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वॉ और पॉन्टिंग की टीमों की याद दिलाती है ये टीम इंडिया

इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट की सीरीज जीत में क्या खास किया टीम इंडिया ने

Updated On: Dec 21, 2016 05:26 PM IST

Jigar Mehta

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वॉ और पॉन्टिंग की टीमों की याद दिलाती है ये टीम इंडिया

चेन्नई टेस्ट के आखिरी दिन जडेजा की गेंद पर करुण नायर ने इंग्लैंड के आखिरी बल्लेबाज जैक बॉल का कैच लिया. कैच पकड़ते ही जडेजा और करुण नायक स्टम्प लेने के लिए दौड़े. टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले दोनों ही खिलाड़ी इस पल को यादगार बनाने चाहते थे.

विराट कोहली के हाथ में भी स्टम्प था. हर भारतीय खिलाड़ी के चेहरे पर खुशी थी और हर कोई जीत की बधाई एक दूसरे खिलाड़ी को दे रहे थे. ये जीत खास थी, खास इसलिए क्योंकि इस जीत में सभी खिलाड़ियों का योगदान था. सभी खिलाड़ियों ने इसके लिए कड़ी मेहनत की थी.

चेन्नई टेस्ट के पांचवें दिन लंच तक इंग्लैंड का कोई विकेट नहीं गिरा था. और मैच ड्रॉ की तरफ बढ़ता दिख रहा था. लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने हिम्मत नहीं हारी और ना ही जीत का जज्बा खोया. सभी खिलाड़ी सीरीज को 4-0 से जीतना चाहते थे. पांचवें दिन पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी लेकिन उसके बावजूद इंग्लैंड के बल्लेबाज दबाव में आ गए.

सीरीज का अंतिम सेशन दिखाता है कि भारतीय टीम सीरीज जीतने के लिए कितनी बेताब है. पूरी सीरीज में ही भारतीय खिलाड़ियों ने जीत के बारे में सोचा. विराट कोहली की ये भारतीय टीम 1990 की स्टीव वॉ और 2000 की रिकी पोटिंग की टीम की याद दिलाती है, जो जीत के लिए अपनी पूरी जान लगा देते थे.

सीरीज में चार बार भारत ने हारा टॉस

इस सीरीज में भारत ने पांच मैचों में से 4 मैचों में टॉस गंवा दिया. पिच में ज्यादा स्पिन भी नहीं था. लेकिन भरतीय स्पिनर्स ने अपनी काबिलियत दिखाई, तेज गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया. बल्लेबाजों ने भी जिम्मेदारी बखूबी निभाई. भारतीय टीम ने 4 मैचों में से 2 मैच पारी के अंतर से जीते. दोनों ही मैचों की पहली पारी में विरोधी टीम ने 400 से ज्यादा का स्कोर खड़ा किया. क्या अब भी कोई शक है कि भारत दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम है.

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मुंबई टेस्ट जीतकर में सीरीज पर कब्जा जमाने के बाद कप्तान कोहली ने कहा था कि अगर आप नंबर वन टीम हो तो आपको जीत की आदत बनानी होगी. वही इस सीरीज में टीम इंडिया ने किया.

राजकोट टेस्ट में भारत पर था दबाव

राजकोट टेस्ट में भारतीय टीम दबाव में थी. विशाखापत्तनम में भारत ने वापसी की कला दिखाई. मोहली में उन्होंने कभी हार ना मानने का जज्बा दिखाया. मुंबई में भारतीय टीम की जीत की भूख दिखी तो चेन्नई में विरोधी को ढील ना देने की काबिलियत.

राजकोट में हुए पहले टेस्ट में भारतीय टीम दबाव में थी. पहली पारी में इंग्लैंड ने 500 से ऊपर का स्कोर खड़ा कर दिया. और मैच के आखिरी दिन भारतीय टीम 71 रन पर 4 विकेट गंवा कर मुश्किल में थी, लेकिन भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कप्तानी पारी खेलते हुए मैच ड्रॉ करवा दिया.

मैच के बाद कोहली ने कहा कि हमे पता है कि मैच को कैसे बचाया जाता है. 49 रन की नाबाद पारी खेलने के बाद कोहली ने कहा कि मुश्किल चुनौती में मैच कैसे बचाया जाता है वह भी हमने सीखा. इंडिया के लगातार पांच मैच जीतने का क्रम टूट गया. जीत के क्रम को बरकरार रखना बड़ा मुश्किल होता है.

विशाखापत्तनम में भारत ने की वापसी

विशाखापत्तम में भारतीय टीम ने वापसी की काबिलियत दिखाई. पहली पारी में 200 रन की बढ़त लेने के बाद भारत दूसरी पारी में थोड़ा लड़खड़ाया. लेकिन कोहली की 81 रन की पारी की बदौलत भारत वापसी करने में सफल रहा. उसके बाद हमीद और कुक की धीमी साझेदारी के बाद भी विरोधी टीम पर दबाव बनाए रखा. उसके बाद जडेजा और अश्विन की जोड़ी ने बाकी कसर पूरी करते हुए भारत को सीरीज में 1-0 से आगे कर दिया.

मोहाली में फिर से दर्ज की जीत

मोहली टेस्ट में जीत का क्रम बरकरार रखने की चुनौती थी. तीसरे टेस्ट में भारतीय टीम फिर टॉस हारी. लेकिन भारतीय तेज गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेहमान टीम की पहली पारी को 283 रन पर समेट दिया. 283 रन का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने एक समय 204 रन पर 6 गंवा दिये थे. लेकिन अश्विन, जडेजा और जयंत की तिकड़ी ने 217 रन जोड़ते हुए मेहमान टीम की वापसी की उम्मीद को तोड़ दिया. इन तीनों की मदद से भारतीय टीम 134 रन की बढ़त लेने में कामयाब रहा. उससे बाद इस तिकड़ी ने गेंदबाजी में भी हाथ दिखाते हुए दूसरी पारी में इंग्लैंड के 7 बल्लेबाजों को शिकार किये. उसके बाद भारत ने 8 विकेट से जीत हासिल कर सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली.

Mumbai: India bowler Jayant Yadav and players celebrate Joe Root's wicket on the fourth day of the fourth Test match against England in Mumbai on Sunday. PTI Photo by Santosh Hirlekar(PTI12_11_2016_000140B)

इंग्लैंड की इस हार के साथ पिच पर बातें फिर से शुरू हो गई. लेकिन भारतीय कप्तान ने कहा कि मैं पिच के बारे में ज्यादा नहीं बोलूंगा. हम एक टीम के रूप में एकजुट है और अच्छा क्रिकेट खेल रहे है. हम भी दबाव में आए लेकिन हमने वापसी की.

मुंबई टेस्ट में सीरीज पर किया कब्जा

मुंबई टेस्ट में सीरीज जीतने का मौका था. आप विरोधी टीम को वापसी का मौका नहीं दे सकते. वैसे भी इंग्लैंड ने वानखेडे में अपने पिछले दोनों टेस्ट मैच जीते थे. इंग्लैंड ने फिर टॉस जीतकर 400 रन का स्कोर खड़ा कर दिया. भारत ने कोहली और जयंत की 241 रन की साझेदारी की बदौलत इंग्लैंड को जवाब दिया. इन दोनों ने इंग्लैंड को मैच से बाहर कर दिया.

मैच के बाद कोहली ने कहा कि जब इंग्लैंड ने 400 रन का स्कोर बनाया तो हमने बढ़त के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा था. हमने यही सोचा कि 40-50 रन की लीड अच्छी होगी. लेकिन हमें 231 रन की लीड मिली. कोहली ने कहा कि अगर आप टीम के जरूरत के हिसाब से खेलते हो तो उससे टीम को बहुत मदद मिलती है.

चेन्नई टेस्ट में बिखरी इंग्लैंड की टीम

चेन्नई में हुए पांचवें टेस्ट में कोहली फिर से टॉस हार गए. इंग्लैंड ने 477 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया. इंग्लैंड ये मैच अपनी साख बचाने के लिए खेल रहा था. लेकिन उसके प्रदर्शन में ऐसा कुछ नहीं दिखा.

दूसरी पारी में इंग्लैंड यह मैच आसानी से ड्रॉ करा सकता था, लेकिन दबाव में इंग्लैंड की पारी बिखर गई. सबसे बड़ी बात इस मैच में विराट कोहली और आर अश्विन फेल रहे. लेकिन भारत के युवा खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी से दिखाई.

Chennai: India's captain Virat Kohli celebrating the victory over England in the fifth cricket test match at MAC Stadium in Chennai on Tuesday. India won the match by an innings and 75 runs. PTI Photo by R Senthil Kumar (PTI12_20_2016_000177B)

पांच मैचों की सीरीज में इंग्लैंड को अच्छी पिच मिली. भारत ने टॉस हारकर 4 बार 400 रन से ऊपर का स्कोर बनाया. इस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजो की बैटिंग औसत 48.23 की रही तो वहीं इंग्लैंड की औसत केवल 31.08 की रही. वहीं भारती स्पिनर्स की औसत 32.21 की रही तो वहीं इंग्लैंड के स्पिनर्स की औसत 48.10 की रही. इंग्लैंड के स्पिनर्स ने सीरीज में एक बार भी पारी में 5 विकेट नहीं लिए. तेज गेंदबाजी में भी भारतीय गेंदबाज की औसत मेहमान टीम के गेंदबाजो से अच्छी रही. भारतीय तेज गेंदबाजों की औसत जहां 37.95 की रही तो इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की औसत 50.95 की रही. इंग्लैंड की टीम इस सीरीज में हर विभाग में भारतीय टीम से पिछड़ती रही.

भारतीय टीम की जीत में पूरी टीम का योगदान था. भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल भी काफी अच्छा है. हर खिलाड़ी अपने साथी की सफलता को देखकर भी खुश है. सीरीज जीतने के बाद जश्न मनाने के लिए मोहम्मद शमी, हार्दिक पांड्या और अजिंक्य रहाणे को भी वापस बुलाया गया, ये दिखाता है कि ड्रेसिंग रूम का माहौल कैसा है.

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