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India vs England, 5th Test at Oval : प्रतिष्ठा दांव पर, कुक के विदाई टेस्ट में भारत की नजरें सांत्वना जीत पर

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टेयर कुक का विदाई टेस्ट है, वहीं सीरीज गंवाने से मायूस विराट कोहली की टीम सकारात्मक अंत करना चाहेगी

Updated On: Sep 06, 2018 04:49 PM IST

FP Staff

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India vs England, 5th Test at Oval : प्रतिष्ठा दांव पर, कुक के विदाई टेस्ट में भारत की नजरें सांत्वना जीत पर

इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज में भारत के खिलाफ 3-1 की अजेय बढ़त बना ली है, जिसके कारण शुक्रवार से ओवल में शुरू हो रहा पांचवां और अंतिम टेस्ट मैच महज औपचारिकता बन गया है. लेकिन एक बार फिर सीरीज गंवाने से मायूस विराट कोहली की टीम सकारात्मक अंत करना चाहेगी. भारत के लिए 2-3 का नतीजा 1-4 से कहीं बेहतर होगा और टीम टेस्ट जीत के लिए बेताब है. वहीं, ये इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टेयर कुक का विदाई टेस्ट है. मेजबान टीम मौजूदा दौर के अपने इस सबसे बड़े खिलाड़ी को जीत के साथ विदाई देना चाहेगी.

रवि शास्त्री ने टीम का मनोबल बढ़ाया

मुख्य कोच रवि शास्त्री ने यह कहकर टीम का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया है कि यह पिछले 15 साल में विदेशी दौरों पर जाने वाली यह सर्वश्रेष्ठ टीम है. हालांकि तथ्य इसे साबित नहीं करते. आंकड़े देखें तो सौरव गांगुली की अगुआई में भारत ने इंग्लैंड (2002) और ऑस्ट्रेलिया (2003-04) में सीरीज ड्रॉ करवाई और वेस्टइंडीज में टीम टेस्ट मैच और पाकिस्तान में सीरीज जीतने में सफल रही.

द्रविड़ की टीम ने जीती थीं दो सीरीज

राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में भारत ने वेस्टइंडीज में 2006 और इंग्लैंड में 2007 में सीरीज जीती और साउथ अफ्रीका में भी टीम एक टेस्ट जीतने में सफल रही. अनिल कुंबले की अगुआई में भारत ने पर्थ के उछाल भरे विकेट पर पहली बार टेस्ट जीता, जबकि महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में भारत ने न्यूजीलैंड में सीरीज जीती और पहली बार साउथ अफ्रीका में सीरीज ड्रॉ कराने में सफल रही.

साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में लगातार दो सीरीज गंवाने के बाद विदेशी दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीम का मिथक टूट गया है और टीम इंडिया यह साबित करने में नाकाम रही है कि वे उपमहाद्वीप के बाहर सीरीज जीतने में सक्षम हैं. कोहली की टीम हालांकि 2018 में दोनों विदेशी सीरीज गंवाने के बावजूद अब तक अपनी शीर्ष टेस्ट रैंकिंग बचाने में सफल रही है.

सलामी बल्लेबाजों के विकल्प पर टिकी हैं नजरें

टीम का संयोजन एक बार फिर चर्चा का विषय है. टीम इंडिया सर्वश्रेष्ठ 11 खिलाड़ियों के साथ उतरना चाहेगी, लेकिन प्रयोग की संभावना भी बनी हुई है. टेस्ट टीम में पृथ्वी शॉ को शामिल करने से पता चलता है कि भारतीय चयनकर्ताओं की नजरें सलामी बल्लेबाजों के विकल्प पर टिकी हैं. मुरली विजय के टीम से बाहर होने के बाद चयनकर्ताओं को अपनी योजनाएं जल्द ही पुख्ता करनी होगी क्योंकि टीम दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी.

क्या पृथ्वी शॉ को इस टेस्ट में परखा जाएगा!

कुछ लोगों का मानना है कि पृथ्वी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ परखा जाना चाहिए. अगर वह इस एकमात्र टेस्ट में विफल भी रहता है तो भी 18 साल की उम्र के कारण उसके पास दोबारा आगे बढ़ने का पर्याप्त समय होगा. हालांकि अगर वह सफल रहता है तो ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए सलामी जोड़ी की समस्या का हल निकल सकता है.

बरकरार रह सकती है धवन और राहुल की सलामी जोड़ी

दूसरी तरफ कुछ लोगों का मानना है कि शिखर धवन और लोकेश राहुल की मौजूदा सलामी जोड़ी को बरकरार रखा जाना चाहिए. अगर चयनकर्ताओं की नजरें भविष्य पर हैं तो यह इन दोनों में से एक के पास वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज और स्वदेश में प्रथम श्रेणी सत्र के शुरू होने से पहले प्रभावित करने का अंतिम मौका होगा. शुरुआती संकेत हैं कि पृथ्वी को मौके के लिए कम से कम घरेलू सत्र तक इंतजार करना होगा.

गेंदबाजी संयोजन में भी हो सकता है बदलाव

भारत अपने निचले मध्य क्रम और गेंदबाजी संयोजन में भी बदलाव कर सकता है. हार्दिक पांड्या एक बार फिर बल्ले से नाकाम रहे जिससे टीम प्रबंधन हनुमा विहारी को आजमा सकता है, जो मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने के अलावा प्रभावी स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते हैं. रवींद्र जडेजा को दौरे पर पहला टेस्ट खेलने का मौका मिल सकता है, क्योंकि रविचंद्रन अश्विन ने बुधवार को नेट पर गेंदबाजी नहीं की, जबकि उनकी मूवमेंट में भी समस्या दिख रही थी. टीम प्रबंधन ने पुष्टि नहीं की है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार अश्विन के कूल्हे की मांसपेशियों में जकड़न बढ़ गई है और वह अंतिम टेस्ट में नहीं खेल पाएंगे.

जसप्रीत बुमराह को भी दिया जा सकता है आराम

यूएई में अगले हफ्ते शुरू हो रहे एशिया कप को देखते हुए जसप्रीत बुमराह को भी आराम दिया जा सकता है. बुमराह और शार्दुल ठाकुर भारत की समिति ओवरों की टीम का हिस्सा हैं. उमेश यादव की ऐसे में अंतिम टेस्ट के लिए टीम में वापसी हो सकती है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंतिम बार नजर आएंगे कुक

इंग्लैंड के लिए यह टेस्ट हालांकि भावनात्मक रूप से अहम होगा. उसके सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक एलिस्टेयर कुक अंतिम बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नजर आएंगे और इसके साथ ही श्रीलंका दौरे के लिए टीम की सलामी जोड़ी की तलाश भी शुरू हो जाएगी. कुक के संन्यास की घोषणा के बाद चयनकर्ताओं ने पांचवें टेस्ट की टीम में कोई बदलाव नहीं किया जो दर्शाता है कि चयनकर्ताओं ने दूसरे सलामी बल्लेबाज कीटोन जेनिंग्स पर भरोसा बरकरार रखा है. काम के बोझ को देखते हुए इंग्लैंड जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ड ब्रॉड में से एक को आराम दे सकता है. क्रिस वोक्स दोबारा फिट हो गए हैं और चयन के लिए उपलब्ध हैं.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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