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IND vs ENG 3rd ODI: भारत की नजर मध्‍यक्रम को मजबूत कर लगातार 10वीं सीरीज जीत पर

भारतीय टीम की पिछले मैच में मध्‍यक्रम की कमजोरी उजागर हो गई थी

Updated On: Jul 16, 2018 06:38 PM IST

FP Staff

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IND vs ENG 3rd ODI: भारत की नजर मध्‍यक्रम को मजबूत कर लगातार 10वीं सीरीज जीत पर

पिछले मैच में मध्यक्रम की कमजोरियों के उजागर होने के बाद भारतीय टीम मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले निर्णायक तीसरे और अंतिम वनडे में इन कमियों को दूर करना चाहेगी. इस मैच के जीत के साथ विराट कोहली एंड कंपनी लगातार 10वीं सीरीज भी अपने नाम कर लेगी. नाटिघंम में पहले मैच में आठ विकेट से जीत दर्ज करने के बाद लार्ड्स में टीम को 86 रन की हार झेलनी पड़ी , जिससे दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर आ गई.

लंदन में जीत से इंग्लैंड का आईसीसी रैंकिंग में शीर्ष वनडे टीम के रूप में स्‍थान पक्का हो गया है, वहीं हेडिंग्ले वनडे भारत के लिए जीत अंतर कम करने वाली और एक अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रहेगी. भारत ने इससे पहले टी 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी.

2016 के बाद से सभी वनडे सीरीज में भारत जीता

वहीं द्विपक्षीय वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है. जनवरी 2016 से देखें तो उन्हें ऑस्‍ट्रेलिया में 1-4 से हार का मुंह देखना पड़ा था , लेकिन इसके बाद से उसने हर द्विपक्षीय वनडे सीरीज अपने नाम की है. उसने जिम्बाब्वे , न्यूजीलैंड (दो बार), इंग्लैंड , वेस्टइंडीज , श्रीलंका (दो बार), ऑस्‍ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका घरेलू और उसके मैदान पर पराजित किया. टीम इंडिया के लिए यह इंग्लैंड पर वनडे श्रेष्ठता सुनिश्चित रखने का एक और मौका होगा, क्योंकि भारत ने 2011 के बाद इस प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज नहीं गवाई है. सात साल पहले यहां 0-3 हार के बाद भारत ने दबदबा बरकरार रखा है और 17 मैचों में से 10 में फतह हासिल की है.

 

तेज गेंदबाजों को सुधारनी होगी गलतियां

India's Umesh Yadav celebrates the wicket of England's Jos Buttler for 4 during the second One Day International (ODI) cricket match between England and India, at Lord's Cricket Ground in London on July 14, 2018. / AFP PHOTO / OLLY GREENWOOD / RESTRICTED TO EDITORIAL USE. NO ASSOCIATION WITH DIRECT COMPETITOR OF SPONSOR, PARTNER, OR SUPPLIER OF THE ECB

हालांकि इंग्लैंड का टी 20 के बजाय वनडे में दबदबा मजबूत है. पिछले मुकाबले को देखा जाए तो इसमें भारत की 50 ओवर के प्रारूप की कमजोरी उजागर हुई जो टी 20 क्रिकेट की वजह से कुछ हद तक छुपी रही हैं. भारतीय स्पिनरों की बात करें तो वे पूरे मैच में प्रभावशाली रहे, लेकिन तेज गेंदबाजी आक्रमण में पैनेपन की कमी दिखी , विशेषकर अंतिम ओवरों में. लॉर्ड्स में अंतिम आठ ओवरों में उन्होंने 82 रन लुटाए. जिसमें उमेश यादव , सिद्धार्थ कौल और हार्दिक पंड्या ने छह ओवरों में 62 रन दिए. इससे भारतीय टीम की भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह पर निर्भरता भी दिखी. श्रीलंका और साउथ अफ्रीका के पिछले दौरों पर भुवनेश्वर के प्रदर्शन को देखते हुए भारत को इस वनडे सीरीज में उनकी काफी कमी खल रही है और उनकी फिटनेस या उपलब्धता पर कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है. उन्होंने दूसरे वनडे से पहले लॉर्ड्स पर नेट पर गेंदबाजी भी की और वह उबरने की राह पर हैं, लेकिन यह देखना बाकी है कि उन्हें इस निर्णायक मुकाबले में कौल या उमेश यादव की जगह टीम में शामिल किया जाता है या नहीं.

मध्‍यक्रम के बल्‍लेबाजों पर अधिक जिम्‍मेदारी

पिछले साल अगस्त में पालेकल में भुवनेश्वर ने 237 रन के लक्ष्य के दौरान टीम के 131 रन पर सात विकेट गंवाने पर महेंद्र सिंह धोनी के साथ मिलकर मैच विजयी अर्धशतकीय पारी खेली थी. साउथ अफ्रीका में भी निचले क्रम में उन्होंने अहम योगदान दिया था। उनकी अनुपस्थिति का मतलब होगा कि भारत के पास पुछल्ले खिलाड़ी ज्यादा होंगे, जिससे शीर्ष और मध्यक्रम बल्लेबाजों के कंधों पर और अधिक जिम्मेदारी आ जाएगी. हालांकि मध्यक्रम दबाव के बोझ से घिरा है क्योंकि भारत चौथे नंबर के लिए स्थायी खिलाड़ी नहीं ढूंढ सका है. हालांकि किसी भी सफल वनडे टीम के लिये यह स्थान सबसे ज्यादा अहम होता है और पिछले कुछ समय से भारत इस स्थान के लिये हल ढूंढने में जूझ रहा है. इस सीरीज में लोकेश राहुल ने चौथे नंबर पर वापसी की है. उनकी सबसे बड़ी परीक्षा लार्ड्स पर थी क्योंकि वह पिछले कुछ समय से काफी अच्छी लय में हैं लेकिन वह शून्य पर आउट हो गए.

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