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IND vs ENG: सिर्फ मजबूत पार्टनरशिप ही घाटे से उबार सकती है टीम इंडिया को

खुद मेजबान पहले दो टेस्ट मैच डगमगाने के बाद बनी बड़ी साझेदारियों की बदौलत ही जीते हैं

Updated On: Aug 29, 2018 11:44 AM IST

Jasvinder Sidhu Jasvinder Sidhu

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IND vs ENG: सिर्फ मजबूत पार्टनरशिप ही घाटे से उबार सकती है टीम इंडिया को

नॉटिंघम टेस्ट मैच में जीत के बाद भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा कि मौजूदा तेज गेंदबाजों की पलटन अब तक की श्रेष्ठ पेस बॉलिंग यूनिट है. इंग्लैंड दौरे के पहले तीन टेस्ट मैचों में विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने इंग्लैंड के 46 विकेट हासिल किए हैं. उनमें 38 तेज गेंदबाजों ने लिए हैं.

कोई शक है ही नहीं कि तेज गेंदबाजों ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को उनकी ही पिचों पर हैरान किया है. लेकिन 30 अगस्त से साउथहैम्पटन में शुरू होने वाले चौथे टेस्ट मैच में सिर्फ तेज गेंदबाजी भारतीय टीम की जीत की गारंटी नहीं कही जा सकती. क्रिकेट के लिहाज से देखें तो भारतीय तेज गेंदबाजों ने पहले मुकाबले से इस सीरीज पर जबरदस्त असर डाला है. हालांकि इसके बावजूद टीम इंडिया सीरीज में 1-2 से पिछड़ी हुई है. यह भी सही है कि नॉटिघंम के तीसरे टेस्ट मैच में जबरदस्त जीत हासिल की और उम्मीद जगाई कि बाकी बचे दो मैचों में वह फिर से ऐसा कारनामा करने में सफल रहेगी.

BIRMINGHAM: India's Ishant Sharma, without cap, celebrates with teammates the dismissal of England's Ben Stokes during the third day of the first test cricket match between England and India at Edgbaston in Birmingham, England, Friday, Aug. 3, 2018. AP/PTI(AP8_3_2018_000149B)

यकीनन वह बाकी दो मैचों में वापसी कर सकती है. तेज गेंदबाज अपनी पूरी लय में टीम को अपना पूरा योगदान दे रहे हैं. लेकिन सीरीज के बाकी के दो मैचों में अहम मौकों पर बड़ी साझेदारियां ही सीरीज में टीम इंडिया का भविष्य तय करने वाली हैं. बेशक नॉटिंघम में तेज गेंदबाजों ने जीत का रास्ता तैयार किया मगर पहली पारी में ओपनरों के बीच 60 रन के बाद दोनों पारियों में तीसरे-चौथे नंबर पर बनी सौ रन से भी ज्यादा की साझेदारियों से भारत ने मैच का रुख अपनी ओर मोड़ा था.

नॉटिंघम में पहली पारी में ओपनर शिखर धवन और केएल राहुल ने 60 टीम को दिए. फिर भी एक मौके पर टीम का स्कोर 3 विकेट पर 82 रन था. इसके बावजूद चौथे विकेट के लिए कप्तान विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे के बीच 159 रन की पार्टनरशिप ने टीम को मैच में ला खड़ा किया, जबकि दूसरी पारी में कोहली और चेतेश्वर पुजारा के बीच दूसरे विकेट के लिए 113 रन मैच को अपने पक्ष में लाने में अहम साबित हुए. खुद मेजबान पहले दो टेस्ट मैच डगमगाने के बाद बनी बड़ी साझेदारियों की बदौलत ही जीते हैं. बर्मिंघम की पहली पारी में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ओपनर जेनिंग्स और जॉनी बेयरस्टो के साथ तीसरे व चोथे विकेट के लिए 72 और 104 रन की पार्टनरशिप कर गए.

Cricket - England v India - First Test - Edgbaston, Birmingham, Britain - August 3, 2018 England's Sam Curran celebrates with Stuart Broad after reaching a half century Action Images via Reuters/Andrew Boyers - RC1B602019D0

दूसरी पारी में इंग्लैंड की सात विकेट पर 87 रन के कारण हालत पतली थी. लेकिन युवा बल्लेबाज सैम करन निचले क्रम के बल्लेबाज आदिल रशीद और स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ 48 और 41 रन की साझेदारी करने में सफल रहे. दूसरी पारी में 180 का स्कोर होने का बावजूद इंग्लैंड वह मैच जीता. लॉर्डस टेस्ट में इंग्लैंड के 131 पर पांच बल्लेवाज ड्रेसिंग रूम में थे. उसके बाद बेयरस्टो और क्रिस वॉक्स के बीच छठे विकेट के लिए सीरीज की अब तक की सबसे बड़ी 189 रन की पार्टरनशिप के बाद इंग्लैंड का दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने की जरूरत ही नहीं पड़ी.

इस अहम टेस्ट से पहले अच्छा संकेत यह है कि अभी तक हुई 100 रन से ज्यादा की चार साझेदारियों में दो भारत की तरफ से बनी हैं. और यह दोनों नॉटिंघम टेस्ट में हुईं. साफ है कि पांच मैचों की सीरीज में एक मुकाबले के घाटे से उबर कर बराबरी पर आने के लिए टीम इंडिया की सबसे बड़ी जरूरत ओपनरों की अच्छी शुरुआत के बाद ऊपरी और मध्यक्रम में दो-तीन बड़ी साझेदारियां ही रहेंगी. इसके बिना टीम इंडिया का चौथे टेस्ट में बेड़ा पार लगना मुश्किल भरा होगा.

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