाज 20 विकेट ले पाएंगे!

कोटला टेस्ट मैच में क्या हुआ सभी ने देखा. भारतीय गेंदबाजों के अनुकूल पिच होने के बावजूद तेज गेंदबाज और स्टार स्पिनर श्रीलंका के बीस विकेट हासिल करने में नाकाम रहे. विदेश में वही टीम जीतने या खुद को हार से बचाने के बारे में सोच सकती है जिसके गेंदबाज दोनों पारियों में मेजबानों के 20  विकेट हासिल कर सके.

कोटला में टीम इंडिया ने ड्रॉ मैच नहीं खेला, बल्कि यह एक तरह से उसकी हार है, क्योंकि इस पिच पर न स्पिनर और न ही तेज गेंदबाज श्रीलंका की लड़खड़ाती बल्लेबाजी को ढेर कर पाने में  नाकाम रहे.

जाहिर है कि साउथ अफ्रीका में  रविंदर जडेजा और आर अश्विन से यह कारनामा करने की उम्मीद नहीं की  जा सकती. ऐसे में तेज गेंदबाजों की काबिलियत की कड़ी परीक्षा होने वाली है.

रहाणे एक बड़ा सवाल

सबसे बड़ा सवाल है कि हाल के सालों में एशिया से बाहर की पिचों पर रन बनाने वाला भरोसेमंद बल्लेबाज कौन रहा है! यकीनी तौर पर अंजिक्य रहाणे का नाम सबसे ऊपर ही रहेगा. रहाणे ने 2013 में भारतीय टीम में आने के बाद से 43 टेस्ट मैच खेले हैं और उनमें से 24 टेस्ट वह विदेश में खेल चुके हैं.

घर पर उनकी बल्लेबाजी का औसत 44.15 रहा है जबकि बाहर उन्होंने 53.44 की औसत से रन  बनाए हैं. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी ही पिचों पर पर शतक बनाए हैं जबकि 2013 में वह डरबन टेस्ट में महज चार रन से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपनी सेंचुरी बनाने से चूके थे.

विदेश  में खेले गए पिछले दस टेस्ट मैचों में रहाणे के तीन शतक और दो अर्धशतक हैं. रहाणे के नाम नौ शतक हैं और इनमें छह विदेश में बने हैं. लेकिन इस सीरीज की पांच पारियों में रहाणे महज 84 गेंद ही खेल पाए हैं, जिनमें 3 की औसत से महज 17 रन हैं.

टीम का सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बैटिंग के लिए उपयुक्त अपनी ही पिचों पर फेल हो गया और इसके लिए टीम प्रबंधन को चिंता करनी चाहिए. इस पर जल्द ही काम किए जाने की जरूरत है कि आखिर दिक्कत कहां है. इस चिंता की वजह यह है कि विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा के बाद रहाणे ही ऐसे बल्लेबाज हैं जिनसे विदेशी पिचों पर भरोसा किया जा सकता है.

बेशक रहाणे ऐसे बल्लेबाज नहीं हैं कि वह इस स्थिति ने उबर न पाएं. लेकिन फिर भी साउथ अफ्रीका के दौरे से पहले रहाणे के खेल पर बल्लेबाजी कोच को काम करना चाहिए.

स्लिप पर फिसलन

दक्षिण अफ्रीका जैसी पिचों पर जहां गेंद सीने की ऊंचाई तक आती है, स्लिप के फील्डर्स या विकेटकीपर का कैच टपका देना मैच का फैसला कर सकता है.

श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में, खासकर कोटला टेस्ट में, स्लिप पर आसान कैच छूटे हैं. रोहित शर्मा और कप्तान विराट के हाथों से गेंद निकली. विकेटकीपर से भी गलती हुई है लेकिन विदेश में ऐसी कमी पूरी टीम को डुबो देगी.

कप्तान को तय करना चाहिए उसके कौन से खिलाड़ी स्लिप के लिए उपयुक्त हैं. बार-बार नया फील्डर लाने से यह समस्या निपटने वाली नहीं है. जाहिर है कि बैटिंग, बॉलिंग व फील्डिंग कोच के लिए साउथ अफ्रीका में कई सवाल इंतजार कर रहे हैं.

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