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भारत बनाम साउथ अफ्रीका, पहला वनडे: क्या आखिरी टेस्ट में मिली जीत का सिलसिला वनडे में भी रहेगा बरकरार!

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच छह वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार को डरबन में खेला जाएगा

FP Staff Updated On: Jan 31, 2018 08:23 PM IST

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भारत बनाम साउथ अफ्रीका, पहला वनडे: क्या आखिरी टेस्ट में मिली जीत का सिलसिला वनडे में भी रहेगा बरकरार!

साउथ अफ्रीका के दौरे पर पहले दो टेस्ट में हार के बाद टीम इंडिया ने तीसरा टेस्ट जीतकर अपनी लय और हौसला हासिल कर लिया है और अब बारी वनडे सीरीज की है. दोनो टीमों के बीच छह वनडे मुकाबलों की सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार को डरबन में खेला जाएगा.

पिछले करीब दो साल में कोई बाइलेटरल सीरीज ना हारने वाली टीम इंडिया की असली परीक्षा इस सीरीज में ही होगी. यही सीरीज अब अगले वर्ल्डकप के ल्ि टीम की ताकत की आजमाइश का पहला मैदान बनने वाली है. पिछले दो साल में भारत ने भारत वनडे रिकार्ड बेहद शानदार रहा है. उसने जनवरी 2016 में आस्ट्रेलिया से 1-4 से सीरीज गंवाने के बाद एक भी बाइलेटरल सीरीज नहीं गंवायी है. इस बीच उसने जिम्बाब्वे, न्यूजीलैंड (दो बार), इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका (दो बार) ओर आस्ट्रेलिया को हराया. इस दौरान भारत ने बाइलेटरल सीरीज के 32 में से 24 मैच जीते है लेकिन साउथ अफ्रीका की धरती की बात अलग है.

आंकड़े और इतिहास नहीं हैं भारत के साथ

भारत को इससे पहले यहां खेली गई चार बाइलेटरल सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है . उसने दो बार यहां ट्राइंगुलर सीरीज में भी हिस्सा लिया जिसमें तीसरी टीम जिम्बाब्वे और कीनिया थीं लेकिन तब भी साउथ अफ्रीका ही चैंपियन बना था.

भारत का साउथ अफ्रीका में बाइलेटरल सीरीज में रिकार्ड अच्छा नहीं है. भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ उसकी सरजमीं पर 28 मैच खेले है जिनमें से केवल पांच में उसे जीत मिली है और 21 मैच भारत ने गंवाए हैं. डरबन में कभी नहीं मिली जीत

इस सीरीज का आगाज डरबन के किंग्समीड मैदान में हो रहा है . यह वह मैदान है जहां भारत को अब तक कभी भी मेजबान टीम को हराने में कामयाबी नहीं मिल सकी है. साल 1992-93 के भारत के साउथ अफ्रीका दौरे से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच कुल सात मैच खेले हैं उनमें से छह में उसे हार मिली जबकि एक का परिणाम नहीं निकला. भारत ने हालांकि 2003 विश्व कप के दौरान यहां इंग्लैंड और कीनिया को हराया था.

आखिरी बार भारत ने इस मैदान पर साल 2013 में वनडे मुकाबला खेला था जहां मेजबान टीम ने उसे 134 रन से बड़ी मात दी थी. साल 2006 में भारत की टीम यहां महज 91 रन पर आउट हो गई थी जो इस मैदान पर अबतक का सबसे कम स्कोर है जबकि अधिकतम स्कोर का रिकॉर्ड मेजाबान टीम के पास है जिसने साल 2016 में 372 रन बनाए थे. यानी टीम इंडिया के सामने डरबन के इतिहास को भी बदलने की चुनौती होगी.

रैंकिंग भी है दांव पर

टेस्ट में नंबर एक के पायदान पर काबिज भारतीय टीम के पास इस सीरीज को जीतकर वनडे रैंकिंग में भी नंबर एक सिंहासन हासिल करने का मौका है. अगर भारत यह सीरीज 4-2 से जीतता है तो साउथ अफ्रीका को वनडे में नंबर वन की कुर्सी से धकेलकर यह पोजिशन हासिल कर सकता है. दोनों टीमों के बीच अभी केवल दो रेटिंग अंकों का अंतर है.

बहरहाल अब देखना होगा कि क्या कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया वह इतिहास कायम कर पाएगी जो अब किसी भी भारतीय टीम ने नहीं बनाया.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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