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हालात न संभले तो हाथ से ‘स्लिप’ होगा साउथ अफ्रीका से सीरीज जीतने का सपना

साउथ अफ्रीका से ठीक पहले श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में आठ कैच छूटे जिसमें से सात स्लिप के फील्डर्स के हाथों गिरे, साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में यह गलती भारी पड़ सकती है

Jasvinder Sidhu Jasvinder Sidhu Updated On: Jan 04, 2018 01:24 PM IST

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हालात न संभले तो हाथ से ‘स्लिप’ होगा साउथ अफ्रीका से सीरीज जीतने का सपना

अभी ज्यादा दिन की बात नहीं हैं. दिल्ली टेस्ट मैच में श्रीलंकाई क्रिकेटरों के चेहरों पर पॉल्यूशन मास्क के पीछे इंडिया की एक बड़ी कमजोरी को चुपचाप छुपने का मौका मिल गया. पहली पारी में एंजेलो मैथ्यूज अपने शतक के महज दो रन दूर थे, जब कप्तान विराट कोहली ने दूसरी नई गेंद लेने का फैसला किया.

इशांत शर्मा के ओवर की पहली ही बॉल मैथ्यूज के बल्ले को चूमती हुई सेकंड स्लिप पर रोहित शर्मा के दोनों हाथों से मुठ्ठी से रेत की तरह निकल गई. ये सब उस समय हुआ, जब टीम के स्पेशलिस्ट स्लिप फील्डर अजिंक्य राहणे मैदान के किसी दूसरे हिस्से में गेंद का इंतजार कर रहे थे.

2015 में गॉल टेस्ट में राहणे के नाम एक टेस्ट मैच में सबसे अधिक आठ कैच लेने को रिकॉर्ड है. खैर, वह कैच छूटा. नया फील्डर स्लिप पर आया. कप्तान विराट कोहली, शिखर धवन, चेतेश्वर पुजारा और आखिर में रहाणे भी दिखाई दिए.

कोहली और धवन ने भी स्लिप पर आसान कैच टपका दिए जैसे कोई बच्चा अपना खिलौना गिराता है. साउथ अफ्रीका से ठीक पहले खेले गए उस टेस्ट में आठ कैच छूटे जिसमें से सात स्लिप के फील्डर्स के हाथों गिरे. हर बार कैच छूटने पर कप्तान को लगता था कि नया फील्डर लाना चाहिए.

लेकिन साउथ अफ्रीका में यह सब नहीं चलेगा और स्लिप में कैच छूटने का मतलब है कि आप किसी भी तरह से मैच नहीं जीत सकते. भारत दक्षिण अफ्रीका में कभी टेस्ट सीरीज नहीं जीता है.

तीन मैचों की इस सीरीज में कुकाबुरा गेंद का इस्तेमाल होना है और यह गेंद पहले 20-25 ओवर तेज गेंदबाजों की गुलाम रहती हैं. हरी और बाउंसी पिचों पर बल्ले के किनारों को छूने के बाद एज गोली की स्पीड पर स्लिप की तरफ ही जाते हैं. यह शुरुआती ओवरों का खेल होता है, लिहाजा इस दौरान टीम के टॉप बल्लेबाज ही क्रीज पर होते हैं. जाहिर है कि उनके कैच छूटने के बाद कोहली मैच जीतने, बचाने या सिर्फ ड्रॉ से बच जाने के बारे में नहीं सोच सकते.

Bengaluru : Indian cricketer Ajinkiya Rahane dives to catch the ball as team mates R Ashwin and Ishant Sharma look on during a practice session ahead of the 2nd test match against Australia at Chinnaswamy stadium in Bengaluru on Friday. PTI Photo by Shailendra Bhojak (PTI3_3_2017_000081B)

असल में 2012 में राहुल द्रविड़ के संन्यास लेने और 2013 में सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद से इस बात पर बहस हो रही है कि भविष्य में उनकी जगह कौन लेगा! पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण को भी जोड़ा जा सकता है.

असल में कप्तान विराट कोहली और हैड कोच रवि शास्त्री को तुरंत इस गंभीर कमजोरी पर काम शुरू करना पड़ेगा. इस समय स्लिप पर सचिन, द्रविड़, लक्ष्मण या वीरेंद्र सहवाग जैसे स्पेशलिस्ट फील्डर का होना जरूरी है.

कप्तान हर बार कैच छूटने या मिसफील्डिंग होने के बाद वहां पर एक नया फील्डर खड़ा करता है तो समझ लेना चाहिए कि टीम के लिए यह एक गंभीर मसला है.

साउथ अफ्रीका की पिचों पर स्विंग एक चुनौती है तो बल्लेबाज के ठीक सामने गिरने का बाद उठ कर तेजी से छाती की ऊंचाई तक आने वाली गेंद मैच के परिणाम तय करती है. ऐसे में फील्डिंग करने वाली टीम अपने स्लिप पर कैच छोड़ने की गलती करने की स्थिति में नहीं है.

यह सही है कि इन पिचों पर भारतीय बल्लेबाजी की परीक्षा होनी है लेकिन अतिरिक्त नंबर लेकर सौ फीसदी अंकों से पास होने के लिए स्लिप पर कैच पकड़ने ही होंगे. हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए लगता नहीं कि इस समस्या का जल्दी कोई हल निकलने वाला है.

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